Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

सदन चले - खोजने होंगे उपाय, हारी हुई बाजी की खिसियाहट

कांग्रेस की हताशा है कि वह किसी जगह पर दृढ़ नहीं रह पाती।

सदन चले - खोजने होंगे उपाय, हारी हुई बाजी की खिसियाहट
X
कांग्रेस के लिए नरेंद्र मोदी एक मुसीबत हैं इसलिए उसका सारा जोर इस पर है कि किसी तरह मोदी को काम करने से रोका जाए और इसी हेतु वह सरकार के हर काम में अड़ंगा लगा रही है। इस सत्र में राज्यसभा को कांग्रेस ने जिस तरह नहीं चलने दिया उससे एक बात तो साफ ही हो गई कि कांग्रेस ने तय कर लिया था कि वह संसद नहीं चलने देगी। यह हारी हुई बाजी की खिसियाहट है। कांग्रेस चूंकि लोकसभा चुनाव में बुरी तरह मुंह की खा चुकी है इसलिए वह राज्यसभा के जरिए सरकार की बढ़त को रोकना चाहती है। मगर इसका भी लाभ भाजपा को मिल रहा है। मोदी के नेतृत्व में भाजपा पहले लोकसभा चुनाव जीती और इसके बाद हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड तथा जम्मू कश्मीर में उसकी भारी जीत यही बताती है कि जितना अधिक मोदी का विरोध हो रहा है उतना ही अधिक मोदी और मजबूत होते जा रहे हैं। जिस कश्मीर में भाजपा दहाई तक नहीं पहुंच पाती थी वहीं भाजपा आज सरकार बनाने की एक बड़ी दावेदार है। इसका साफ संकेत है कि भाजपा की बढ़त निरंतर जारी है। यह सिर्फ और सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी की जनता में लोकप्रियता का ही कमाल है।

किसी भी सरकार को काम नहीं करने देने का अर्थ विशुद्घ अड़ंगेबाजी होता है और यह बात जनता समझ रही है। कांग्रेस इस मामले में बुरी तरह एक्सपोज हो चुकी है। चूंकि राज्यसभा में कांग्रेस को बहुमत है और एनडीए व उसके घटक दल कमजोर हैं। इसलिए कांग्रेस वहां एक फिजूल मुद्दे को लेकर इस तरह व्यवहार करने लगी कि हर एक को समझ में आ गया कि कांग्रेस सरकार को काम नहीं करने देना चाहती। दरअसल नरेंद्र मोदी लगातार इस बात पर जोर दे रहे थे कि देश को कांग्रेस मुक्त करना है इसलिए कांग्रेस अपने लगातार घटते जनाधार से हड़बड़ाई है। उसे लग रहा है कि हर चुनाव उसे और नीचे कर देता है। लोकसभा चुनाव के बाद जिन राज्यों के चुनाव हुए उनमें से किसी में भी कांग्रेस अथवा उनके सहयोगी दल जीत नहीं पाए और यह बात कांग्रेस को और नीचे की तरफ घसीट रही है इसलिए उसने ठान लिया है कि किसी तरह से मोदी की लोकप्रियता को खत्म करना है। पहले तो उसने जमाखोरों को हवा देकर महंगाई का ग्राफ बढ़वाया और अब वह विकास के कायरें को ठप करवाने पर जुटी है। कांग्रेस की यह अतिशय चतुराई उसे और अधिक जनता की निगाह से दूर कर रहा है।

कांग्रेस के साथ एक समस्या और है उसे यह अब लगने लगा है कि उसकी हार की वजह उसका हिंदू विरोधी स्टैंड लेना है। इसीलिए कांग्रेस उपाध्यक्ष अब कह रहे हैं कि पार्टी हिंदू विरोधी होती जा रही है। अब कांग्रेस का यह चिंतन उसे और डुबोने के लिए काफी है। साफ वजह है कि कांग्रेस को उसका खोया जनाधार मिलने से रहा और खुद को हिंदू विरोधी बताकर वह अपने से मुसलमान वोट को भी दूर कर देगी। यह कांग्रेस की हताशा है कि वह किसी जगह पर दृढ़ नहीं रह पाती। कांग्रेस का अगर इतिहास देखें तो पता चलेगा कि हिंदू हित का सवाल उठाकर कांग्रेस ने पहले तो देश का विभाजन कराया और बाद में खुद को अल्पसंख्यकों का मसीहा बताने के लिए जवाहर लाल नेहरू ने एक के बाद एक हिंदू विरोधी कदम उठाए। उन्होंने समान नागरिक संहिता से मुसलमानों तथा अन्य अल्पसंख्यकों को बाहर रखा और बाद में उनके नाती प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैस्ले को पलट दिया जिसके मुताबिक शाहबानों का गुजारा भत्ता देना था और यही वह बिंदु था जहां कांग्रेस ने बता दिया कि अल्पसंख्यक वोटों की खातिर वह किसी भी अदालत की परवाह नहीं करेगी। यही कारण है कि कांग्रेस मोदी के सत्ता के आने के बाद से लगातार अपना जनाधार खोती जा रही है इसलिए गए साल में उसने यह रिकार्ड तो बना ही दिया कि मात्र छह महीने पुरानी उस सरकार के हर काम पर अड़ंगेबाजी की जिसे लोकसभा में अपार बहुमत मिला है।

खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story
Top