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चिंतनः खुलने लगीं अंडरवर्ल्ड जगत की परतें

छोटा राजन ने अपराध की दुनिया का अपना सफर सत्तर के दशक में टिकटों की ब्लैक मार्केटिंग से शुरू किया था।

चिंतनः खुलने लगीं अंडरवर्ल्ड जगत की परतें
अंडरवर्ल्ड सरगना छोटा राजन की गिरफ्तारी के बाद से अपराध जगत की परतें खुलने लगी हैं। इससे देश और सीमा पार भी हलचल मची हुई है। गत दिनों उत्तर प्रदेश में उसके तीन शूटर को पुलिस ने मार गिराए थे।
वहीं खबरें आ रही हैं कि पाकिस्तान में दाऊद इब्राहिम के ठिकाने की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दाऊद भारत में सबसे वांछित आतंकवादियों में से एक है। माना जाता है कि वह पाकिस्तान में छिपा बैठा है और पड़ोसी देश भी उसे पनाह दिए हुए है। भारत लंबे समय से दाऊद को पकड़ना चाहता है। देश में कई आतंकी घटनाओं की उसने साजिश रची है।
शुरुआती पूछताछ में छोटा राजन ने दाऊद इब्राहिम के संबंध में कई खुलासे किए हैं। मसलन उसके ठिकाने, उसकी संपत्ति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी हाथ लगी है। कहा जा रहा है कि ये सूचनाएं महत्वपूर्ण हैं, इनके आधार पर दाऊद पर और मजबूती से शिकंजा कसा जा सकेगा।
इसके अलावा छोटा राजन ने देश में फैले अंडरवर्ल्ड जगत के तंत्र की भी जानकारी दी है, जिसके आधार पर कई लोगों की नए सिरे से गिरफ्तारी होने और दशकों से अनसुलझी रही अपराध की कड़ियों को आने वाले दिनों में जोड़े जाने की उम्मीद है। छोटा राजन ने कई लोगों की ओर इशारा किया है, जिसमें कुछ पुलिसवाले भी हैं। जाहिर है,सुरक्षा एजेंसियां जैसे-जैसे उससे पूछताछ का सिलसिला आगे बढ़ाएंगी, कई रहस्यों से पर्दा उठेगा।
पिछले दिनों इंटरपोल द्वारा जारी रेडकॉर्नर नोटिस के आधार पर इंडोनेशिया के बाली में उसे पकड़ा गया था। उसके बाद से ही भारत सरकार उसे देश में लाने की कोशिशें तेज कर दी थी। इसमें सफलता भी मिली, छोटा राजन को 27 साल बाद बिना किसी बाधा के भारत लाया जा चुका है। उसे सीबीआई की गिरफ्त में रखा गया है। उससे संबंधित सभी मामलों की छानबीन का जिम्मा इसे ही सौंपा गया है। उस पर हत्या, अपहरण, तस्करी आदि से जुड़े सत्तर मामलों में केस दर्ज हैं।
छोटा राजन ने अपराध की दुनिया का अपना सफर सत्तर के दशक में टिकटों की ब्लैक मार्केटिंग से शुरू किया था। बाद के दिनों में वह दाऊद इब्राहिम का सबसे वफादार बन गया, लेकिन यह साथ ज्यादा दिनों तक बरकरार नहीं रह पाया। 1993 के मुंबई बम विस्फोटों में दाऊद की भूमिका के बाद राजन उससे अलग हो गया था। इस घटना ने मुंबई ही नहीं बल्कि पूरे देश को झकझोरने के साथ अपराध जगत के कई समीकरण भी बदल दिए। माना जाता है कि सुरक्षा एजेंसियां राजन को दाऊद के खिलाफ एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करती रही हैं। वहीं दाऊद ने भी कई बार राजन पर हमले करवाए, लेकिन वो हमेशा बचता रहा। कहा जाता है कि पिछले कुछ सालों से छोटा राजन दक्षिण पूर्व एशिया के देशों में भागता फिर रहा था, लेकिन अंतत: सुरक्षा एजेंसियां उसे खोज निकालने में सफल रहीं।
एक अपराधी की असली जगह जेल की काल कोठरी होती है, जहां देर से ही सही छोटा राजन को भी अंतत: आना पड़ा है। अब कानून को अपना काम करने देना चाहिए और न्यायिक प्रक्रिया के तहत उसे सख्त से सख्त सजा मिलने की उम्मीद की जानी चाहिए।
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