Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

चिंतन: न्यायिक मुद्दे को सियासी बनाने पर तुली कांग्रेस

जमानत मिलने के बाद कांग्रेस ने कानूनी लड़ाई को सियासी लड़ाई में बदलने में देर नहीं लगाई।

चिंतन: न्यायिक मुद्दे को सियासी बनाने पर तुली कांग्रेस
X
नेशनल हेराल्ड मामले में उम्मीद थी ही कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी समेत दूसरे नेताओं को जमानत मिल जाएगी, लेकिन जमानत मिलने के बाद उन्होंने कानूनी लड़ाई को सियासी लड़ाई में बदलने में देर नहीं लगाई। सोनिया व राहुल समेत कई दूसरे नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि इस मामले के पीछे भाजपा, केंद्र सरकार का हाथ है। यहां तक कि उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहरा दिया।
इस तरह का दुष्प्रचार कांग्रेस उसी दिन से कर रही है जिस दिन दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनिया व राहुल को व्यक्तिगत पेशी से छूट देने से मना कर दिया था। जबकि इस सच्चाई से देश वाकिफ है कि जब सुब्रह्ण्यम स्वामी इस मामले को अदालत में ले गए थे तब वे भाजपा के सदस्य नहीं थे। साथ ही केंद्र में कांग्रेस की अगुआई में यूपीए की सरकार थी।
यह पूरा मामला अदालत, कांग्रेस और सुब्रह्ण्यम स्वामी के बीच का है, वहीं इसमें किसी भी सरकारी एजेंसी की कोई भूमिका नहीं है। शनिवार के कांग्रेसी नेताओं के प्रदर्शन के बाद यह बिल्कुल साफ हो गया है कि वे जानबूझकर न्यायिक प्रक्रिया को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। इसीलिए संसद को बाधित किया गया।
सोनिया व राहुल के अदालत जाने के क्रम में दिल्ली व देश के दूसरे क्षेत्रों में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का शक्ति प्रदर्शन एक तरह से ड्रामा ही कहा जाएगा। यह भारतीय राजनीति की विडंबना है कि धोखाधड़ी के आरोप में घिरे नेता ऐसे जश्न मना रहे हैं जैसे वे कोई सत्कर्म करके आ रहे हों।
कांग्रेस के शीर्ष नेताओं पर गंभीर आरोप लगे हैं, दुर्भाग्य है कि इसमें भी वे अपने लिए अवसर खोज रहे हैं। कांग्रेस के रणनीतिकारों को समझना होगा कि कोर्ट के मामले को सियासत से जोड़ना इतना आसान नहीं है। ऐसा कहा जा रहा है कि जिस तरह 1977 में इंदिरा गांधी ने जेल जाने को मुद्दा बनाकर सत्ता में वापसी का मार्ग बनाया था कुछ उसी तरह से वर्तमान में हेराल्ड मामले को सोनिया गांधी भुनाना चाहती हैं, लेकिन याद रखना होगा कि तब में और 2015 में बहुत अंतर आ गया है। देश की जनता अब कहीं अधिक जागरूक है।
वह समझती है कि यह मामला संपत्ति हड़पने का है, जो केंद्र सरकार ने नहीं बल्कि अदालत ने पकड़ा है। यदि यंग इंडियन द्वारा नेशनल हेराल्ड के स्वामित्व वाली एसोसिएटेड र्जनल्स लिमिटेड के अधिग्रहण में कोई गलती नहीं हुई है तो फिर कांग्रेस खुलकर ऐसा क्यों नहीं कह रही है? यदि वास्तव में उसे न्यायपालिका पर भरोसा है तो सड़क से संसद तक इतना हंगामा क्यों कर रही है? क्या वजह है कि एसोसिएटेड र्जनल्स लिमिटेड को नॉन-प्रॉफिट कंपनी में बदलने की कवायद तेज हो गई है।
जनता कांग्रेस से इन प्रश्नों का उत्तर मांग रही है। वह इसे राजनीतिक साजिश बता जवाब देने से बच नहीं सकती। अदालत में यह मामला सालों चलेगा। कांग्रेस को तथ्यों पर लड़ाई लड़नी चाहिए। उसे कोर्ट के फैसले को सियासत से जोड़ने से बचना चाहिए। उसे एक जिम्मेदार पार्टी की तरह पेश आना चाहिए। झूठ के बल पर पार्टी को खड़ा करने की मंशा खतरनाक हो सकती है। यह न तो उसके लिए ठीक है, न ही लोकतंत्र के लिए।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story
Top