Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

पाक सेना की गोलीबारी पर भारत का रुख कड़ा

इमरान का दावा है कि चुनाव में धांधली नहीं होती तो उनकी जीत होती। इमरान की तहरीक ए इंसाफ को मात्र 34 सीटें मिली थीं।

पाक सेना की गोलीबारी पर भारत का रुख कड़ा
X
पाकिस्तानी सेना की ओर से संघर्ष विराम उल्लंघन की बीते एक पखवाड़े में 18 और अगस्त में अब तक 20 घटनाएं हो चुकी हैं। अभी दो दिन पूर्व ही पाक सैनिकों ने जम्मू सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 25 चौकियों और 19 गांवों को निशाना बनाया जिसमें दो ग्रामीणों की मौत हो गई और बीएसएफ के छह जवान घायल हो गए। इससे सीमावर्ती गांवों के लोगों में दहशत का माहौल है और लोग अपना घर-बार छोड़ सुरक्षित इलाकों की ओर जा रहे हैं। स्थानीय लोग यहां तक कह रहे हैं कि भारत पाकिस्तान के बीच 2003 में लागू हुए संघर्ष विराम समझौते के बाद पाक सेना की ओर से इतनी भारी गोलीबारी पहली बार देखी जा रही है? पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम उल्लंघन की घटना आम बात रही है। हर साल सैकड़ों ऐसी घटनाएं सामने आती हैं।
इस तरह पाक सेना आतंकियों को भारतीय सीमा में घुसपैठ कराने के लिए गोलीबारी करती है जिससे कि भारतीय सेना बंकरों में छिपी रहे और आतंकी भारत में प्रवेश कर जाएं। पर मौजूदा गोलीबारी की एक बड़ी वजह यह है कि इस समय पाकिस्तान के अंदरूनी हालात खराब हैं। वहां राजनीतिक उथल-पुथल मचा हुआ है। पिछले वर्ष नेशनल असेंबली के चुनावों में कथित धांधली के मुद्दे पर तहरीक ए इंसाफ पार्टी के मुखिया तथा क्रिकेटर इमरान खान और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मौलाना ताहिर उल कादरी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के खिलाफ राजधानी इस्लामाबाद में मोर्चा खोले हुए हैं। दोनों नवाज शरीफ के इस्तीफे की मांग पर अडें हैं। इमरान का दावा है कि चुनाव में धांधली नहीं होती तो उनकी जीत होती। दरअसल, 342 सीटों में से नवाज की पीएमएल-एन को 190 और इमरान की तहरीक ए इंसाफ को मात्र 34 सीटें मिली थीं। हालांकि धांधली की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाने के नवाज के प्रस्ताव को इमरान खान ठुकरा चुके हैं।
वहीं सुप्रीम कोर्ट ने भी इमरान के प्रदर्शन पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है, जिससे उनके हौसले बुलंद हैं। कहा जा रहा हैकि इमरान और कादरी को सेना का भी गुप्त समर्थन हासिल है। इमरान से बातचीत कर मामले को शांत करने के नवाज के सारे प्रयास विफल हो गए हैं। दूसरी ओर पाक सेना इन दिनों वजीरिस्तान में आतंकी गुटों के खिलाफ अभियान छेड़े हुए है। पाकिस्तान तालिबान के साथ वहां के एक वर्ग की हमदर्दी रही है। इसके साथ ही पाकिस्तान में दूसरी सामाजिक-आर्थिक समस्याएं अपनी जगह मौजूद हैं। पाक सेना और सरकार घरेलू जनता और अंतरराष्ट्रीय जगत का ध्यान इन समस्याओं से भटकाना चाहती हैं। जिससे पाक जनता और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान भारत-पाक रिश्तों की ओर लग जाएगा।
इसके लिए सेना जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के स्तर को बढ़ाने और सीमा पर तनाव को चरम पर पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रही है। यही वजह है कि वह संघर्ष विराम समझौते को ताक पर रख भीषण गोलीबारी कर रही है। भारत पाक की इस रणनीति को अच्छी तरह समझ रहा है। भारत ऐसी हरकतें बर्दाश्त नहीं कर सकता है। ऐसा चलता रहा तो भारत को कड़ा जवाब देना ही होगा। घाटी में विधानसभा चुनाव भी होने हैं, जिसे शांतिपूर्ण संपन्न कराना सरकार की जिम्मेदारी है। यही वजह है कि भारत सरकार के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बीएसएफ के जवानों को पाक गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब देने को कहा है।
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को
फेसबुक हरिभूमि और हमें फॉलो करें ट्विटर पर-

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story