Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

देश में बदलाव का वाहक बनी भारतीय जनता पार्टी

निर्दलीय राजनीतिक व्यवस्था में नई-नईपार्टियों का गठन एक सामान्य परिघटना है।

देश में बदलाव का वाहक बनी भारतीय जनता पार्टी
X

निर्दलीय राजनीतिक व्यवस्था में नई-नईपार्टियों का गठन एक सामान्य परिघटना है। जनता जब मौजूदा दलों के कार्य-व्यवहार से ऊब जाती है और अपनी उम्मीदों को पूरी होते नहीं देखती है तो तब वह नए विकल्पों की ओर रुख करती है। यह भारतीय लोकतंत्र की समृद्धि ही कही जाएगी कि आजादी के छह दशक बीत जाने के बाद भी यहां नए दलों की अभी भी गुंजाइश बनी हुई है। पैंतीस साल पहले अस्तित्व में आई भारतीय जनता पार्टी यानी भाजपा जिस तरह कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी और गुजरात से लेकर अरूणाचल प्रदेश तक अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में सफल हुई है, उसकी वजह यही हैकि कांग्रेस सहित अधिकांश क्षेत्रीय दल जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रहे हैं।

लोगों के बढ़ते विश्वास की जीती जागती मिसाल 2014 के लोकसभा चुनावों में मिली इसे अभूतपूर्व सफलता है। भाजपा स्वयं के दम पर 282 सीटें जीतने में सफल रही। भारतीय राजनीति के इतिहास में तीस साल बाद ऐसा हुआ है कि केंद्र में किसी एक दल को पूर्ण बहुमत मिला। स्थापना के बाद जब भाजपा पहली बार 1984 में लोकसभा के चुनावों में उतरी तो उसे महज दो सीटों पर ही संतोष करना पड़ा था। आज केंद्र में उसकी अगुआई में राष्टÑीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार है। इससे पूर्व अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में वह केंद्र में सफलतापूर्वक सरकार चला चुकी है। फिलहाल 13 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में खुद या सहयोगी दलों के साथ सत्ता में है। इनमें से आठ राज्यों में तो मुख्यमंत्री भाजपा के ही हैं। इस प्रकार आज सबसे ज्यादा राज्यों में इसकी सरकार है। वहीं देश में सबसे ज्यादा विधायक और सांसद भी इसी के हैं। गुजरात, मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में अपनी सत्ता बचाने में सफल रही है, वहीं कश्मीर, महाराष्ट्र व हरियाणा जैसे राज्यों में, जहां उसका अस्तित्व नहीं था, अब अपनी मौजूदगी दर्जकरा रही है। भाजपा के उभार की मुख्य वजह इसका पार्टी विद डिफरेंस का चरित्र रहा है।

जहां-जहां भी पार्टी सत्ता में रही है, वहां वह चुनौतियों के बावजूद उम्मीद जगाई है। यही वजह हैकि भाजपा देश में बेहतर विकल्प के रूप में उभर रही है। हाल में यह 8.80 करोड़ सदस्यों के साथ दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी है। इससे पहले यह रिकॉर्ड 8.60 करोड़ सदस्यों वाली चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के नाम था। जाहिर है, सदस्यों की संख्या के मामले में इसने देश की सबसे पुरानी और लंबे समय तक सत्ता में रही कांग्रेस पार्टी को बहुत पीछे छोड़ दिया है। इस प्रकार पैंतीस साल की आयु में इसने कईनए आयाम स्थापित किए हैं। हालांकि पार्टी को अभी और लंबा रास्ता तय करना है। भाजपा की स्थापना 6 अप्रैल, 1980 को हुई थी। उससे पहले यह 1979 तक भारतीय जनसंघ के नाम से जानी जाती रही, जिसकी स्थापना 1951 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने की थी। जेपी आंदोलन, आपातकाल, मोरारजी देसाई की अगुआई में जनता पार्टी की सत्ता में आने की घटना को जनसंघ की विचारधारा ने काफी प्रभावित किया।

वर्तमान में केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में बनी सरकार इस समय लोगों की उम्मीदों की वाहक बनी हुई है। देश निराशा के माहौल से निकलकर विकास की ओर अग्रसर है। नरेंद्र मोदी एक विश्व नेता के तौर पर उभर रहे हैं। हाल ही में फॉर्च्युन पत्रिका ने एक सर्वे प्रकाशित किया था जिसमें उन्हें विश्व के सर्वाधिक शक्तिशाली नेताओं में शुमार किया गया था। भाजपा को अति आत्मविश्वास से बचते हुए जनसरोकारों की अपनी राजनीति के रास्ते पर चलते रहना चाहिए।

खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story
Top