Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

विमान यात्रा को सुरक्षित बनाने की चुनौती, हादसे से यात्राओं की सुरक्षा पर संदेह

हादसे से विमान यात्राओं की सुरक्षा पर संदेह और गहरा गया है।

विमान यात्रा को सुरक्षित बनाने की चुनौती, हादसे से यात्राओं की सुरक्षा पर संदेह
X
पेन के बार्सिलोना से र्जमनी के डुसेलडोर्फ जा रहे र्जमनविंग एयरलाइंस के एक विमान के मंगलवार को फ्रांस के आल्प्स की पहाड़ियों के बीच दुर्घटनाग्रस्त हो जाने की घटना से दुनिया स्तब्ध है। इस हादसे से विमान यात्राओं की सुरक्षा पर संदेह और गहरा गया है। एयरबस ए320 नाम के उस विमान में 150 यात्री सवार थे। र्जमनविंग र्जमनी एयरलाइंस लुफ्थांसा की सहयोगी कंपनी है, जो किफायती विमान सेवा के लिए जानी जाती है। माना जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त विमान 24 साल पुराना था। यहां सवाल उठता है कि क्या यह हादसा सुरक्षा संबंधी लापरवाहियों का नतीजा है? बड़ा मुद्दा यह है कि क्या वायुसेवाएं अधिक से अधिक किफायती सेवा देने की होड़ में हिफाजत के बुनियादी इंतजामों पर समझौता कर रही हैं? पिछले साल दुनिया तीन बड़ी विमान दुर्घटनाओं का सदमा झेल चुकी है।
गत वर्ष 28 दिसंबर को इंडोनेशिया से सिंगापुर की ओर जा रहे एयर एशिया का एक विमान उड़ान भरने के कुछ ही घंटों बाद लापता हो गया था। विमान में क्रू-मेंबर सहित 162 लोग सवार थे। 17 जुलाई को नीदरलैंड्स की राजधानी ऐम्सटरडम से क्वालालंपुर जा रहा मलेशियाई एयरलाइन का विमान एमएच-17 जब यूक्रेन के ऊपर से उड़ रहा था, तभी इसे विद्रोहियों ने मिसाइल से मार गिराया था। जिससे विमान में सवार सभी 298 यात्री और चालक दल के सदस्य मारे गए थे। वहीं आठ मार्च को मलेशियाई एयरलाइन का ही विमान एमएच-370 लापता हो गया था, जिसका आज तक कोई सुराग हाथ नहीं लग सका है। हालांकि उसके हिंद महासागर में डूब जाने के कयास लगाए गए हैं। उस विमान में 239 लोग सवार थे। यह विचित्र संयोग रहा कि तीनों हवाई हादसे मलेशियाई विमानों के साथ हुए थे।
उन हादसों के साथ यदि ताजा घटना जोड़ कर देखें तो यह धारणा बनती जा रहा है कि विमान यात्रा लगातार असुरक्षित होती जा रही है। यदि दुनियाभर की सरकारें और विमानन कंपनियां उड्डयन उद्योग का भविष्य बनाए रखना चाहती हैं तो उन्हें इस धारणा को तोड़ने के प्रयास में जुट जाना चाहिए। दरअसल, तकनीकी खराबी, सुरक्षा संबंधी लापरवाही, अशांत क्षेत्रों के ऊपर से गुजरने की मजबूरी और प्रतिकूल मौसम ने उड़ानों के लिए जोखिम बढ़ा दिया है। इसमें कोई दो राय नहीं कि हवाई यात्रा ने दूरी और समय को एक हद तक पाटने का काम किया है। जिसका लाभ अंतत: मानव जीवन को ही हो रहा है, लेकिन हाल के दिनों में जिस तरह से विमान दुर्घटनाएं बढ़ी हैं, वह चिंता का विषय है।
इन हादसों से सबक लेते हुए हवाई यात्राओं को हर तरह से सुरक्षित किए जाने की जरूरत है। एयरपोर्ट पर कैसी सुरक्षा व्यवस्था हो, इसके लिए मानक भी बने हुए हैं। जरूरत है, उनको अमल में लाने की। वहीं खासकर जो लंबी उड़ानें हैं और जिन विमानों को समुद्र या दुर्गम क्षेत्रों के ऊपर से यात्रा पूरी करनी पड़ती है, वैसे विमानों में तकनीकी परीक्षण उच्च स्तर के होने चाहिए। समय की मांग है कि हर स्तर पर अचूक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित हो। क्योंकि जिन लोगों की जान ऐसे हादसों में चली जाती है उनके परिवार के लोगों पर क्या गुजरती है, इसकी सिर्फ कल्पना ही की जा सकती है।
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को
फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story