Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

पुस्तक समीक्षा: ''बा'' और शेख बदरेद्दीन का फतहनामा

कस्तूरबा गांधी भारतीय समाज के लिए एक सम्मानजनक नाम है

पुस्तक समीक्षा:
X
बा का जीवन
कस्तूरबा गांधी भारतीय समाज के लिए एक सम्मानजनक नाम है, लेकिन उनके योगदान और जीवन संघर्ष पर इतिहास सहित हमारा वांगमय लगभग चुप है। ऐसे में गिरिराज किशोर का उपन्यास ‘बा’ एक लंबे खालीपन को भरने वाली रचना है। बिना किसी अतिरिक्त भावुकता के उन्होंने कस्तूरबा गांधी की छवि और जीवन संघर्ष को उकेरा है, वह कबिले तारीफ है। यहां बा एक गृहिणी हैं, सहयोगीनी हंै और अकुंठ और गरिमामय ऐतिहासिक हस्ती हैं। इस किताब से गुजरते हुए महसूस होता है कि उनका व्यक्तित्व एवम योगदान किस तरह हमारे इतिहास का पूरक है। सिर्फ कस्तूरबा ही नहीं, महात्मा गांधी की भी बेहतर समझ यह उपन्यास देता है।
(राजीव कुमार)
पुस्तक-बा
लेखक- गिरिराज किशोर
मूल्य- 250 रुपए
प्रकाशक- राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली
विश्व कविता का आस्वाद
नाजिम हिकमत दुनिया भर में पढ़े और पसंद किए जाते हैं। तुर्की में जन्मे हिकमत एक साथ कवि, नाटककार, उपन्यासकार और पटकथा लेखक भी थे। उनकी प्रसिद्ध लंबी कविता एपिक ऑफ शेख बदरेद्दीन का हिंदी अनुवाद ‘शेख बदरेद्दीन का फतहनामा’ शीर्षक से प्रकाशित हुआ है। इस महाकाव्यात्मक कविता की चर्चा विश्व साहित्य में होती रही है लेकिन हिंदी में पहली बार इस कविता को कवि-अनुवादक दिगंबर ने प्रस्तुत किया है। दिगंबर ने इस लंबी और एक साथ गद्य-पद्य में लिखी गई इस रचना का प्रांजल अनुवाद किया है।
(पल्लव)
पुस्तक-शेख बदरेद्दीन का फतहनामा
लेखक-नाजिम हिकमत
अनुवाद- दिगंबर
मूल्य- 30 रुपए
प्रकाशक- संभव प्रकाशन, कैथल
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलोकरें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story
Top