Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

आलोक पुराणिक का व्यंग : लैपटाप पर प्रोजेक्ट्स

बेटे के क्लास दस के खराब रिजल्ट पर, बता रही थीं कि मेरा बेटा घणी मेहनत करता था। फिर भी इत्ते खराब परसेंट आए सिर्फ 50 परसेंट

आलोक पुराणिक का व्यंग : लैपटाप पर प्रोजेक्ट्स
X
एक मम्मी परेशान थीं, बेटे के क्लास दस के खराब रिजल्ट पर, बता रही थीं कि मेरा बेटा घणी मेहनत करता था। फिर भी इत्ते खराब परसेंट आए सिर्फ 50 परसेंट। मैंने पूछा-मतलब यह साफ करें कि बच्चा कैसे मेहनत करता था। मां ने बताया-जी दिन रात कंप्यूटर पर लगा रहता था, बताता था कि बहुत भारी पढ़ाई कर रहा हूं, प्रोजेक्ट कर रहा हूं।
ऐसी बहुत मांएं आपको आसपास मिलेंगी, जो शिकायत कर रहीं होंगी कि हमारा बच्चा तो मेहनत करता था, पर देखो रिजल्ट कित्ता खराब आया । एक बच्चे को जानता हूं मैं, वह बच्चा नौंवी क्लास में है। भारी मेहनत मचाए रहता है वह भी। नौंवी क्लास के बच्चे की देखा-देखी क्लास चार में पढने वाला उसका छोटा भाई भी लैपटाप पर बहुत बैठने लगा है और वह प्रोजेक्ट वर्क करने लगा है, जो उसे अभी स्कूल से नहीं मिलता। मैंने आबर्जव किया तो ये दिखाई दिया-बच्चा प्रोजेक्ट का नाम लेकर लैपटाप खोलता है।
कोने में कान में ईयरफोन्स लगाकर, यू ट्यूब की वैबसाइट पर मनपसंद गाने। पसंदीदा सीरियल्स की क्लिप्स, और भी बहुत अगड़म बगड़म-भारी प्रोजेक्ट वर्क्‍स। सब समझते हैं कि भारी प्रोजेक्ट चल रहा है। साहब जी ये प्रोजेक्ट शब्द में कुछ गड़बड़ है। बच्चे प्रोजेक्ट करें, तो कुछ का कुछ कर देते हैं। बड़े प्रोजेक्ट करें, तो जाने क्या कर दें। इंजीनियर लाखों के प्रोजेक्ट की लागत लाखों से बढ़ाकर अरबों तक ले जाते हैं।
इंजीनियरों की पीढ़ी- दर-पीढ़ियां अपने प्लाट-फ्लैट बनाकर रिटायर हो जाते हैं, पर प्रोजेक्ट ना खत्म होकर देता। प्रोजेक्ट का मतलब ही इस मुल्क में यह होता जा रहा है कि ऐसा कुछ, जिसके रिजल्ट ठीक-ठाक से ना आएं। शब्दशास्त्नियों से निवेदन है कि प्रोजेक्ट शब्द का कोई विकल्प निकालें। बहुत मुश्किल नौकरी है, दफ्तर से लौटने के बाद भी ये लैपटाप पर कुछ कुछ करते रहते हैं-एक गृहिणी ने मुझे पति के बारे में बताया। पति वही बताते हैं-भारी प्रोजेक्ट्स करने होते हैं।
मैंने मित्र के लैपटाप की वेबसाइट्स हिस्ट्री उनकी प}ी के सामने चेक नहीं की, वरना घर में लड़ाई की नौबत आ जाती। लैपटाप ने बहुत मार मचा रखी है। ऐसे ऐसे प्रोजेक्ट्स में बच्चों और बड़ों को धकेल रखा है कि बस..। लैपटाप एक जमाने में बहुत बड़े अफसर रखते थे, जो अपने हिसाब से प्रोजेक्टबाजी मचाते थे, पर ज्यादा लोगों को मालूम नहीं होता था। फिर लैपटाप सेल्समैन के स्तर पर आया। कालेजों, इंस्टीट्यूटों में बच्चों, प्रोफेसरों में लैपटाप फ्री बंटने लगा। बच्चे बुक से ज्यादा फेसबुक पर ध्यान लगा रहे हैं। फेसबुक पर उल्टे सीधे पेजों पर जाते बच्चों को मैंने पकड़ा है, तो वह बताते हैं कि जी प्रोजेक्ट है।
इस तरह के नेट कंटेट्स पर प्रोजेक्ट लिखना है। हर आइटम का प्रोजेक्ट हो जाता है। पोर्न वेबसाइट देखते किसी बच्चे को डपटो, वह कह उठता है, जी प्रोजेक्ट बनाना है, इस विषय पर। प्रोजेक्ट की आड़ में सब कुछ चल जाता है। पहले राम का नाम लेकर कुछ भी करने की छूट हासिल हो जाती थी, अब प्रोजेक्ट को वह दर्जा हासिल हो लिया है। पर सोचिये कि अच्छा है ये प्रोजेक्टबाजी लैपटाप वालों तक ही सीमित है। वरना यह ना हो कि लक्ष्मीनगर में कुछ रहजन किसी महिला से चेनस्नेचिंग करें, मौके पर पुलिस द्वारा पकड़ लिए जाने पर कहें कि जी चैनस्नेचिंग के रियेक्शन्स पर हम प्रोजेक्ट कर रहे हैं।
देख लो, बैग में लैपटाप है। नेता सरासर रिश्वत लेता धरा जाये और कहे कि जी मैं तो रिसर्च प्रोजेक्ट कर रहा था इस विषय पर कि रिश्वत देने के मानवीय व्यवहार पर क्या असर होते हैं, देखिये ये मेरा लैपटाप, इसमें डाटा डालकर रिसर्च करुंगा।
चोर से लेकर नेता तक लैपटाप के सहारे अपने अपने प्रोजेक्ट को सही ठहरा सकता है। आप ही बताइये क्या करें इस लैपटाप का और क्या करें इन प्रोजेक्ट्स का।
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story
Top