Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

आपदा से उबरने के लिए भारत जैसी संवेदनशीलता की जरूरत

नेपाल में भूकंप ने जो तबाही मचाई है, उसको भूलने में सालों लगेंगे। पड़ोसी देश होने के नाते नेपाल के साथ खड़ा होना और हर संभव मदद करना हमारी जिम्मेदारी है।

आपदा से उबरने के लिए भारत जैसी संवेदनशीलता की जरूरत
X

मनुष्य ने विज्ञान के क्षेत्र में भले ही कितनी तरक्की क्यों न कर ली हो, लेकिन प्रकृति के सामने वह अभी बौना ही है। तकनीकी के प्रयोग से वह लाखों किलोमीटर दूर मंगल और चांद पर दस्तक देने में भले ही सक्षम हो गया है, परंतु प्राकृतिक आपदाओं और विपदाओं को रोकना या उन पर अंकुश लगाना मनुष्य के बस की बात नहीं है। हालांकि हर तरह की आपदा से बचाव का पहले ही जरूरी उपाय करना और उसके बाद मानवीय संवेदनाओं को प्रकट करते हुए राहत व बचाव कार्य में तत्परता दिखाना हमारे बस में जरूर है।

टला आफ्टर शॉक का खतरा, लेकिन हिमालय में एक और बड़े भूकंप की आशंका!

हर त्रासदी के दौरान देश की सरकारों और जिम्मेदार संस्थाओं से उम्मीद होती है कि वह जल्द से जल्द राहत पहुंचाने और संकट में फंसे लोगों को बचाने का कार्य युद्ध स्तर पर आरंभ कर दे। समय पर अभियान शुरू हो जाने से जानमाल की हानि को कम किया जा सकता है। साथ ही आपदा में घिरे लोगों को भी साहस मिलता है कि वे मुश्किल की घड़ी में अकेले नहीं हैं बल्कि लाखों हाथ उनकी मदद में रात दिन एक किए हुए हैं। अभी नेपाल में भूकंप ने जो तबाही मचाई है, उसको भूलने में सालों लगेंगे। पड़ोसी देश होने के नाते नेपाल के साथ खड़ा होना और हर संभव मदद करना हमारी जिम्मेदारी है। मोदी सरकार ने इस विपदा के दौरान जिस तरह की मानवीय संवेदना दिखाते हुए नेपाल को संकट से उबारने में पूरी ताकत लगा दी है, वह सराहनीय है। यही नहीं पिछले एक साल के दौरान आर्इं आपदाओं और विपदाओं के समय देश की मोदी सरकार ने जिस तरह की संवेदनशीलता व सक्रियता दिखाई है वह अद्भुत है। नेपाल में भूकंप को लेकर दहशत है। मरने वालों की संख्या, जैसे-जैसे मलबे हटाए जा रहे हैं, बढ़ती जा रही है। भूकंप ने भारत के कुछ राज्यों में भी तबाही मचाई है, परंतु नेपाल का जख्म ज्यादा गहरा है, हमसे ज्यादा उसे मदद की दरकार है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने किया 1 महीने का वेतन राहत कोष में दान

भारत ने वहां राहत व बचाव कार्यों के लिए आॅपरेशन मैत्री शुरू किया है। सेना ने एक दर्जन से ज्यादा विमानों को वहां उतारा है। एयर इंडिया के विमानों से वहां फंसे भारतीय नागरिकों को निकाला जा रहा है। विदेशी नागरिकों को भी गुडविल वीजा देकर भारत लाया जा रहा है। प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री, कंबल, पानी की बोतलें, खाने-पीने के समान और जरूरी दवाइयां लगातार पहुंचाई जा रही हैं। डॉक्टरों की टीमें और इंजीनियर तैनात किए गए हैं। ऐसी आपदाओं से निपटने में सक्षम एनडीआरएफ के करीब दो हजार जवान वहां भेजे गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देखरेख में विदेश, रक्षा और गृह मंत्रालय अन्य जरूरी इंतजाम कर रहे हैं। सभी विपक्षी दलों ने भी संसद में चर्चा के दौरान इस अति सक्रियता के लिए मोदी सरकार की प्रशंसा की है।

मुलायम की अपील पर सभी सांसद देंगे भूकंप राहत कार्य में एक माह का वेतन

इससे पहले युद्धग्रस्त देश यमन में चलाया गया आॅपरेशन राहत की सफलता सामने है। भारी गोलीबारी के बीच भारत अपने ही नहीं बल्कि अमेरिका, ब्रिटेन आदि 48 देशों के नागरिकों को भी सुरक्षित निकालने में सफल रहा। पिछले साल जम्मू-कश्मीर में आई भयानक बाढ़ हो या आंध्रप्रदेश तथा ओडिशा के तटों पर चक्रवाती तूफान हुदहुद द्वारा मचाई गई तबाही के दौरान मोदी सरकार की सक्रियता देखते ही बनी थी। प्रधानमंत्री ने स्वयं हालात का जायजा लिया और बिना समय बर्बाद किए मदद भेजी थी। संदेश साफ है, प्रकृति आपदाओं पर हमारा जोर नहीं है, लेकिन इन विपदाओं में फंसे लोगों को उबारना हमारे बस में है। एक जिम्मेदार सरकार का यही तो कर्त्तव्य होता है।

खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story
Top