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चिंतन: पाकिस्तानी जासूसी तंत्र को ध्वस्त करना जरूरी

पाकिस्तान को लगा है कि वह भारत के खिलाफ सीधी जंग में जीत नहीं सकता है।

चिंतन: पाकिस्तानी जासूसी तंत्र को ध्वस्त करना जरूरी
भारत में जासूसी के तार नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान के उच्चायोग की चौखट तक जाते दिखे रहे हैं। दिल्ली पुलिस की आरंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि वहां बैठा कोई अधिकारी गिरफ्तार किए गए आईएसआई एजेंट कैफेतुल्लाह खान की मदद कर रहा था। यदि ऐसा है तो यह काफी गंभीर मुद्दा है। इसकी सच्चाई की तत्परता से जांच होनी चाहिए। साथ ही पाकिस्तान को भी अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए क्योंकि दोनों देशों में तनाव अपनी जगह है, लेकिन उच्चायोग की स्थापना जासूसी कराने या उसमें मदद पहुंचाने के लिए नहीं होती है। इसका मकसद संबंधित देश के साथ परस्पर संवाद स्थापित करते हुए द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करना होता है।
यह सच है कि भारत-पाक के संबंध दोस्ताना नहीं हैं। यह कभी-कभी पटरी पर आता दिखता है तभी कुछ ऐसा हो जाता है कि माहौल फिर से खराब हो जाता है। इनकी दुश्मनी भी जगजाहिर है। दोनों देशों के बीच अब तक चार बार युद्ध हो चुके हैं। हालांकि सबमें पाकिस्तान को भारत के हाथों करारी शिकस्त झेलनी पड़ी है। भारत की हमेशा से यह नीति रही है कि वह पहले किसी देश पर हमला नहीं करेगा, लेकिन यदि कोई देश आगे बढ़कर युद्ध का आगाज करेगा तो उसको मुंहतोड़ जवाब देगा। कई विशेषज्ञों का कहना है कि कालांतर में जबसे पाकिस्तान को लगा है कि वह भारत के खिलाफ सीधी जंग में जीत नहीं सकता है तबसे उसने प्रॉक्सी वार यानी छिपकर हमले करने की नीति अपना ली है।
दरअसल, पाकिस्तान की नजरें कश्मीर पर टिकी हैं। वह इसे छलपूर्वक भारत से हड़पना चाहता है। इसके लिए वह हर हथकंडा अपना रहा है। इसी की देन है कि आज भारत पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का सबसे बड़ा शिकार है। इसे वहां के कट्टरपंथी, सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई मिलकर बढ़ा रहे हैं। वहां ढेरों कट्टरपंथी संगठन ऐसे हैं जो आतंकवाद की फैक्ट्री चला रहे हैं, जिनका मकसद भारत को लहूलुहान करना है। वहां की सेना इनको भारत में भेजने के लिए सीमा पर सीजफायर का उल्लंघन करके घुसपैठ करा रही है। और आईएसआई इन सभी को जासूसी से प्राप्त भारत से जुड़ी संवेदनशील व गुप्त जानकारियां मुहैया करा रही है। इस तरह वह देश में आतंकवाद का नेटवर्क खड़ा करने का प्रयास कर रही है। यहां तक कि पुलिस और सुरक्षा बलों में भी वह अपने एजेंट भरने में सफल हो गई है, जो उस तक गोपनीय सूचनाएं पहुंचा रहे हैं। उसका मकसद भारत को गंभीर नुकसान पहुंचाना है। विभिन्न राज्यों में पुलिस ने कार्रवाई कर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के लिए जासूसी करने वाले ऐसे ही एक गिरोह के सदस्यों को पकड़ा है।
उनसे पूछताछ में कई अहम सूचनाएं हासिल हुई हैं, जिससे उम्मीद की जा रही है देश में उसके द्वारा बिछाए गए जासूसी के नेटवर्क को छिन्नभिन्न करने में मदद मिलेगी। पाकिस्तान की भारत की संप्रभुता पर कुदृष्टि और आतंकवादी घटनाओं को विफल करने के लिए हमें अपनी सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के साथ-साथ गुप्तचर एजेंसियों को भी अतिरिक्त सजग करना होगा। वहीं देश के साथ गद्दारी करने में जो-जो लोग शामिल हैं, उन्हें सबक सीखने के लिए कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।
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