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संघर्ष विराम का उल्लंघन करने से बाज आए पाक

पाकिस्तानी सेना ने एक बार फिर भारतीय सीमा पर जिस पैमाने पर गोलीबारी शुरू की है

संघर्ष विराम का उल्लंघन करने से बाज आए पाक

पाकिस्तानी सेना ने एक बार फिर भारतीय सीमा पर जिस पैमाने पर गोलीबारी शुरू की है, उससे उसकी मंशा उजागर हो रही है। बीते कुछ दिनों से वह जम्मू-कश्मीर के पिट्टल, चेनाज और नारायणपुर समेत 15 भारतीय चौकियों को निशाना बना रही है। पाक सेना वहां के रिहायशी इलाकों पर भी फायरिंग कर रही है जिससे अब तक पांच लोगों की मौत हो गई है और करीब तीस लोग घायल हो गए हैं। इससे सीमावर्ती इलाकों में दहशत व्याप्त होना स्वाभाविक है।

भारतीय सेना के अनुसार एक अक्टूबर से जम्मू-कश्मीर में पाक सेना ने कुल ग्यारह बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है। दरअसल, 2003 में दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम समझौता हुआ था। जिसमें कहा गया कि दोनों देश सीमा पर शांति बनाए रखेंगे और फायरिंग नहीं करेंगे, लेकिन पाक की ओर से इस समझौते का उल्लंघन होता रहा है। हर साल करीब सौ से ज्यादा गोलीबारी की घटनाएं होती हैं। इसी वर्ष अगस्त-सितंबर के महीनों में पाकिस्तानी सेना ने सारी हदें पार कर दी थी। रक्षा विशेषज्ञों ने यहां तक कहा कि वर्ष71 के बाद की वह सबसे भीषण फायरिंग थी।

भारतीय जवानों ने जब उसे उसी की भाषा में जवाब दिया तब पाक सेना सीमा पर शांति बहाली के लिए फ्लैग मिटिंग के लिए आगे आई थी। इस बार भी गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि पाक के इस हरकत का कैसे जवाब देना है वह भारतीय सेना को अच्छी तरह पता है। इसके साथ ही उन्होंने पाक को सख्ता चेतावनी देते हुए कहा है कि पाकिस्तानी सेना को बार-बार संघर्ष विराम का उल्लंघन बंद करना होगा। उसे समझना होगा कि अब भारत में जमीनी हालात बदल चुके हैं। दरअसल, पाक को जब भी भारत में आतंकवादियों की घुसपैठ करानी होती है तब इस तरह की गोलीबारी की घटना सामने आती है। इस तरह उसका मकसद सरहद पर गश्त कर रहे जवानों का ध्यान भटका कर आतंकियों को भारतीय सीमा में प्रवेश करना होता है। अभी सोमवार को ही जम्मू-कश्मीर के तंगमाल सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की एक कोशिश को सेना ने नाकाम किया है।

इस बार भी पाकिस्तान की कोशिश है कि किसी तरह गोलीबारी की आड़ में आतंकवादियों को भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करवा दिया जाए। पाकिस्तान को समझना होगा कि हिंसा से किसी का भला नहीं होने वाला। आतंकवाद पर उसका दोहरा चरित्र दुनिया के सामने उजागर हो गया है। जिस आतंकवाद को उसने भारत सहित दुनिया में हिंसा फैलाने के लिए पोषित किया, वही आज पाकिस्तान तालिबान के रूप में उसके लिए खतरा बन गया है, परंतु इससे वह सीख नहीं ले रहा हैऔर आज भी आतंकवाद का सबसे बड़ा पनाहगार बना हुआ है। पाक सेना और आईएसआई इनका भारत के खिलाफ इस्तेमाल करती हैं। एक तरफ वह भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है और दूसरी ओर दुनिया से कह रहा है कि वह भी आतंकवाद से पीड़ित है। उसे आतंकवाद पर यह दोहरी नीति बंद करनी होगी।

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