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पाकिस्तान के नापाक मंसूबों पर नजर रखें

जनवरी से लेकर अब तक नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम का 192 बार उल्लंघन किया गया है।

पाकिस्तान के नापाक मंसूबों पर नजर रखें

सेना प्रमुख दलबीर सिंह का तीनों भारतीय सेनाओं से भविष्य में तेज और संक्षिप्त युद्ध के लिए तैयार रहने को कहना काफी मायने रखता है। पाकिस्तान और आईएस जैसे खूंखार आतंकी संगठनों की नापाक हरकतों को देखते हुए इस तरह की दुस्साहस की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में दुश्मनों को करारा जवाब देने के लिए सैन्य बलों को न केवल हमेशा तैयार रहना चाहिए, बल्कि अपनी तैयारियों को भी उच्च स्तर पर रखना चाहिए। इन दिनों दोनों देशों के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के स्तर पर वार्ता टूटने से रिश्तों में तल्खी आ गई है। वहीं पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तानी सेना द्वारा बार-बार संघर्ष विराम के उल्लंघन और घुसपैठ की वारदातों से भी माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। पाकिस्तान के अंदर से उच्च पदों पर बैठे लोगों द्वारा लगातार उकसाने वाले बयान दिए जा रहे हैं।

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जनवरी से लेकर अब तक नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर उसकी ओर से संघर्ष विराम का 192 बार उल्लंघन किया गया है। इस गोलीबारी में दर्जनों बेगुनाह मारे गए हैं। वहीं सीमावर्ती गांवों में दहशत का माहौल पैदा हो गया है। दरअसल, इस गोलीबारी की आड़ में पाकिस्तानी सेना आतंकियों की भारतीय सीमा में घुसपैठ कराती है। खुफिया जानकारी के मुताबिक इन दिनों दो सौ से ज्यादा आतंकी भारत में घुसपैठ करने के लिए तैयार बैठे हैं। हाल के दिनों में पाकिस्तान के दो जिंदा आतंकी भारतीय सुरक्षा बलों के हाथ लगे हैं। उन्होंने जो सबूत दिए हैं, उससे पाकिस्तान भारत विरोधी रुख के प्रति पूरी तरह बेनकाब हो गया है। इससे पहले कसाब बता चुका हैकि पड़ोसी किसी तरह आतंकवाद की फैक्ट्री बना हुआ है। पाक इनके जरिए कश्मीर को विवादित बनाए रखना और भारत को हिंसक गतिविधियों में उलझाए रखना चाहता है। दरअसल, वह बंदूक के बल पर कश्मीर को भारत से हथियाने का मंसूबा पाले हुए है।

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इसी क्रम में वह भारत से चार युद्ध कर चुका है, लेकिन सबमें उसे मुंह की खानी पड़ी है। जब उसे लगा कि वह सीधी लड़ाईमें भारत से नहीं जीत सकता तो प्रॉक्सी वार यानी छद्म युद्ध के रास्ते पर उतर आया है। वह इस सच्चाईको स्वीकारने के बजाय कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, इसे हड़पने के लिए साजिशें रचने में लगा है। और इसी क्रम में उसकी दुनिया में पहचान आतंकवाद के न सिर्फ केंद्र बल्कि पोषक के रूप में बन गई है।आज वह दुनिया के लिए भी खतरा बनने लगा है। यही वजह है कि जो देश कभी उसे सर्मथन करते थे अब दूरी बनाने लगे हैं। पाक अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत को घेरने के लिए कश्मीर मुद्दा उठाने से बाज नहीं आ रहा है, लेकिन सब यही कह रहे हैं कि वह आतंकवाद का रास्ता छोड़ भारत से सीधी वार्ता करे। अब तो अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत रहे हुसैन हक्कानी ने भी कह दिया है कि कश्मीर के मुद्दे पर वह अलग-थलग पड़ गया है। विश्व जगत में बने इस विरोधी माहौल के बाद हो सकता है कि सेना और कट्टरपंथी गुटों के दबाव में पाक सरकार कोई गलत कदम उठा ले। ऐसे में भारत को उसकी ओर से पैदा की जाने वाली हर परिस्थितियों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पहले से ही तैयार रहना चाहिए।

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