Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

गढ़ी गई छवि ध्वस्त करने में जुटे योगी

उत्तर प्रदेश में अभी आदित्यनाथ योगी सरकार के गठन को कुछ ही दिन हुए हैं और लोगों को बदलाव की बयार महसूस होने लगी है।

गढ़ी गई छवि ध्वस्त करने में जुटे योगी

उत्तर प्रदेश में अभी आदित्यनाथ योगी सरकार के गठन को कुछ ही दिन हुए हैं और लोगों को बदलाव की बयार महसूस होने लगी है। मुख्यमंत्री ने उनके बारे में व्यक्त की जा रही तमाम आशंकाओं को खारिज करते हुए पहले ही दिन कह दिया था कि उनकी सरकार बिना किसी तरह के भेदभाव के काम करेगी और फैसले लेगी। उसका एक ही उद्देश्य होगा-सबका साथ सबका विकास।

राज्य में जिस तरह की व्यवस्था कुछ साल से चली आ रही थी, योगी उसे बदलने की कवायद में जुट गए हैं। ऐसा लगता है, जैसे पूरी मशीनरी को ही जंग लग गया है और फैसले नियमों के अनुसार नहीं, सुविधा के हिसाब से हो रहे थे। हालांकि अभी नए मुख्यमंत्री ने पुलिस और प्रशासन में प्रतीक्षित बड़े फेरबदल नहीं किए हैं,परंतु बहुत साफ संकेत दे दिए हैं कि बिना किसी भेदभाव के नियमों के अनुरूप फैसले लेने हैं। प्रदेश में कानून का ही राज स्थापित करना है।

अच्छी बात यह है कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने बिना देरी किए उन अटकलों और अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया है कि नृपेन्द्र मिश्र के जरिए पीएमओ योगी सरकार के काम काज पर किसी तरह की निगरानी रखने वाला है। यह साफ कर दिया गया है कि उन्हें निर्णय लेने और अपने हिसाब से सरकार चलाने की पूरी छूट होगी।

सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के एक हिस्से में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी की छवि जिस तरह की पेश की जा रही थी, उस पर किसी हद तक खुद ही विराम लगता दिखने लगा है, क्योंकि योगी ने तमाम शंकाओं को अपने बयान, व्यवहार और शुरुआती फैसलों से खारिज कर दिया है। चुनाव घोषणा पत्र में जो बातें कही गई हैं, प्रचार के दौरान दो वादे किए गए हैं, उन पर तेजी से अमल करने के संकेत उन्होंने दे दिए हैं।

इसके अलावा उनके शपथ ग्रहण के तुरंत बाद पुलिस और प्रशासन ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए बड़े स्तर पर अभियान छेड़ दिया है। इसके तहत उन स्थानों की पहचान कर मजनुओं की धरपकड़ हो रही है, जहां खड़े होकर वे आती-जाती लड़कियों और छात्राओं के साथ छेड़खानी और जोर-जबरदस्ती की कोशिश करते रहे हैं।

सरकार के इस कड़े कदम का लोग स्वागत कर रहे हैं। इसी तरह अवैध बूचड़खानों पर ताले जड़कर योगी सरकार ने साफ कर दिया है कि वह गैरकानूनी कार्यों को बर्दाश्त नहीं करेगी। बुधवार को मुख्यमंत्री की सिफारिश पर राज्यपाल ने सभी मंत्रियों को विभागों का आवंटन कर दिया। कई क्षेत्र हैं, जिनमें दिन रात लगकर नतीजे हासिल करने की चुनौती संबंधित मंत्रियों के समक्ष होगी। उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार तेरह साल बाद बनी है।

केंद्र के सहयोग से चलने वाली जो योजनाएं राजनीतिक कारणों से लटकी पड़ी थीं, नई सरकार को उन्हें तेजी से आगे बढ़ाना होगा। जिस तरह का जनादेश उसे मिला है, उससे साफ है कि लोगों ने आंखें मूंदकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उन भरोसों पर विश्वास किया है, जो उन्होंने प्रचार के दौरान जनसभाओं में दिए हैं।

देश के इस सबसे बड़े सूबे ने सर्वाधिक आठ प्रधानमंत्री दिए हैं, परंतु अफसोस की बात यह है कि खुद उनके संसदीय क्षेत्रों का भी ढंग से विकास नहीं हो पाया। प्रधानमंत्री का मानना है कि यदि जनसंख्या के लिहाज से सबसे बड़े इस प्रदेश का विकास हो जाए, तो भारत की सकल घरेलू उत्पाद दर यानी जीडीपी दर अपने आप ही एक से डेढ़ प्रतिशत तक बढ़ जाएगी।

प्रधानमंत्री उन आशंकाओं से परिचित हैं, जो आमतौर पर नई सरकार के सामने पेश आती हैं। यही कारण है कि बृहस्पतिवार को जब वे उत्तर प्रदेश के भाजपा सांसदों से नाश्ते पर मिले, तब उन्होंने हिदायत दी कि वे तबादलों और नियुक्तियों के फेर में न पड़ें और अपने संसदीय क्षेत्रों के विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित करें।

इसके यह भी संकेत हैं कि पुलिस, प्रशासन और दूसरे विभागों में जो भी नियुक्तियां होने जा रही हैं, वह योग्यता के आधार पर होंगी, न कि सिफारिश और निष्ठाओं के आधार पर। योगी सरकार पहले ही दिन से काम करती हुई नजर आ रही है। यह बदलाव के संकेत हैं, जिन्हें शुभ माना जा सकता है।

Next Story
Top