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पाकिस्तान को अमेरिका की हिदायत के मायने, ओबामा आएंगे भारत

अमेरिका दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र है।

पाकिस्तान को अमेरिका की हिदायत के मायने, ओबामा आएंगे भारत
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अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा 25 जनवरी को भारत की तीन दिन की यात्रा पर आ रहे हैं। उस दौरान वे गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। यह पहला अवसर है जब कोई अमेरिकी राष्ट्रपति मुख्य अतिथि के रूप में इस आयोजन का हिस्सा होंगे। यह भारत अमेरिका के बदलते रिश्तों की एक बानगी है। इस यात्रा के बाद निश्चित रूप से भारत अमेरिका संबंधों में नया अध्याय जुड़ जाएगा। भारत एक तरफ जहां दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। वहीं अमेरिका दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र है। दोनों के साथ आने और निकटता बढ़ने से विश्व पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। ये दोनों मिलकर दुनिया को बहुत कुछ दे सकते हैं, परंतु इसके लिए जरूरी हैकि ओबामा की यह यात्रा शांतिपूर्ण रहे।

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दरअसल, ओबामा की यात्रा को लेकर अमेरिकी और भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रहीं हैं, क्योंकि वे गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान राजपथ पर दो घंटे से ज्यादा खुले आकाश के नीचे परेड देखेंगे। बिना किसी हिंसा और व्यवधान के भारत और अमेरिका के बीच वार्ता ज्यादा फलदायी हो सकेगी। गत दिनों अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने खुलासा किया था कि ओबामा की यात्रा के दौरान भारत में कोई बड़ा आतंकी हमला हो सकता है। यह भी सूचना आई थी कि 27 जनवरी को आतंकी संगठन जमात उद दावा प्रमुख हाफीज सईद दिल्ली से आगरा को जोड़ने वाली यमुना एक्सप्रेस-वे पर आतंकी हमला करवा सकता है। आज देखा जाए तो भारत को सबसे ज्यादा खतरा पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से ही है। भारत में होने वाले ज्यादातर हमलों में पाकिस्तान का ही हाथ होता है। ऐसे में ओबामा की यात्रा के दौरान कोई बड़ा हमला न हो और देश में शांति कायम रहे इसके लिए पाकिस्तान को हड़काना जरूरी था। ऐसा पाकिस्तान के पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए किया गया है।

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अमेरिका ने पाकिस्तान को चेताते हुए कहा है कि अगर ओबामा की यात्रा के दौरान सीमा पार से भारत में कोई हिंसक घटना या आतंकी वारदात हुई तो उसकी कीमत पाकिस्तान को चुकानी पड़ेगी। लिहाजा पाकिस्तान यह सुनिश्चित करे कि उस दौरान सीमा पार से कोई आतंकी गतिविधि या गोलीबारी की घटना न हो। इस प्रकार से देखा जाए तो अमेरिका ने भी अप्रत्यक्ष रूप से दुनिया के सामने स्वीकार कर लिया हैकि पाकिस्तान भारत में आतंकवाद को बढ़ावा देता है। जाहिर है, आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान की कलई अब खुल गई है। विश्व में पाकिस्तान की छवि आतंकवाद के पोषक के रूप में बन गई है। इसके बारे में साक्ष्य हैं कि वहां की सेना इन आतंकियों का प्रयोग भारत में दहशत फैलाने के लिए करती है। वैसे आतंकवादी जो भारत व अफगानिस्तान के लिए खतरा हैं, उन्हें पाकिस्तान सरकार और वहां की सेना का खुला समर्थन हासिल है।

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अब तक देखा गया है कि जब कभी भी भारत में कोई विशिष्ट व्यक्ति यात्रा पर होता है तो उस दौरान जम्मू कश्मीर में आतंकी हमला करते हैं। इस तरह उनका मकसद जम्मू कश्मीर को चर्चा में लाना होता है। वर्ष 2000 में राष्ट्रपति बिल क्लिंटन जब भारत दौरे पर आए थे तो आतंकियों ने अनंतनाग जिले में हमलाकर 36 सिखों की हत्या कर दी थी। पाकिस्तान कश्मीर को मुद्दा बनाने का कोई भी मौका नहीं छोड़ता है। अब अमेरिका की स्पष्ट हिदायत के बाद उम्मीद की जानी चाहिए कि ओबामा की यात्रा के दौरान देश में कहीं भी आतंकी हमला नहीं होगा।

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