Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

मोदी के हेलीकॉप्टर को रोकने पर उठे सवाल

मोदी के निजी चार्टर विमान ने एयर डिफेंस क्लीयरेंस नहीं ली थी।

मोदी के हेलीकॉप्टर को रोकने पर उठे सवाल

नई दिल्‍ली. भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के हेलीकॉप्टर को पहले दिल्ली और फिर बरेली हवाईअड्डे पर रोकना क्या महज एक संयोग है? या इसमें किसी तरह की साजिश भी है जिससे कि वे पहले से तय रैलियों में समय से न पहुंच पाएं और इस तरह या तो उनकी चुनावी सभा रद हो जाए या लोग नाराज हो वापस चले जाएं। इसमें कितनी सच्चाई है इसकी जांच होनी चाहिए। नरेंद्र मोदी ने जिस तरह से आरोप लगाया है कि कुछ लोग उनकी जनसभाओं में उमड़ रही भीड़ को देखकर हताश हो गए हैं।

उन्हें सत्ता हाथ से खिसकती प्रतीत हो रही है, लिहाजा वे इस तरह की हरकतों को अंजाम दे रहे हैं। यदि ऐसा है तो काफी गंभीर मामला है। यह तो लोकतंत्र के बुनियादी सिद्धांतों के भी खिलाफ है। भारत दुनिया का विशालतम लोकतंत्र होने पर गर्व करता है। और इस लोकतंत्र को आगे ले जाने तथा मजबूती देने के लिए देश में चुनावों का महाकुंभ लग चुका है, ऐसे में इस तरह की अलोकतांत्रिक हरकत यदि सच में जानबूझकर की जा रही है तो वह ठीक नहीं है।

लोकतंत्र में हर किसी को कहीं भी स्वतंत्र रूप से सभा करने और र्मयादाओं में रहकर भाषण देने की आजादी है। भारतीय जनता पार्टी की ओर से इस संबंध में चुनाव आयोग को शिकायत की गई है। अब चुनाव आयोग को इसमें सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। इस मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए और जो भी दोषी पाए जाएं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

हालांकि उड्डयन प्रशासन की ओर से कहा गया है कि बरेली हवाईअड्डा वायुसेना के अंतर्गत आता है, लिहाजा वहां सभी नागरिक विमानों को क्लीयरेंस लेनी पड़ती है। और मोदी के निजी चार्टर विमान ने एयर डिफेंस क्लीयरेंस नहीं ली थी।इसी वजह से देरी हुई। ऐसा ही दिल्ली के संबंध में कहा गया है कि कागजी कार्रवाई की वजह से देरी हुई। दरअसल, नरेंद्र मोदी के हेलीकॉप्टर को दिल्ली हवाईअड्डे पर घंटों उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी गई।

जिससे उत्तर प्रदेश में बरेली के चुनावी सभा में वे देरी से पहुंचे। इस पर नरेंद्र मोदी ने आरोप भी लगाया कि केंद्र सरकार डर गई है और उसके इशारे पर उनके हेलीकॉप्टर को घंटों रोका गया है। यही नहीं बरेली में सभा समाप्त हो जाने के बाद मोदी को मध्य प्रदेश के कई शहरों में रैली में शामिल होना था, परंतु वहां भी उनके हेलीकॉप्टर को रोका गया। देश में जिस तरह का माहौल बना हुआ है, उसे देखते हुए यह भी कहा जा रहा है कि ऐसा जानबूझकर किया जा सकता है।

इसके पीछे उनके प्रचार अभियान को नुकसान पहुंचाने की मंशा हो सकती है। क्योंकि हम देख सकते हैं कि विभिन्न दलों के वरिष्ठ नेता मोदी पर किस तरह शब्दों से प्रहार कर रहे हैं। मोदी को भारत विजय रैली के दौरान एक दिन में कई कार्यक्रमों में जाना पड़ रहा है। वे बिना थके और बिना रुके पूरे देश का दौरा कर रहे हैं।

देश में सबसे बड़े कैंपेनर अभी वही हैं। इस दौरान खुद प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पार्टी के चुनाव प्रचार अभियान में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। ऐसे में सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी दल के प्रचारकों को इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

Next Story
Top