Web Analytics Made Easy - StatCounter
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

अलविदा 2018: आधार कार्ड समेत पांच सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले

साल 2018 विदा हो रहा है और नये साल 2019 (Happy New Year 2019) में हम चंद ही दिनों में प्रवेश करने जा रहे हैं। लेकिन साल 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने कुछ ऐसे ऐतिहासिक फैसले सुनाए जो कि सुर्खियों में रहे।

अलविदा 2018: आधार कार्ड समेत पांच सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले

साल 2018 विदा हो रहा है और नए साल 2019 (Happy New Year 2019) में हम चंद ही दिनों में प्रवेश करने जा रहे हैं। लेकिन साल 2018 में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कुछ ऐसे ऐतिहासिक फैसले सुनाए जो कि सुर्खियों में रहे। सुप्रीम कोर्ट ने कई ऐसे लंबित मामलों पर कड़े और ऐतिहासिक फैसले सुनाए हैं जिन्हें हमेशा याद किया जाएगा। तो चलिए जानते हैं इन मामलों को जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसले सुनाए।

सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले (Supreme Court Judgment)

* समलैंगिकता

* पेट्रोल-डीजल वाहनों पर प्रतिबंध

* व्यभिचार (एडल्ट्री) कानून

* राफेल

* सबरीमाला मंदिर

* आधार कार्ड

* निर्भया

समलैंगिकता (Sexuality)

सुप्रीम कोर्ट ने इसी वर्ष नवंबर महीने के पहले हफ्ते में ऐतिहासिक फैसले में आईपीसी की 157 साल पुरानी धारा 377 को आशिंक रुप से निरस्त कर दिया। साथ ही कोर्ट ने कहा कि अगर दो व्यस्कों के बीच सहमति से संबंध बनते हैं तो यह अपराध की श्रेणी में नहीं आएगा। सीजेआई दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने 6 सितंबर 2018 को दो वयस्कों के बीच सहमति से बनाए गए समलैंगिक संबंधों को अपराध मानने वाली धारा 377 से बाहर कर दिया।

फैसले में अहम बदलाव

* सहमति से समलैंगिक संबंध बनाने पर दंडात्मक कार्रवाई नहीं

* समलैंगिक जोड़े उत्पीड़न के खिलाफ पुलिस से शिकायत कर सकेंगे

* समलैंगिकता में तीसरे पक्ष की ओर से शिकायत दर्ज नहीं हो सकती

पेट्रोल-डीजल वाहनों पर प्रतिबंध (Petrol-Diesel Vehicles)

सुप्रीम कोर्ट ने इस साल नवंबर महीने में देश की राजधानी दिल्ली में प्रदुषण पर लगाम लगाने के लिए ऐतिहासिक आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर 15 साल पुराने पेट्रोल और 10 साल पुराने डीजल वाहनों को न चलने दिया जाए।

साथ ही कोर्ट ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Central Pollution Control Board) और एनसीआर (NRC) के परिवहन विभागों से अपनी वेबसाइट पर पुराने वाहनों की लिस्ट जारी करने को कहा।

व्यभिचार (Adultery)

सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2018 में व्यभिचार (Adultery) को लेकर ऐतिहासिक फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसल में एडल्ट्री को अपराध की श्रेणी से बाहर करते हुए इससे संबंधित भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 497 को असंवैधानिक करार देते हुए निरस्त कर दिया।

कोर्ट ने कहा कि यह धारा महिलाओं की व्यक्तिकता को ठेस पहुंचती है। इस प्रावधान ने महिलाओं को पतियों की संपत्ति बना दिया था। किसी भी महिला को बंधन में नहीं बाधा जा सकता है। महिला को यौन स्वतंत्रता होनी चाहिए।

सीजेआई दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय संविधान पीठ ने सर्वसम्मति से व्यभिचार से संबंधित ब्रिटिश काल की 158 साल पुरानी आईपीसी की धारा 497 को असंवैधानिक करार हुए इस दंडात्मक प्रावधान को निरस्त कर दिया।

राफेल (Rafale)

14 दिसंबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) ने राफेल ( Rafale ) सौदा मामले पर अपने फैसले में केंद्र की नरेंद्र मोदी ( Narendra Modi ) सरकार को क्लीन चिट दे दी है। सीजेआई रंजन गोगोई की पीठ ने फ्रांस से 5वीं पीढ़ी के उन्नत लड़ाकू विमान ‘राफेल' की खरीद को चुनौती देने वाली सभी याचिकाएं खारिज कर दीं। कोर्ट ने साथ ही कहा कि देश के लिए लड़ाकू विमान जरूरी हैं और उसके बगैर काम नहीं चलेगा।

सबरीमाला मंदिर (Sabarimala Mandir)

सुप्रीम कोर्ट ने केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर को बड़ा फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने 10 साल से 50 तक की महिलाओं के सबरीमाला मंदिर में प्रवेश पर लगी रोक को समाप्त कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों की सदस्यीय संविधान पीठ ने ये फैसला सुनाया। जानकारी के लिए आपको बता दें कि लगभग 800 साल पुराने सबरीमाला मंदिर में ये मान्यता पिछले काफी समय से चल रही थी कि 10 साल से लेकर 50 साल तक की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश ना करने दिया जाए।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी सबरीमाला मंदिर में महिलाओं को प्रेवश नहीं मिला है। भगवान अयप्पा के भक्तों को कहना है कि वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को नहीं तोड़ने देंगे।

आधार कार्ड (Aadhar Card)

सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2018 में आधार कार्ड की अनिवार्यता को लेकर फैसला सुनाया। सीजेआई दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने आधार कार्ड की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा है, साथ कहा है कि स्कूल मोबाइल फोन कनेक्शन के लिए आधार कार्ड जरूरी नहीं है।

सीजेआई दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने यह भी कहा कि शिक्षा हमें अंगूठे से हस्ताक्षर पर लाती है। लेकिन यह तकनीक हमें वापस हस्ताक्षर से अंगूठे की ओर लेकर जा रही है।

इसके अलावा कोर्ट ने यह भी कहा कि यूजीसी, नीट और सीबीएसई परीक्षाओं और स्कूल के प्रवेश के लिए आधार अनिवार्य नहीं है। बैंकों को खाता खोलने के लिए आधार की जरूरत नहीं है, कोई भी मोबाइल कंपनी और निजी कंपनियां आधार डेटा नहीं ले सकतीं हैं।

निर्भया (Nirbhaya)

देश की राजधानी दिल्ली में 16 दिसंबर 2012 को आधी रात को हुए निर्भया गैंगरेप मामले में सुप्रीम कोर्ट बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने तीन दोषियों की पुनर्विचार याचिका पर कोर्ट ने फैसला बरकरार रहेगा, और कहा की तीनों को फांसी होगी।

जानकारी के लिए आपको यह भी बता दें कि साल 2018 में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और बाबरी मस्जिद का मुद्दा पूरे साल चर्चा में रहा है। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में कई बार सुनवाई हुई लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया। सुप्रीम कोर्ट 2019 जनवरी में इस मुद्दे पर सुनवाई करेगा।

Next Story
Share it
Top