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क्रिकेट जगत का उभरता सितारा प्रणव धनावडे

युवा खिलाड़ी 15 वर्षीय प्रणव धनावडे के पिता एक ऑटो ड्राइवर हैं।

क्रिकेट जगत का उभरता सितारा प्रणव धनावडे
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मुंबई में स्कूली क्रिकेट में एक रिकॉर्ड बनता है, तो एक टूट जाता है। सचिन तेंदुलकर-विनोद कांबली के रिकॉर्ड को अरमान जाफर-सरफराज खान की जोड़ी ने तोड़ा, तो बाद में उनके स्कूल के पृथ्वी शॉ उनसे आगे निकल गए। अब इस कड़ी में नया नाम जुड़ा है क्रिकेटर प्रणव धनावडे का, जिन्होंने मंगलवार को एक हजार रन का जादुई आंकड़ा पार कर लिया। वे 1009 रन बनाकर नाबाद रहे। प्रणव ने बेमिसाल पारी में इतना रन बनाकर 117 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इससे पहले 1899 में इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज आर्थर कोलिंस ने 628 रन बनाए थे। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा आयोजित एचटी भंडारी कप इंटर-स्कूल क्रिकेट टूर्नामेंट में प्रणव ने खेलते हुए क्रिकेट की दुनिया में यह रिकॉर्ड बनाया है। यह क्रिकेट के किसी भी फॉर्मेट में अब तक सर्वोच्च स्कोर है। युवा खिलाड़ी 15 वर्षीय प्रणव धनावडे के पिता एक ऑटो ड्राइवर हैं।
जाहिर है, प्रणव के लिए क्रिकेट में कॅरियर बनाना दूसरों की तुलना में ज्यादा मुश्किल है, लेकिन यह धमाकेदार पारी उनको गुमनाम क्रिकेटर से रातों-रात उभरता हुआ स्टार खिलाड़ी बना सकती है। मुंबई में स्कूली क्रिकेट के दो बड़े टूर्नामेंट हैं, हैरिस शील्ड और जाइल्स शील्ड। एचटी भंडारी कप मुंबई से सटे ठाणे जिले के स्कूलों के लिए आयोजित किया जाता है। इस ट्रॉफी में मैच हैरिस शील्ड की तरह ही होते हैं। हालांकि स्कूल क्रिकेट में 400 से अधिक रन बनाने के कारनामे इससे पहले भी कई बार हो चुके हैं।
मुंबई के पृथ्वी शॉ, अरमान जाफर, सरफराज खान, रमेश नागदेव, संजीव जाधव, वसीम जाफर ऐसे नाम हैं जिन्होंने पूर्व में ये कारनामे कर चुके हैं। वसीम जाफर तो भारतीय क्रिकेट टीम के लिए ओपनिंग तक किए हैं। प्रणव की लगन और खेल तकनीक को देखते हुए क्रिकेट के कई जानकार अभी से कहने लगे हैं कि वे आने वाले दिनों में टीम इंडिया के अहम सदस्य हो सकते हैं। कहावत हैकि पूत के पांव पालने में ही नजर आने लगते हैं अर्थात व्यक्ति के अंदर मौजूद प्रतिभा ज्यादा दिनों तक न छिपी रह सकती है और ना ही दबी रह सकती। यह परिस्थितियों का भी मोहताज नहीं होती।
तमाम अभावों में भी ऐसे विरले लोग अपनी दक्षता, कौशल के बल पर ऊपर उठे हैं जो दूसरों की जीवन के लिए प्रेरणा स्रोत हुए हैं। आज हमारे देश में अलग-अलग क्षेत्रों में कईऐसी नामचीन शख्सियतें हैं जिन्होंने बचपन में ही ऐसे संकेत दे दिए थे कि उनमें दूसरों से बेहतर करने की क्षमता है। खेल की दुनिया में ही देखें तो मिल्खा सिंह, पीटी उषा, सचिन तेंदुलकर, सानिया मिर्जा, साइना नेहवाल, विश्वनाथन आनंद, मैरी कॉम, सुशील कुमार, योगेश्वर दत्त, सीमा पुनिया, गीता फोगाट सहित ढेरों ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने अलग-अलग प्रतिस्पर्धाओं में अपना मुकाम हासिल किया है। हां, उनकी कामयाबी के इस सफर में उनके परिवारजनों का भी भरपूर सहयोग मिला जिससे उन्हें समय के साथ अपनी प्रतिभा निखारने में मदद मिली। उम्मीद की जानी चाहिए कि प्रणव धनावडे सभी चुनौतियों को पार करते हुए आने वाले दिनों में क्रिकेट की दुनिया में भारत का नाम रोशन करेंगे।
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