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चिंतन: टैक्स चोरी करने वाले अपने देश के अपराधी

दुनिया का यह सबसे बड़ा खुलासा माना जा रहा है, जो पनामा की लॉ फर्म ''मोस्साक फोंसेका'' के 1.15 करोड़ टैक्स डॉक्यूमेंटों के लीक होने से हुआ है।

चिंतन: टैक्स चोरी करने वाले अपने देश के अपराधी

कर चोरी कर टैक्स हैवन देशों में छिपाने के अब तक सबसे बड़े खुलासे 'पनामा पेपर्स' ने भारत, पाकिस्तान, चीन और रूस में एक साथ भूचाल ला दिया है। दुनिया का यह सबसे बड़ा खुलासा माना जा रहा है, जो पनामा की लॉ फर्म 'मोस्साक फोंसेका' के 1.15 करोड़ टैक्स डॉक्यूमेंटों के लीक होने से हुआ है। इसमें विश्व के 140 नेताओं के नाम हैं, सैकड़ों बिजनेस, फिल्म और खेल जगत की हस्तियों के नाम हैं। भारत के 500 लोगों के नाम बताए जा रहे हैं। इस खुलासे में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, पाक की पूर्व पीएम दिवंगत बेनजीर भुट्टो, चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग, बॉलीवुड मेगास्टार अमिताभ बच्चन, अभिनेत्री एश्वर्या राय, हॉलीवुड अभिनेता जैकी चान, डीएलएफ के प्रोमोटर केपी सिंह फुटबॉलर लियोनेल मैसी जैसे दिग्गजों के नाम टैक्स छिपाने वालों की सूची में हैं।

यों तो टैक्स बचाने के लिए दूसरे देशों में धन छिपाने की यह पहली घटना नहीं है। स्विस बैंक ब्लैकमनी रखने के लिए बदनाम रहा है। मॉरीशस, बारबोडास, पनामा, वजिर्न आाईलैंड जैसे कई टैक्स हैवेन देश हैं, जो लोगों के कालेधन छिपाते हैं। लेकिन इस बार के खुलासे में जो नाम आए हैं, वो चौंकाते हैं, क्योंकि जनता में इन सभी की छवि बहुत अच्छी है। अमिताभ बच्चन और एश्वर्या राय के बारे में कौन सोचेगा कि वे टैक्स छिपाकर सरकार को धोखा देंगे। ऐसे ही चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग की छवि भी स्वच्छ है, वे बेहद ताकतवर नेता हैं चीन में भरोसेमंद भी। चीनी जनता को शी के कालेधन को छिपाने के बारे में सुनकर बेहद धक्का लगेगा। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी मजबूत और अपनी लाइफस्टाइल के लिए मशहूर नेता है।

इस खुलासे के बाद रूस में पुतिन की छवि भी प्रभावित होगी। ऐसे ही पाक पीएम नवाज शरीफ की शराफत कटघरे में आ जाएगी। अर्जेंटीना के फुटबॉलर मैसी को यूरोप में लोग भगवान की तरह मानते हैं, लेकिन लोग जब ये सुनेंगे कि उनका भगवान टैक्स बचाने के लिए धन छिपाया है, उन्हें गहरा धक्का लगेगा। विदेशों में जमा कालाधन भारत में बड़ा राजनीतिक व आर्थिक मुद्दा है। लोकसभा चुनाव के दौरान 'कालेधन की वापसी' भाजपा चुनावी वादों में से एक थी। नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद सबसे पहला फैसला भी ब्लैकमनी पर एसआईटी गठित करने का किया था। तबसे मोदी सरकार लगातार कालेधन के स्रोतों पर नकेल कस रही है।

पनामा पेपर्स के खुलासे के बाद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तुरंत वित्त मंत्री अरुण जेटली से बात की और निर्देश दिया कि मामले की गहराई से जांच हो और जिन्होंने भी कानून तोड़ा है, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिले। जेटली ने कहा भी है कि जिन लोगों ने विदेशों में गैरकानूनी प्रॉपर्टी रखी है और जिन्होंने (कम्प्लायंस विंडो) का फायदा नहीं उठाया उन्हें यह रिस्क अब महंगा पड़ेगा। इस मामले में सरकार को जांच करनी चाहिए और दोषियों को कानून के कटघरे तक पहुंचाना चाहिए। टैक्स चोरी अपराध है और यह नैतिक, आर्थिक प्रश्न भी है। दिग्गज हस्तियां, जो समाज व देश की आईकॉन होती हैं, उन्हें अपने व्यक्तिगत जीवन में ईमानदारी की मिसाल पेश करनी चाहिए। पनामा जैसे देशों पर भी अंकुश की जरूरत है।

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