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पाक के लिए भस्मासुर बनता आतंकवाद

अफगानिस्तान में अलकायदा लंबे समय तक प्रभावी रहा है। लंबे अरसे से भारत पाक प्रायोजित आंतकवाद से ग्रस्त है।

पाक के लिए भस्मासुर बनता आतंकवाद

नई दिल्ली. पाकिस्तान जिस आतंकवाद को भारत और दूसरे देशों को निशाना बनाने के लिए पोषित करता रहा है आज वह उसी के लिए खतरा बन गया है। इन दिनों वहां हो रहे लगातार आतंकवादी हमलों से जाहिर हो गया है कि ये आतंकी संगठन उसके काबू से बाहर हो गये हैं। इससे एक कहावत चरितार्थ हो रही है कि जो हमेशा दूसरों के लिए कुआं खोदता है, वो कभी न कभी खुद उसमें गिर जाता है। सोमवार को पाकिस्तान में वाघा सीमा पर हमला कर आतंकियों ने अपनी मंशा जाहिर कर दी है कि या तो पाकिस्तान हुकूमत उनका कहा माने या धमाके के लिए तैयार रहे। वाघा बॉर्डर पर हर रोज बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी का आयोजन होता है। इसके तहत शाम को दोनों देशों के जवान परेड करते हैं और फिर अपने-अपने देश का ध्वज उतारते हैं। इसे देखने के लिए भारत और पाकिस्तान की ओर से अच्छी तादाद में लोग आते हैं।

आयोजन खत्म होने के बाद जब लोग वापस जा रहे थे तभी यह आत्मघाती हमला हुआ। हमले की भीषणता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि साठ लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया जबकि दौ सौ से ज्यादा लोग घायल हो गए। इस हमले के पीछे किसका हाथ है इसको लेकर विरोधाभासी दावे सामने आ रहे हैं। पहले अलकायदा से जुड़ा आतंकवादी समूह जुंदल्लाह ने इस हमले की जिम्मेदारी ली। पिछले वर्ष सितंबर में पेशावर में एक चर्च पर आत्मघाती हमले के पीछे इसी समूह का हाथ था, जिसमें 78 लोग मारे गए थे। जुंदल्लाह आतंकी संगठन मुख्य रूप से पाकिस्तान के ब्लूचिस्तान प्रांत में सक्रिय है। वहीं तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) की ओर से कहा गया है कि यह हमला पाक सेना के द्वारा इन दिनों वजीरिस्तान में जो अभियान छेड़ा गया है उसका जवाब है। जबकि इसी सितंबर में टीटीपी से अलग हुए जमात-उल-अहरार गुट ने कहा कि उन्होंने यह हमला किया है।

इन दिनों पाकिस्तान आतंकियों के लिए स्वर्ग बना हुआ है। तथ्य बताते हैं कि लश्कर ए तैयबा, जमात उद दावा सहित करीब साठ आतंकी संगठन पाकिस्तान में सक्रिय हैं। ये बकायदा प्रशिक्षण कैंप लगाकर आतंकी बनने की ट्रेनिंग दे रहे हैं। यहां से प्रशिक्षण लेने के बाद उन्हें भारत, अफगास्तिान, इराक व सीरिया आदि देशों में भेजा जा रहा है। पाक सेना, वहां की खुफिया एजेंसी आईएसआई और कट्टर धार्मिक संगठनों सहित पाक हुकूमत का भी इन्हें खुला समर्थन प्राप्त है। आतंकवाद दुनिया के सामने गंभीर संकट बनकर खड़ा है। आज आईएस के रूप में सीरिया और इराक में, तो बोको हरम के रूप में नाइजीरिया में इसका बर्बर चेहरा देखा जा सकता है।

पूर्व में अफगानिस्तान में अलकायदा लंबे समय तक प्रभावी रहा है। लंबे अरसे से भारत पाक प्रायोजित आंतकवाद से ग्रस्त है। ऐसे में भारत के लिए भी यह एक गंभीर चेतावनी है। इससे लड़ने के लिए विश्व जगत को एकजुट होना होगा। बिना किसी भेदभाव के एक सुर में इसका विरोध करना होगा। पाकिस्तान को भी अब समझ लेना चाहिए कि आतंकवाद से किसी का भी भला नहीं होने वाला है। बेहतर यही है कि दोमुंहापन छोड़ वह भी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में विश्व जगत का सहयोग करे।

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