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इस वजह से खास है '20 अकबर रोड'

20 अकबर रोड पर स्थित इस अति महत्वपूर्ण बंगले में आठ रूम है। इसके आगे-पीछे बड़े से उद्यान भी हैं। बंगले के पिछले वाले हिस्से में सेवकों के घर भी हैं।

इस वजह से खास है 20 Akbar Road History And Specialty

पहली लोकसभा के 1952 में गठन के साथ ही अमलतास के पेड़ों से हरे-भरे अकबर रोड के एक सरकारी बंगले का भारतीय संसद के निचले सदन से अटूट संबंध कायम हो गया था। वह रिश्ता अब भी बना हुआ है। दरअसल तब कांग्रेस के गणेश वासुदेव मावलंकर लोकसभा के निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए थे। मावलंकर जी को 20 अकबर रोड का बंगला आवंटित हुआ। उसके बाद इसी डबल स्टोरी बंगले में लोकसभा अध्यक्ष रहते रहे।

मावलंकर जी के 1956 में निधन के बाद शेष कार्यकाल के लिए उनके स्थान पर कांग्रेस के ही अनंतशयनम अयंगार से लेकर पिछली यानी 16वीं लोकसभा की अध्यक्ष सुमित्रा महाजन भी 20 अकबर रोड में ही रहीं। नए लोकसभा अध्यक्ष का भी यही सरकारी आवास रहने वाला है। लुटियन जोन में गिनती के ही सरकारी बंगले डबल स्टोरी हैं। उनमें एक यह भी है। इसका निर्माण 1925 तक हो गया था। यानी इसे बने हुए अब लगभग 100 वर्ष होने जा रहे हैं।

पर 20 अकबर रोड के बंगले में 1978 में बदलते वक्त के साथ बहुत से बदलाव भी हुए। उदाहरण के रूप में तब इसमें लिफ्ट लगाई गई थी। उस दौर में इसमें 7वीं लोकसभा के अध्यक्ष केए हेगड़े रहा करते थे। इसके मुख्य बेड रूम पहली मंजिल में हैं। उनके स्वास्थ्य को देखते हुए लिफ्ट लगाई गई थी। यह आठ बैठ रूम का बंगला है। हालांकि उस दौर में ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर के बीच लिफ्ट लगभग नहीं लगाई नहीं जाती थी।

इस बीच, ये बताना मुनासिब होगा कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणव कुमार मुखर्जी का 10 राजाजी मार्ग ( पहले हेस्टिंग रोड) का बंगला भी डबल स्टोरी है। इसी बंगले में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और भारत के पहले गवर्नर जनरल सी. राजगोपालाचारी भी रहे हैं। 20 अकबर रोड पर स्थित इस अति महत्वपूर्ण बंगले में आठ रूम है। इसके आगे-पीछे बड़े से उद्यान भी हैं। बंगले के पिछले वाले हिस्से में सेवकों के घर भी हैं।

अगर इतिहास के पन्नों को खंगाले तो पता चलेगा कि पूर्व में 20 अकबर रोड पर सरदार हुकुम सिंह, नीलम संजीव रेड्डी, बलराम जाखड़, रवि राय, शिवराज पाटिल,पीए संगमा, जीएमसी बालयोगी, मीरा कुमार और सुमित्रा महाजन को भी आवंटित हुआ। ये सब लोकसभा अध्यक्ष रहे। 12वीं लोकसभा के अध्यक्ष बालयोगी का इसी 20 अकबर रोड में रहते हुए निधन हुआ था। वे देश के पहले दलित समुदाय से लोकसभा अध्यक्ष बने थे।

इस बीच, सुमित्रा महाजन 20 अकबर रोड में रहते हुए सांसदों के लिए भोज की मेजबानी करती रहती थीं। उनकी दावतों में मेहमान मोहन थाल (बेसन चक्की), मेंगो रबड़ी, रबड़ी मालपुआ, श्रीखंड, भुट्टे का खस, साबूदाना खिचड़ी, मूंग दाल कचौरी, कैरी पना और ठंडाई के अलावा अन्य व्यंजनों के चटकारे लेते थे। सुमित्रा महाजन युवा सांसदों से विशेष रूप मिला करती थीं ताकि उन्हें संसद की कार्यवाही के संबंध में विस्तार से जानकारी दे सकें।

दरअसल अकबर रोड पर आजादी के बाद से ही सबसे शक्तिशाली और महत्वपूर्ण हस्तियां रहती रहीं हैं। अकबर रोड का आगाज इंडिया गेट से होता है और यह सड़क रेस कोर्स तक जाती है। करीब पौने तीन किलोमीटर लंबी इस सड़क के दोनों तरफ कुल जमा 26 सरकारी बंगले हैं। इधर कुछ प्राइवेट बंगले भी हैं। अकबर रोड पर ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नीतिन गडकरी, उमा भारती, सुरेश प्रभु जैसे शक्तिशाली मंत्रियों के आवास रहे हैं। इधर के बंगलों की छतों पर आपको सुबह-शाम मोर मंडराते हुए मिल जाएंगे।

संयोग से इसी अकबर रोड के 24 नंबर के बंगले में कांग्रेस का 1978 से मुख्यालय भी चल रहा है। दरअसल एक जमाने में इस बंगले को बर्मा हाउस भी कहते थे। तब इसमें बर्मा (म्यांमार) की भारत में एंबेसेडर दा खिन केय रहा करती थीं। वो म्यांमार की शिखर नेता आंग सान सू की मां थीं। इसी सड़क पर इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट भी है। इसी अकबर रोड के 12 नंबर के बंगले में विजय लक्ष्मी पंडित रहा करती थीं। वो देश के पहले प्रधानमंत्री नेहरु की छोटी बहन थीं।

आपको याद होगा कि पिछले साल अकबर रोड का नाम महाराणा प्रताप रोड के नाम करने की भी नाकाम कोशिशें हुईं थीं। तब कुछ लोगों ने अकबर रोड के संकेतक पर महाराणा प्रताप रोड का पोस्टर चस्पा कर दिया था। महाराणा प्रताप मेवाड़ के शासक थे और उन्होंने ताउम्र अकबर से लोहा लिया था। बहरहाल, अकबर रोड नाम के फिलहाल बदलने की कोई संभावना नहीं है। इसी तरह से यह भी तय है कि आगे भी भी 20 अकबर लोकसभा अध्यक्ष का सरकारी आवास रहेगा।

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