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फंड में निवेश करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

बिना सोचे-समझे किए हुए निवेश पर उम्मीद के अनुरूप रिटर्न नहीं मिलता।

फंड में निवेश करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
नई दिल्ली. यह सभी जानते हैं कि म्यूचुअल फंडों में किए हुए निवेश पर बैंक एफडी और पोस्टल स्कीम से अमूमन ज्यादा रिटर्न मिलता है। लेकिन, ऐसा नहीं है कि सभी निवेशकों को मोटा रिटर्न ही मिलता है। बिना सोचे-समझे किए हुए निवेश पर उम्मीद के अनुरूप रिटर्न नहीं मिलता है और घाटा भी उठाना पड़ता है। इसकी वजह निवेशक को फंडों के बारे में सही जानकारी नहीं होना है। इसलिए किसी भी म्यूचुअल फंड में निवेश से पहले निवेशकों को कुछ बातों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।
फंड का पिछला प्रदर्शन
किसी भी म्यूचुअल फंड को समझने के लिए उस फंड के पिछले दो-तीन साल के प्रदर्शन को देखें। इससे आपको यह पता चल जाएगा कि यह फंड कैसा प्रदर्शन कर रहा है। उदाहरण के तौर पर अगर कोई फंड तीन साल से मार्केट में है और उसमें 10,000 रुपये का निवेश किया गया है तो यह देखना होगा कि आज के समय में 10,000 रुपये की वैल्यू क्या है और उस पर कितना फीसदी रिटर्न साल दर साल मिला है।
पोर्टफोलियो चेक करें
किसी भी म्यूचुअल फंड में निवेश से पहले उसका पोर्टफोलियो चेक करना बहुत जरूरी होता है। अगर, आप डेट फंड में निवेश करते हैं तो उसका क्रेडिट प्रोफाइल चेक कर लें।
खर्च पता करें
म्यूचुअल फंड में निवेश से पहले एक्सपेन्सेज रेशियो को जरूर चेक करें। अगर, डेट फंड में निवेश करने जा रहे हो तो एक्सपेन्स रेशियो देखना अनिवार्य हो जाता है। अगर डेट फंड में एक्सपेन्स रेशियो कम है तो इसमें निवेश करना ज्यादा फायदेमंद होगा। इसके साथ ही फंड का कार्पस भी चेक करें। कार्पस में तेजी से गिरना भी खतरे की घंटी होता है।
बड़े नाम पर न जाएं
कभी भी बड़े ब्रांड के नाम पर म्यूचुअल फंड में निवेश एक मात्र मापदंड नहीं होना चाहिए। किसी भी म्यूचुअल फंड में निवेश से पहले उसके विषय में रिसर्च और डेटा विेषण करना चाहिए। व्यक्तिगत सुझाव, विज्ञापन और ब्रांड नामों को ज्यादा महत्व न दें। निवेश करने से पहले फंड का ट्रैक रिकॉर्ड देखें और फिर निवेश करने का फैसला करें।
अधिक रिटर्न की उम्मीद न करें
आम तौर पर निवेशक म्यूचुअल फंड में निवेश करने के बाद 20 से 30 फीसदी रिटर्न की उम्मीद करते हैं, जो अवास्तविक होता है। म्यूचुअल फंड मार्केट के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। ऐसे में निवेश से पहले ही अधिक रिटर्न की उम्मीद करना सही नहीं होता है। अगर, लंबे समय के लिए डेट फंड में निवेश करते हैं तो इस पर 9 फीसदी और इक्विटी में 16 फीसदी का रिटर्न मिलता है। निवेश करने से पहले यह तय कर लें कि आप कितना रिटर्न चाहते हैं। अगर, आप फिक्सड रिटर्न चाहते हैं तो म्यूचुअल फंड आपके लिए नहीं है। इसमें निवेश के बाद रिटर्न अलग-अलग होता है। इनमें से प्रत्येक निवेश पर अनिश्चिता और जोखिम भी होते हैं।
ये जानकारी भी जुटाएं
म्यूचुअल फंड का पोर्टफोलियो, एक्सपेन्स के साथ उसके लाभांश का ट्रैक रिकॉर्ड भी देखना चाहिए। फंड से रेगुलर लाभांश सीनियर सिटीजन के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है। म्यूचुअल फंड के ज्यादातर फैक्टसीट लाभांश का विवरण सबसे अंत में देते हैं। निवेशक को म्यूचुअल फंड में निवेश के बाद क्वार्टरली चेक कर फंड को ट्रैक करते रहना चाहिए। इससे फंड कैसा प्रदर्शन कर रहा है, इसके बारे में आप अवगत रहेंगे।
एसआईडी का पता करें
म्यूचुअल फंड में निवेश से पहले उस फंड के बारे में यह भी पता करें कि इस फंड का पैसा कहां पर निवेश होगा। इसके लिए आप स्कीम इन्फॉर्मेशन डाक्यूमेंट्स (एसआईडी) से शुरू करें। लेकिन एसआईडी आपको सिर्फ स्कीम के विषय में जानकारी देगा। किसी भी स्कीम में निवेश के लिए यह काफी नहीं है। इसके लिए और भी कई तथ्यों की जानकारी जरूरी होती है।
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