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सिद्धू का पाक प्रेम / कैप्टन से कुछ सीख लें नवजोत सिंह

पाकिस्तान के प्रति पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री और पूर्व क्रिकेटर खिलाड़ी नवजोत सिंह सिद्धू का प्रेम-अनुराग आश्चर्यचकित करने वाला है।

सिद्धू का पाक प्रेम / कैप्टन से कुछ सीख लें नवजोत सिंह
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पाकिस्तान के प्रति पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री और पूर्व क्रिकेटर खिलाड़ी नवजोत सिंह सिद्धू का प्रेम-अनुराग आश्चर्यचकित करने वाला है। सितंबर में पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर इमरान खान ने जब वहां के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, तब उन्होंने तीन समकालीन क्रिकेटर को आमंत्रित किया था। ये थे सुनील गावस्कर, कपिल देव और नवजोत सिंह सिद्धू।

दोनों देशों के बीच सीमा पार के आतंकवाद और कश्मीर मुद्दे को लेकर जिस तरह के हालात चल रहे हैं, उन्हें देखते हुए गावस्कर और कपिल देव ने वहां जाने के बारे में सोचा तक नहीं, लेकिन कश्मीर में लगातार घुसपैठ, सेना पर पत्थरबाजी और भारतीय सैनिकों के शहीद होने की घटनाओं के बावजूद सिद्धू न केवल शपथ ग्रहण में शामिल होने के लिए पाकिस्तान गए,

बल्कि समारोह में पाक सेना प्रमुख जनरल कमर बाजवा से गले मिलते हुए भी दिखाई। यही नहीं, वह पाक अधिकृत कश्मीर के कथित राष्ट्रपति के पास वाली कुर्सी पर बैठाए गए, जिसे लकर भारत में सवाल भी खड़े हुए। सिद्धू स्वदेश लौटे तो उन्हें तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। यहां लौटने के बाद भी उनकी बयानबाजी निरंतर जारी रही।

वह पाक सेना प्रुण और पाक प्रधानमंत्री की तारीफें करते रहे। सिद्धू ने कहा कि सेना प्रमुख बाजवा गुरू नानकदेव के 550वें प्रकाशोत्व पर करतारपुर कोरिडोर खोलने की बात कर रहे थे। अब जबकि मोदी सरकार ने इस कोरिडोर को मंजूरी दे दी है, तब भी सिद्धू ने इसका कुछ इस अंदाज में श्रेय लेने की कोशिश की है, मानो उन्हीं के प्रयासों से करतारपुर कोरिडोर बन रहा है।

यहां यह बता दें कि सिखों के गुरू नानकदेव ने करतारपुर में अपने जीवन के अठारह साल बिताए थे, जो अब पाकिस्तान की सीमा पर पड़ता है। सिख लंबे समय से यह मांग करते आ रहे हैं कि करतारपुर तक एक कोरिडोर बनाकर उन्हें वहां तक आने-जाने की छूट दी जाए। अब जबकि यह मसला सिरे चढ़ता हुआ नजर आ रहा है, तब सिद्धू इसके लिए अपनी पीठ थपथपाए जा रहे हैं।

दिलचस्प तथ्य यह है कि पिछले दिनों पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिले थे, उन्होंने करतारपुर कोरिडोर पर बात की थी। पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल और उनकी पत्नी, केन्द्रीय मंत्री हरसिमरत कौर भी प्रधानमंत्री से इसी विषय पर आग्रह कर चुके हैं।

पाकिस्तान अठाईस नवंबर को अपने हिस्से के कोरिडोर का शिलान्यास समारोह कर रहा है। वहां के प्रधानमंत्री इमरान खान शिलान्यास करने वाले हैं। भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह सहित कई नेताओं को इस समारोह में शामिल होने का निमंत्रण मिला है।

इनमें पाक प्रधानमंत्री इमरान खान और वहां के सेना प्रमुख जनरल बाजवा के पसंदीदा नवजोत सिद्धू भी हैं। जब से उन्हें पाक विदेश मंत्री शाह कसूरी का पत्र मिला है, वह खुशी का इजहार कर रहे हैं। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज नहीं जा रही हैं। उनकी तरफ से दो केन्द्रीय मंत्री हरसिमरत कौर और हरदेव पुरी वहां जाएंगे।

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने भी यह कहते हुए वहां जाने से इंकार कर दिया है कि पाकिस्तान पंजाब में आतंकी वारदातें करवा रहा है और कश्मीर में हमारे सैनिक मारे जा रहे हैं, लिहाजा वह वहां नहीं जाएंगे, लेकिन लगता है कि सिद्धू पर इन घटनाओं का कोई असर नहीं पड़ रहा है। केन्द्र सरकार के मंत्री वहां जा रहे हैं तो सिद्धू भी इसका श्रेय लेने के लिए वहां जाने को खासे उतावले हैं।

हालांकि सिद्धू काफी समय से राजनीति में हैं। उनका बहुत अरसा भाजपा में गुजरा है परंतु भारत-पाक रिश्तों की पेचीदकीयों और घटनाओं को बिना समझे, इस तरह का उत्साह दिखाना उन्हें भारी भी पड़ सकता है।

आमतौर पर पंजाब हरियाणा और देश के दूसरे हिस्सों नागरिक भी पाकिस्तान हुक्मरानों के प्रति इस तरह के प्रेम और अनुराग को पसंद नहीं करते हैं। अच्छा होगा कि सिद्धू अपने मुख्यमंत्री से ही कुछ सीख लें और सोच समझकर फैसला लें।

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