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AAP के 5 साल: योगेंद्र यादव बोले- नैतिक रूप से 2015 में ही खत्म हो चुकी है आम आदमी पार्टी

यादव ने कहा कि आज आम आदमी पार्टी अन्य दलों की राह पर ही निकल पड़ी है।

AAP के 5 साल: योगेंद्र यादव बोले- नैतिक रूप से 2015 में ही खत्म हो चुकी है आम आदमी पार्टी

आम आदमी पार्टी आज अपने पांच साल पूरे करने जा रही है। इसके लिए पार्टी जहां दिल्ली के राम लीला मैदान में बड़ा जश्न कर रही है, वहीं पार्टी के पूर्व नेता व राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव ने मीडिया में अपनी राय भी जाहिर की है।

लोगों में जगी थी आदर्शवाद की नई उम्मीद

योगेंद्र यादव का कहना है कि भारतीय राजनीति में आम आदमी का पार्टी का जन्म एक अनोखा और शानदार विचार था। इसने लोगों के दिलों में आदर्शवाद और यथार्थवाद की नई आशा जगाई थी। लेकिन, 2015 में 'आप' नैतिक रूप से खत्म हो गई थी।

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इसके साथ ही स्वराज इंडिया के नेता योगेंद्र यादव ने जनलोकपाल कानून और भ्रष्टाचार को लेकर आम आदमी पार्टी और उसकी सरकार पर निशाना साधा। यादव ने कहा कि इन दोनों ही मुद्दों पर आम आदमी पार्टी बाकी दलों की तरह ही साबित हुई। इसने भी जनता से धोखा किया।

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भ्रष्टाचार पर जनता पूछ रही है सवाल

यादव ने कहा कि मौजूदा समय में आम आदमी पार्टी अन्य दलों की राह पर ही निकल पड़ी है। सच्चाई तो यह है कि पार्टी पहले भ्रष्ट्राचार पर दिल्ली की तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से सवाल पूछती थी, लेकिन अब जनता ही केजरीवाल सरकार से सवाल पूछ रही है।

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बता दें कि 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी ने पार्टी के वरिष्ठ नेता व संस्थापक सदस्य शांति भूषण, प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव की चेतावनी के बावजूद ऐसे उम्मीदवारों का चयन किया था, जिसकी छवि को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे।

योगेंद्र, प्रशांत को अपमानित करके निकाल था बाहर

इसके बाद तो पार्टी में विवाद बढ़ता ही चला गया। पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव को किसी नेता से बातचीत में फोन पर गाली तक दे डाली। केजरीवाल पर तानाशाही के आरोप लगे।

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बात यहां तक पहुंची कि प्रशांत भूषण के साथ पार्टी की अहम बैठक में हाथापाई की गई। इसके बाद शंतिभूषण, प्रशांत और योगेंद्र को पार्टी नेताओं ने अपमानित करके बाहर कर दिया।

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