Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

आतंक पर आईना दिखाए जाने से चिढ़ा पाकिस्तान

अमेरिका ने अब पाकिस्तान पर आंख मूंदकर भरोसा करना बंद कर दिया है।

आतंक पर आईना दिखाए जाने से चिढ़ा पाकिस्तान
X

ऐसा लगता है, जैसे पाकिस्तान आने वाले दिनों में अपने लिए नई मुसीबतों को न्यौतने जा रहा है। उसने राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के हाल के सख्त बयानों और दक्षिण एशियाई अमेरिकी नीति में आए बुनियादी बदलावों से चिढ़कर ऐलान कर डाला है कि वह अमेरिका से दोतरफा बातचीत रद कर रहा है। पाकिस्तान ने अमेरिकी राष्ट्रपति के हाल के बयान को गंभीरता से लिया है।

विगत दिनों अमेरिका की दक्षिण एशिया संबंधी नीति घोषित करते हुए डोनल्ड ट्रंप आतंकियों को पनाह देने के लिए पाकिस्तान पर जमकर बरसे थे। पाकिस्तान ने विरोध स्वरूप ही अमेरिका के कार्यवाहक सहायक विदेश मंत्री एलिस वेल्स के मंगलवार से होने वाले पाकिस्तान दौरे को भी रद्द कर दिया है।

अमेरिका द्वारा अफगानिस्तान रणनीति में भारत से सहयोग मांगने को लेकर पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने सीनेट में कहा कि पाकिस्तान भारत की अफगानिस्तान में किसी प्रकार की सैन्य भूमिका नहीं देखता और उसकी वहां उपस्थिति बर्दाश्त नहीं करेगा।

इसे भी पढ़ें: स्पेन आतंकी हमला: आतंकवाद के खात्मे के लिए एकजुट हो विश्व

पाकिस्तानी समाचार पत्र 'द डॉन' ने विदेश मंत्री के हवाले से बताया है कि अमेरिका से बातचीत स्थगित करने का फैसला पाकिस्तान ने अमेरिकी राष्ट्रपति की बयानबाजियों के प्रति विरोध प्रकट करने के लिए किया है।

वैसे बता दें कि नवाज शरीफ के स्थान पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बनाए गए शाहिद खाकान अब्बासी सितंबर के तीसरे सप्ताह में अमेरिका जाने वाले हैं, जहां वह संयुक्त राष्ट्र की आम सभा की बैठक में भाग लेंगे। संभव है कि उनकी इस दौरान अमेरिकी अधिकारियों से बातचीत भी हो।

संकेत यही हैं कि इसके पूर्व पाकिस्तान की अमेरिका से कोई बातचीत नहीं होगी। बहुत लंबे समय तक अमेरिका की कृपा का पात्र बना रहा पाकिस्तान अचानक उससे क्यों चिढ़ गया है, यह समझना बहुत जरूरी है।

अमेरिका समझ चुका है कि गैर नाटो देश के तौर पर पाक आतंकवाद विरोधी मुहिम का हिस्सा बनकर उससे अरबों डॉलर हड़प चुका है, परंतु पेशावर और क्वेटा में तालिबानियों को पाल-पोस रहा है, ताकि वे अफगानिस्तान में अपनी आतंकी वारदातों को जारी रख सकें।

इसी प्रकार पाक अधिकृत कश्मीर में भी वह भारत विरोधी आतंकी जमातों को ट्रेनिंग से लेकर तमाम दूसरी मदद दे रहा है। पिछले दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि पाक आतंकवादियों की जन्नत बना हुआ है।

इसे भी पढ़ें: रेल यात्रियों की सुरक्षा प्रभु भरोसे, सुनिश्चित करनी होगी व्यवस्था

रक्षा मंत्री ने चेतावनी दी थी कि यदि पाक हकूमत ने कार्रवाई नहीं की तो अमेरिकी सेनाएं उन क्षेत्रों में घुसकर आतंकवादियों का सफाया कर देगी, जहां वे पनाह पाए हुए हैं। अमेरिकी नेता यह भली भांति समझ चुके हैं कि पाकिस्तान आतंकवादी जमातों को पालता रहेगा और उन्हें खत्म करने के नाम पर उससे अरबों डॉलर हड़पता रहेगा।

जब से ट्रंप ने अमेरिका की कमान संभाली है, तब से पाकिस्तान में अच्छी खासी परेशानी देखी जा रही है। ट्रंप ने सपत्नीक जिस तरह व्हाइट हाउस के दरवाजे पर खड़े होकर प्रधानमंत्री मोदी का इंतजार किया और गर्मजोशी से अगवानी की, उसे भी पाकिस्तान पचा नहीं पाया है।

ऊपर से हाल में ट्रंप का यह बयान जले पर नमक छिड़कने से कम नहीं है कि अफगानिस्तान की रणनीति में भारत की भूमिका बहुत अहम रहने वाली है। पाकिस्तान को लग रहा है कि भारत की सैन्य भूमिका से उसके लिए बहुत बड़ा खतरा पैदा होने वाला है।

इसे भी पढ़ें: कश्मीर से लेकर चीन तक का पीएम मोदी ने निकला हल

अमेरिका यह अच्छी तरह समझ रहा है कि पाकिस्तान की दोतरफा बातचीत रद करने की घोषणा के पीछे कौन सी ताकत है। जब से चीन का पाकिस्तान में दखल बढ़ा है, तब से पाक हकूमत वही कर रही है, जो ड्रेगन चाहता है।

पाकिस्तान के भीतर भी विदेश नीति के इस आमूल-चूल बदलाव पर बेचैनी देखी जा रही है। एक बड़ा तबका चीन की पाक पर इन मेहरबानियों को शक की निगाह से देख रहा है। जो लोग चीन की भूमिका को सकारात्मक मानते हैं,

उनका भी यह कहना है कि अमेरिका से अलगाव पाकिस्तान के लिए बहुत परेशानियां पैदा कर सकता है, जिसके बारे में मौजूदा सरकार और सेना सोच ही नहीं पा रही है। पाकिस्तान की बौखलाहट की एक बड़ी वजह यह भी मानी जा रही है कि अमेरिका ने अब आंख मूंदकर उस पर भरोसा करना और रहमतों की बारिश करना बंद कर दिया है।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story
Top