Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला कदम

वाजपेयी के नेतृत्व में जब केंद्र में एनडीए की सरकार बनी थी तब प्रधानमंत्री ऑफिस में सुधींद्र नियुक्ति हुई थी।

लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला कदम
X

नई दिल्ली. सुधींंद्र कुलकर्णी जैसे जानेमाने चेहरे पर शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने स्याही फेंककर अपनी ओछी मानसिकता का परिचय दिया है। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है। एक तरह से यह भारतीय लोकतंत्र की जड़ पर आघात जैसा कृत्य है। सुधींद्र कुलकर्णी का भारतीय जनता पार्टी से गहरा नाता रहा है। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में जब केंद्र में एनडीए की सरकार बनी थी तब प्रधानमंत्री ऑफिस में उनकी नियुक्ति हुई थी। वे अभी मुंबई स्थित ऑब्र्जवर रिसर्च फाउंडेशन के अध्यक्ष हैं।

ये भी पढ़ें : सुप्रीम कोर्ट के पटल पर न्याय की भाषा का प्रश्न

शिवसेना का कहना हैकि उन्होंने पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री की लिखी हुई किताब नाइदर ए हॉक नार ए डव का मुंबई में विमोचन करा कर देश के शहीदों का अपमान किया है इसीलिए उनके साथ ऐसा सलूक किया गया। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब शिवसेना ने अपनी गिरी हरकतों से देश को शर्मसार किया है। अभी बहुत दिन नहीं बीते हैं जब उसने मुंबई में पाकिस्तान के गजल गायक गुलाम अली का प्रोग्राम नहीं होने दिया। उसके बाद उन्हें मजबूरन दूसरे राज्य में अपना प्रोग्राम करना पड़ा। पूर्व में उसके कार्यकर्ता भारत पाकिस्तान के बीच होने वाले क्रिकेट मैचों में तरह तरह से व्यवधान पैदा करते रहे हैं।

भारत पाकिस्तान के लोगों के बीच मेलजोल में बाधा पैदा करने वाले इन कदमों को छोड़ दें तो उसकी घरेलू राजनीति भी कम विभाजनकारी नहीं रही है। भारत के संघीय ढांचे पर जब न तब चोट करती रही है। इसमें कोई दो राय नहीं कि पाकिस्तान आतंकवाद का जनक है। वह इन आतंकवादियों का प्रयोग भारत की धरती को लहूलुहान करने के लिए लंबे अरसे से करता आ रहा है। बड़ी संख्या में हमारे जवान इन आतंकवादियों से देश की सुरक्षा करते हुए शहीद हो गए हैं। शिवसेना का कहना हैकि पाकिस्तान के नापाक मंसूबे के कारण एक तरफ जब हमारे सैनिक हालाक हो रहे हैं तब पाकिस्तान और उसके नुमाइंदों का मुखर होकर विरोध जायज है, लेकिन शिवसेना को एक बात समझ लेनी चाहिए कि विरोध का उसका यह तरीका उचित नहीं है। पाकिस्तान को जवाब देने के लिए केंद्र स्तर पर सरकार है, सेना है। ये दोनों अपनी भूमिका बखूबी निभा भी रहे हैं। यह भारत, जो दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, के लिए बहुत ही घातक है।

ये भी पढ़ें :सानिया मिर्जा और मार्टिना ने रचा नया इतिहास

लोकतंत्र में हर आवाज या विचार के लिए जगह होती है। उससे एक वर्ग असहमत हो सकता है, लेकिन उसे दबा नहीं सकता है। यदि पाकिस्तान का कोई नागरिक यहां आता है तो शांतिपूर्वक अपने विचार प्रस्तुत करने से नहीं रोका जाना चाहिए। अपने विरोधी स्वर को यदि कोईवर्ग बलपूर्वक दबाने लगे तो न हमारा लोकतंत्र बचेगा, न सामाजिक समरसता बचेगी और ना ही हमारी एकता बचेगी। ऐसे में हमारी विविधता खंड-खंड हो जाएगी। शिवसेना भी अपने विचार जबरन थोपेगी और जो उन्हें नहीं मानेगा उनके मुंह पर कालिख पोतेगी या हिंसा का भय दिखाएगी तो फिर उसमें और तालिबानियों में क्या फर्क रह जाएगा। कश्मीर में आतंकवादी भी तो कश्मीरी पंडितों को हिंसा का भय दिखाकर भगाते हैं। ऐसी हरकतों से उसे बाज आना चाहिए। सरकारों को भी ऐसी शक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story
Top