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अरबपति बीड़ी उद्यमी को सजा इंसाफ की जीत

51 साल के उस गार्ड का कसूर सिर्फ इतना था कि अपने मालिक निशाम के लिए गेट खोलने में चंद सेकेंड की देरी हो गई थी।

अरबपति बीड़ी उद्यमी को सजा इंसाफ की जीत
केरल के अरबपति बीड़ी कारोबारी मोहम्मद निशाम को अपने गार्ड को कुचलकर मारने के जुर्म में उम्रकैद की सजा यह साबित करने के लिए काफी है भारत में कानून का राज है। अपराध करने वाला इंसान कितना भी रसूखदार क्यों न हो, कानून के सामने सब समान है। केरल की थ्रिसूर अदालत ने पांच हजार करोड़ के साम्राज्य का स्वामी निशाम को आजीवन कारावास के साथ 71 लाख रुपये के जुर्माने की सजा देकर इंसाफ के मंदिर में लोगों के भरोसे को जिंदा रखा है। नहीं तो अक्सर कहा-सुना जाता है पैसे वाले कानून को अपने हिसाब से अपने पक्ष में तोड़-मोड़ लेते हैं। लेकिन केरल के इस केस में ऐसा कुछ नहीं हुआ है। हालांकि कोशिश नहीं हुई होगी, यह नहीं कहा जा सकता। लेकिन कोर्ट ने दौलत की मद में चूर गुस्सैल निशाम को नहीं बख्शा है। बुधवार को कोर्ट ने उसे अपने गार्ड चंद्रबोस को कार से कुचल कर मारने का दोषी करार दिया था और बृहस्पतिवार को कठोर सजा सुना दी। 51 साल के उस गार्ड का कसूर सिर्फ इतना था कि अपने मालिक निशाम के लिए गेट खोलने में चंद सेकेंड की देरी हो गई थी। इस देरी के चलते निशाम को इतना गुस्सा आया कि उसने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए चंद्रबोस पर अपनी एसयूवी हमर चढ़ा दी। उसे वह करीब 700 मीटर तक कार से घसीटते हुए ले गया था और दीवार में ले जाकर घुसा दिया था। उस समय निशाम कितना क्रूर हो गया था कि चंद्रबोस को दीवार से सटाकर दबाते हुए वह चिल्लाया था- ''यह कुत्ता मरेगा नहीं।'' खुद जज ने फैसला सुनाते वक्त यह बात कोर्ट में कही। यह घटना बताती है कि एक इंसान कितना क्रूर हो सकता है कि उसे अपने ही गार्ड की जान लेने में जरा भी संकोच नहीं है, उलटे वह उसे हिकारत की नजर से देखता है और उसे ''कुत्ता' संबोधित करता है। यह घटना उस सोच को भी परिलक्षित करती है, जिसमें कई बार लोग ''धन के नशे'' में भूल जाते हैं कि गरीबों की जिंदगी की कीमत भी उतनी ही है, जितनी उनकी जिंदगी की है। कोर्ट ने सजा के माध्यम से ''सामंती सोच वाले लोगों'' को संदेश ही दिया है कि उसे किसी की जान लेने का हक नहीं है और गरीबों का भी स्वाभिमान है। इससे पहले भी कोर्ट ने संजय दत्त के मामले में मिसाल कायम की थी। बीएमडब्ल्यू केस में भी कोर्ट ने अमीर एलेस्टर परेरा को कड़ी सजा दी थी। हिट एंड रन मामले में सलमान खान का केस अदालत में है। इसे केस में हालांकि निशाम के पास ऊपरी अदालत में जाने का विकल्प है, लेकिन जब ऊपरी अदालत मामले की सुनवाई करेगी तो उसके सामने निशाम का अतीत भी होगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक निशाम पर पहले भी 13 केस थे। इनमें से ज्यादातर कोर्ट के बाहर सेटल हो गए थे। जेल में पुलिस के साथ शानदार भोज की तस्वीरें भी एक बार सामने आई थीं। उसे वीआईपी ट्रीटमेंट दिए जाने के चलते उस समय भी काफी विवाद हुआ था। इस मामले में पांच पुलिसकर्मी सस्पेंड कर दिए गए थे। गार्ड को जान से मारने के इस मामले में निशाम ने कोर्ट के सामने ''बाइपोलर डिसऑर्डर'' से पीड़ित होने का हवाला देते हुए अपने लिए सजा में हमदर्दी बरतने की गुहार लगाई थी, लेकिन उसका जुर्म कानून की नजर में भी जघन्य है और मानवता की नजर में भी। फिलहाल यह सजा गार्ड चंद्रबोस के परिवार के लिए इंसाफ की बड़ी जीत है।
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