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अभिनंदन की वापसी : बौखलाए पाकिस्तान को खानी पड़ी मुंह की

जिसकी आशंका थी, बौखलाए पाकिस्तान ने ठीक वैसी ही हरकत की। पाकिस्तान ने जिस भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन को पकड़ा था उसे आज वापस भारत लौटा दिया है।

अभिनंदन की वापसी : बौखलाए पाकिस्तान को खानी पड़ी मुंह की

जिसकी आशंका थी, बौखलाए पाकिस्तान ने ठीक वैसी ही हरकत की। पाकिस्तान ने जिस भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन को पकड़ा था उसे आज वापस भारत लौटा दिया है। भारतीय वायुसेना ने पुलवामा हमले का बदला लेने और आगे होने वाले आत्मघाती हमलों को नाकाम करने के मकसद से पच्चीस छब्बीस फरवरी की रात में अस्सी किलोमीटर भीतर घुसकर अजहर मसूद के प्रमुख आतंकी ठिकाने को बालाकोट में तबाह कर दिया था, जिसमें तीन सौ से ज्यादा आतंकवादी मारे गए।

भारत ने बहुत सोच-विचार कर पाकिस्तानी आर्मी को नहीं, आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया परंतु इस कार्रवाई के बाद इमरान खान सरकार और पाकिस्तानी सेना के खिलाफ वहां भड़के जन असंतोष से बौखलाई पाकिस्तानी सेना ने न केवल नियंत्रण रेखा पर बीती शाम से जबरदस्त गोले बरसाने शुरू किए बल्कि सत्ताईस फरवरी की सुबह उसके तीन एफ-16 विमानों ने हमारी वायु सीमा का उल्लंघन करते हुए भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की असफल कोशिश की।

चूकि भारतीय वायुसेना चौकस थी, इसलिए उन्हें सीमा पर ही घेर लिया गया और वापस भागने पर मजबूर कर दिया। वापसी के समय भारतीय वायुसेना ने पाक के एक फाइटर प्लेन को मार भी गिराया। हालांकि इस आपरेशन में भारत का भी एक मिग-21 नष्ट हो गया और उससे इजैक्ट करने वाले विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान को पीओके में वहां के सुरक्षाबलों ने हिरासत में ले लिया परंतु पाकिस्तान के मंसूबों को ध्वस्त करने में हमारी सेना कामयाब रही।

सत्ताईस फरवरी को कई घटनाएं घटीं और वहां के सोशल मीडिया के साथ-साथ पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने फर्जी वीडियो और खबरें फैलाकर वहां के लोगों को भरमाने की पूरी कोशिश की। बड़गाम में तकनीकी खामियों के चलते भारतीय सेना का एक हैलीकाफ्टर क्रैश हुआ तो पाक मीडिया और सेना ने दावा कर दिया कि उसकी कार्रवाई में भारतीय विमान गिरा है जबकि यह स्थान पाकिस्तानी सीमा से सैंकड़ों किलोमीटर दूर है।

बाद में खुद पाक सेना ने बयान जारी कर कहा कि उसका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। 2016 में भारतीय वायुसेना का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। उसका वीडियो जारी कर अफवाह फैलाई गई कि उनकी सेना ने भारतीय विमान को मार गिराया है। दोपहर होते-होते लगा कि दोनों देशों के बीच एयर वार शुरू हो गई है।

उधर भी और इधर भी सरहद से लगते सभी हवाई अड्डों को यात्री उड़ानों के लिए बंद कर दिया गया। दोनों तरफ अफरातफरी का माहौल बना रहा। इसमें सोशल मीडिया और मुख्य धारा के मीडिया की भी भूमिका रही। ऐसा लगा, जैसे एक वार भारतीय और पाकिस्तानी मीडिया के बीच छिड़ गई है। पुलवामा आतंकवादी वारदात में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के चालीस से अधिक जवानों के शहीद होने के बाद यह तय ही था कि भारत इसका प्रतिकार करेगा।

उसने बाहरवें दिन सीमा पार चलाए जा रहे सबसे बड़े आतंकी कैंप पर वायुसेना की बमबारी कराकर ऐसा किया भी। इसकी भी पूरी आशंका थी कि अपनी नाक बचाने के लिए इमरान खान सरकार बौखलाहट में कुछ न कुछ करेगी परंतु इस कदर बौखलाहट कि गलती कर बैठे, इसकी आशंका कम से कम भारत को नहीं थी। भारत ने पाकिस्तानी सेना को निशाना नहीं बनाया था।

आतंकी ठिकाने को ध्वस्त किया था परंतु पाकिस्तान सेना ने अपने देश के लोगों के गुस्से को शांत करने के लिए झूठ बोला कि उसने छह भारतीय ठिकानों को निशाना बनाया है, जबकि घिर जाने के बाद वापस भागते समय उसके एफ-16 विमानों ने कुछ बम ही गिराए, जिससे कुछ खास नुकसान नहीं हुआ।

इस सबसे सरहद और आस-पास के इलाकों में इस कदर तनाव व्याप्त हो चुका है कि दुनिया के कई देशों को भारत-पाक से यह अपील करनी पड़ी कि वह संयम बरतें। भारत की तरफ से मुंहतोड़ जवाब मिलने के बाद पाक सेना ने भी कहा कि वह युद्ध नहीं चाहती। इमरान खान फिर सामने आए और बातचीत की पेशकश की।

इससे लगता है कि पाकिस्तान को इसका ठीक से अहसास है कि भारत से सीधी जंग हुई तो उसका फिर वही हश्र होगा, जो पिछली चार लड़ाइयों में हुआ है। भारत भी जंग के पक्ष में नहीं है परंतु इसे टालने का सिर्फ एक रास्ता है। पाकिस्तान वहां चल रहे आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करे और हाफिज सईद व मसूद जैसे आतकियों को भारत के हवाले कर दे ताकि उन्हें उनके किए की सजा दी जा सके।

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