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अलविदा 2018 : इन दो महिला जजों ने न्यायपालिका में रचा इतिहास

कुछ दिनों बाद नया साल 2019 (New Year 2019) आने वाला है। 2017 में महिलाओं ने भारत का नाम रौशन किया। महिलाओं द्वारा सफलता का परचम लहराने का यह सिलसिला 2018 में भी जारी रहा। इस साल आधी आबादी ने न्यायपालिका में जो नया मुकाम हासिल किया उसपर एक नजर।

अलविदा 2018 : इन दो महिला जजों ने न्यायपालिका में रचा इतिहास

कुछ दिनों बाद नया साल 2019 (New Year 2019) आने वाला है। 2017 में महिलाओं ने भारत का नाम रौशन किया। महिलाओं द्वारा सफलता का परचम लहराने का यह सिलसिला 2018 में भी जारी रहा। इस साल आधी आबादी ने न्यायपालिका में जो नया मुकाम हासिल किया उसपर एक नजर...

हमारी न्यायपालिका, हर पीड़ित स्त्री या पुरुष को समय पर न्याय देने का भरोसा दिलाती है। लेकिन जब बात न्यायपालिका में शीर्ष पर महिला जजों के होने की आती है तो स्थिति संतोषजनक नहीं लगती है। लेकिन इस साल देश के किसी उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश के पद पर पहली बार कोई महिला आसीन हुई है।

जस्टिस अभिलाषा कुमारी, मणिपुर हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश बनी हैं। उन्होंने एक दशक से भी अधिक समय तक गुजरात हाईकोर्ट में बतौर जज कार्य किया है। वहीं अधिवक्ता से सीधे सुप्रीम कोर्ट की जज के पद पर नियुक्ति पाने वाली इंदु मल्होत्रा देश की पहली महिला हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने 2016 में एक निर्देश दिया था, इसके तहत सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को अस्पताल ले जाने वाले व्यक्ति को अब पुलिस प्रताड़ना का सामना नहीं करना पड़ता। सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए इस निर्देश के पीछे इंदु मल्होत्रा की ही बड़ी भूमिका थी।

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