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चिंतन: पीएम के मन से गांधी की ''बात'' में बदलाव का मंत्र

बापू छोटे मगर बड़ा असर डालने वाले प्रतीकात्मक विषयों पर बात करते थे।

चिंतन: पीएम के मन से गांधी की

साल के पहले 'मन की बात' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन' से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 'बात' निकली। गांधीजी देश भर में खादी का विस्तार चाहते थे, वे इसे एकता और समृद्धि की प्रतीक मानते थे। गांधी ने खादी को समाज में बदलाव का अस्त्र बनाया था। 30 जनवरी को बापू की पुण्यतिथि के ठीक एक दिन बाद 31 जनवरी को पीएम मोदी ने अपने रेडियो क्रार्यक्रम के 16वें संस्करण में अपने अंदाज में राष्ट्रपिता को र्शद्धांजलि दी। इसमें उन्होंने अधिकांश ऐसी बातें कीं, जो गांधीजी अपने समय में किया करते थे। बापू छोटे मगर बड़ा असर डालने वाले प्रतीकात्मक विषयों पर बात करते थे। वे खादी के जरिये समाज में क्रांतिकारी बदलाव लाना चाहते थे, वे सादगी और स्वच्छता का संदेश देते थे, सामाजिक एकता पर बल देते थे। इस बार मोदी ने भी ऐसी ही बातें की हैं। उन्होंने खादी, किसान, स्वच्छता, बेटी बचाओ, स्टार्ट अप, जैविक खेती जैसे व्यापक असर वाले विषयों पर बातें कीं। पीएम ने कहा कि गांधी के दिए 'खादी' का आज युवाओं में जबरदस्त क्रेज हो गया है। खादी में करोड़ों लोगों को रोजगार देने की भी ताकत है। गांधी ने जब खुद चरखा कातकर खादी वस्त्र बनाने और पहनने का अभियान शुरू किया था, तब किसी ने नहीं सोचा होगा कि उनका यह 'अस्त्र' शक्तिशाली अंग्रेज की चूलें हिला देगा और समाज में परिवर्तन का वाहक बन जाएगा। लेकिन गांधी की खादी बड़ा बदलाव की हथियार बन गई। बाद में गांधी के ही कांग्रेसी चेलों की सरकारों ने खादी को बियाबान में धकेल दिया। एक तरह से खादी सरकारी समारोह और नेताओं तक सीमित होकर रह गई, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधी की 'खादी' की ताकत को पहचाना और इसके प्रसार के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए। उन्होंने सार्वजनिक मंचों से युवाओं से खादी अपनाने की अपील की। उनके छोटे से कार्यकाल में ही खादी फैशनेबल ब्रांड बन गया और युवाओं में इसका ट्रेंड दिखने लगा है। इस बार मन की बात के जरिये पीएम ने लोगों से अपने कम से कम एक खादी वस्त्र अपनाने की अपील की है। उनकी इस अपील में रोजगार सृजन व कुटीर उद्यमियों और किसानों की समृद्धि छिपी है। उन्होंने चरखा को सोलर एनर्जी से जोड़ने की बात भी कही। इसी तरह उन्होंने फसल बीमा की बात कही है। उन्होंने कहा किसानों की बात सभी करते हैं, पर उनके हित की बात कम होती है। इस साल शुरू हुई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों की मदद करेगी। पीएम ने दो साल में 50 फीसदी किसानों को इस बीमा योजना से जोड़ने का आह्वान किया। इसमें किसानों के लिए प्रीमियम राशि खरीफ फसल में दो फीसदी और रबी फसल में एक फीसदी रखी गई है। पीएम ने स्वच्छता अभियान को सौंदर्य से जोड़ने की जनपहल की सराहना की। मोदी ने बेटियों के प्रति सामाजिक जागरूकता लाने की हरियाणा व गुजरात सरकार की ध्वजा रोहण पहल की तारीफ की। दोनों ही राज्यों ने सरकारी स्कूल में इलाके की सबसे अधिक पढ़ी लिखी बेटी से ही ध्वजारोहण कराकर उन्हें सम्मानित किया गया।

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