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क्रिकेट से फिक्सिंग की गंदगी दूर होनी चाहिए

शुरुआती जांच में चेन्नई सुपरकिंग्स के अधिकारी व बीसीसीआई प्रमुख श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मयप्पन का नाम सामने आया था।

क्रिकेट से फिक्सिंग की गंदगी दूर होनी चाहिए
आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में जस्टिस मुकुल मुदगल कमेटी की रिपोर्ट पर सुनवाई के दौरान मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट का बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन को तुरंत इस्तीफा देने की बात कहना जनभावनाओं के अनुरूप है। यह मामला सामने आने के बाद से ही खेल प्रेमी यह महसूस कर रहे थे कि उनके इस्तीफे के बिना मामले की निष्पक्ष जांच संभव नहीं है, लेकिन उनसे पद से हटने के लिए कहता कौन? केंद्र सरकार की मौजूदा हालत देखकर उम्मीद नहीं थी।
वहीं तमाम खेल संघों में गुटबाजी है और उन पर श्रीनिवासन का प्रभाव भी है, लिहाजा इसकी संभावना नहीं थी कि वे बीसीसीआई प्रमुख पर ऐसा करने के लिए दबाव बना पाते। ले देकर सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी थीं। शुक्र है कि देश में एक सजग और सक्रिय न्यायपालिका काम कर रही है। न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि अगर र्शीनिवासन दो दिन में इस्तीफा नहीं देते हैं तो कोर्ट को आदेश देना पड़ेगा। 2013 में हुए आईपीएल-6 के दौरान राजस्थान टीम के खिलाड़ियों द्वारा स्पॉट फिक्सिंग किए जाने का खुलासा हुआ था।
शुरुआती जांच में चेन्नई सुपरकिंग्स के अधिकारी व बीसीसीआई प्रमुख एन श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मयप्पन का नाम सामने आया था। अक्टूबर 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने इस केस की जांच करने के लिए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मुकुल मुदगल की अध्यक्षता में समिति गठित की थी। जस्टिस मुदगल ने सुप्रीम कोर्ट को अपनी रिपोर्ट गत माह सौंपी थी। जब मयप्पन सट्टेबाजी में फंसे थे, तब क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग हुई थी।
हालांकि नैतिकता के नाम पर वे हटे अपनी र्मजी से और फिर लौट भी आए अपनी मर्जी से। बाद में उन्होंने गुरुनाथ मयप्पन और राजस्थान रॉयल्स के मालिक राज कुंद्रा को बोर्ड की कमेटी से क्लीन चिट भी दिलवा दी। एन श्रीनिवासन ने कहा था कि मयप्पन चेन्नई टीम के अधिकारी नहीं हैं। वे महज क्रिकेट प्रेमी हैं। मैच में इसी हैसियत से टीम के साथ होते हैं। परंतु जस्टिस मुदगल कमेटी ने पाया कि मयप्पन टीम के साथ बतौर अधिकारी रहते थे। वे टीम का मुख्य चेहरा थे। उन्हें क्रिकेट प्रेमी बताना गलत है। कमेटी ने कहा है कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मयप्पन आईपीएल मैचों में सट्टेबाजी करते थे।
टीम की गुप्त जानकारी सटोरियों को देते थे। साथ ही कमेटी ने राज कुंद्रा की भूमिका की दोबारा जांच की भी सिफारिश की है। इस सबके बाद भी र्शीनिवासन पर किसी तरह की आंच नहीं आई। इस बीच वे आईसीसी बोर्ड के पहले चेयरमैन भी नियुक्त हो गए हैं। वे जुलाई में कार्यभार संभालेंगे। इस संबंध में कोर्ट की टिप्पणी उचित है कि आप बाहर की गंदगी साफ करना चाहते हैं, जबकि आपके अंदर ही गंदगी भरी पड़ी है। बिना इसे साफ किए बाहर की गंदगी कैसे साफ होगी? अब श्रीनिवासन के लिए बीसीसीआई अध्यक्ष बने रहना मुश्किल होगा। देश में क्रिकेट एक जुनून है। इसमें फैली यह गंदगी खेल प्रेमियों को आहत कर रही है और जाहिर है यह खेल के लिए भी नुकसानदेह है। क्रिकेट से यह गंदगी दूर होनी चाहिए।
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