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हरिभूमि संपादकीय लेख: दो गज दूरी, बहुत जरूरी मंत्र से ही हारेगा कोरोना

प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि मार्च की शुरुआत में भारत और बाकी देशों के हालात एक जैसे थे। हमने वक्त पर कदम उठाए और इस वजह से कई लोगों को बचाने में हम कामयाब रहे। हमने डेढ़ महीने में हजारों जिंदगियां बचाईं, लेकिन वायरस अभी भी गया नहीं है।

ऐसे बढ़ती है बॉडी इम्यूनिटी, जानिए आप कितना जानते हैं इनके बारे मेंpm narendra modi ने आयुष मंत्रालय की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने के सुझाव दिए

चीन के वुहान से शुरू हुआ कोरोना वायरस पूरी दुनिया में पैर पसार चुका है। इसको लेकर दहशत का माहौल बना हुआ है। दुनियाभर में वायरस की चपेट में आने से दो लाख छह हजार 990 लोगों की मौत हो चुकी है और अब तक 29 लाख 94 हजार 731 संक्रमित हैं। कोरोना ने विश्व शक्ति कहे जाने वाले अमेरिका की कमर तोड़ दी है। यहां 9,87,160 इसके शिकार बने हैं और 55,413 की जान जा चुकी है। यह हाल उस अमेरिका का है जिसे स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में दुनिया में अव्वल स्थान प्राप्त है। दूसरे नंबर पर आने वाले इटली में 1,97,675 संक्रमित हैं और 26,644 की मौत हो चुकी है। ऐसा ही हाल धनवान कहे जाने वाले यूरोप के देशों का है। अकेले ब्रिटेन में ही 20,732 लोग मौत के शिकार हो चुके हैं।

भारत इस माहामारी से अब तक केवल इसलिए बचा रह पाया है कि हमारी सरकार समय रहते सजग हो गई। सबसे पहले हवाई अड्डों पर ही जांच की व्यवस्था शुरू की गई। विदेश से आने वालों को घर में सेल्फ क्वारंटीन करने की सलाह दी गई। इसके बाद खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया और 22 मार्च को एक दिन के जनता कर्फ्यू लगा दिया और इसके बाद 24 मार्च से पूरे देश में लॉकडाउन है। रेल-बस के पहिये थमे हुए हैं, उद्योग-व्यापार बंद हैं, हवाई उड़ानों पर पूरी तरह से रोक हैं और लोग अपने घरों में ही हैं। इसका लाभ यह हुआ है कि चीन के पड़ोस में होने के बावजूद देश में अब तक 28 हजार 93 संक्रमण के मामले ही सामने आए हैं, खास बात यह कि देश में संक्रमित मरीजों का रिकवरी रेट बढ़कर 22.17 फीसदी है।

देश के 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 16 जिले ऐसे हैं जहां पिछले 28 दिनों में कोरोना का कोई मामला सामने नहीं आया है। वहीं 85 जिले ऐसे भी हैं जहां पिछले 14 दिनों से कोरोना का कोई केस सामने नहीं आया है। यह सब इसलिए संभव हो पाया कि केंद्र की नरेंद्र मोदी और राज्य सरकारें कोरोना का संक्रमण तोड़ने के लिए दिन-रात एक किए हुए हैं। पूरे अभियान का नेतृत्व खुद प्रधानमंत्री कर रहे हैं। इसी के तहत उन्होंने सोमवार को चौथी बार अलग-अलग प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि मार्च की शुरुआत में भारत और बाकी देशों के हालात एक जैसे थे। हमने वक्त पर कदम उठाए और इस वजह से कई लोगों को बचाने में हम कामयाब रहे। हमने डेढ़ महीने में हजारों जिंदगियां बचाईं, लेकिन वायरस अभी भी गया नहीं है।

बैठक में कहा गया कि राज्यों की कोशिशें इस बारे में होनी चाहिए कि रेड जोन ऑरेंज जोन में बदलें और ऑरेंज जोन ग्रीन जोन में बदल जाएं। मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में यह भी चर्चा की गई कि कैसे रोड ट्रैफिक शुरू किया जा सकता है? बुजुर्गों को घर से बाहर निकलने की इजाजत दी जाए या नहीं। दुकानें या बाजार आगे किस तरह खुलेंगे? इस मौके पर प्रधानमंत्री ने शंकाओं का समाधान करते हुए मुख्यमंत्रियों से कहा कि देश की अर्थव्यवस्था बेहतर हालात में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात और गांव प्रतिनिधियों से चर्चा की तरह अब मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भी दो गज दूरी, बहुत है जरूरी का मंत्र दोहराया। यह बिलकुल सही भी है। अगर कोरोना की चेन तोड़नी है तो हमें अपनी आदतों में बदलाव करना होगा। दो गज का मतलब 182.8 सेंटीमीटर या फिर 72 इंच होता है। इसे दो मीटर से कुछ कम भी कह सकते हैं। कोरोना वायरस पर अब तक जितने भी शोध हुए हैं, उनसे यह जानकारी मिलती है कि अगर एक मीटर से ज्यादा दूरी बनाकर रखी जाए तो इस महामारी के फैलाव पर काबू पाया जा सकता है।

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