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ग्लोबल समिट से हरियाणा में बढ़ेंगे निवेश के अवसर

हरियाणा के साइबर सिटी गुड़गांव में ''''हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट'''' भी इसी मकसद को लेकर है।

ग्लोबल समिट से हरियाणा में बढ़ेंगे निवेश के अवसर
राज्यों में निवेश बढ़ाकर विकास का माहौल बनाने में 'निवेशक सम्मेलन' बेहद मददगार साबित होता रहा है। हरियाणा के साइबर सिटी गुड़गांव में 'हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट' भी इसी मकसद को लेकर है। इससे पहले इन्वेस्टर मीट के जरिये मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ नए निवेश के कीर्तिमान रच चुके हैं। पश्चिम बंगाल व महाराष्ट्र ने भी ग्लोबल निवेशक सम्मेलन किया है, जो बहुत ही सफल रहा। राजस्थान, गुजरात, यूपी भी इस तरह के सम्मेलन कर चुके हैं। अब हरियाणा की नई भाजपा सरकार यह पहल कर रही है। खास बात यह है कि इस प्रदेश में ग्लोबल निवेशकों का इस तरह का सम्मेलन पहली बार हो रहा है। उद्योग संगठन सीआईआई के साथ हरियाणा सरकार इस सम्मेलन की तैयारी कई महीनों से कर रही थी। सरकार ने नई उद्योग नीति बनाई। मुख्यमंत्री मनोहर लाल और वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने खुद यूएस, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जापान, चीन की यात्राएं कीं और दिल्ली, कोलकाता, बेंगलुरु, चेन्नई व मुंबई में रोड शो कर संभावित निवेशकों के साथ बैठकें कीं। लेकिन इस सम्मेलन से ठीक पहले जाट आरक्षण आंदोलन के विध्वंसक व हिंसक हो जाने से सरकार को आशंका सता रही थी कि कि इसमें आने से कई निवेशक बिदक सकते हैं। इसके शुरू होने के बाद यह आशंका निर्मूल साबित हुई। इस दो दिवसीय सम्मेलन में निवेशकों, उद्यमियों का उत्साहजनक प्रतिसाद मिला है। सरकार एक लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव की उम्मीद कर रही थी, लेकिन साढ़े चार लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आने की उम्मीद बन गई है। पहले ही दिन दो लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के एमओयू हुए। अकेले वांडा ग्रुप ने 60,000 करोड़ रुपये का समझौता किया। रेल मंत्री ने सूबे में रेल कोच फैक्ट्री लगाने की घोषणा की। पेट्रो केमिकल हब बनाने की बात हुई। सुभाष चंद्रा व भारती मित्तल जैसे बड़े उद्यमियों ने निवेश का ऐलान किया। इन घोषणाओं से लगता है हरियाणा ने आरक्षण आंदोलन के स्याह अतीत को पीछे छोड़कर आगे बढ़ चला है। सरकार की भी सोच है कि वह अपने विकास एजेंडों पर आगे बढ़े। इसमें यह सम्मेलन बहुत मदद करेगा, लेकिन इसमें बतौर चीफ गेस्ट आए वित्त मंत्री अरुण जेटली की बात गौर करने वाली है कि 'निवेश को लेकर राज्यों में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है, इसलिए जरूरी है राज्य सरकारें अपने यहां रोड, रेल और कम्युनिकेशन नेटवर्क को मजबूत करें। हरियाणा सरकार को भी अपने यहां बुनियादी ढांचों को मजबूत करना चाहिए' उम्मीद की जानी चाहिए कि सरकार इस दिशा में कोशिश करेगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भरोसा दिया है कि निवेश के अनुकूल माहौल बनाएंगे व नियम-कानूनों को सरल बनाएंगे। एक और बात हरियाणा के हक में है कि वह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से नजदीक है व अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी है। लेकिन चुनौतियां भी होंगी।
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