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अलविदा 2018 / पीएम मोदी को मिला इस साल का सबसे बड़ा अवॉर्ड, दुनिया में हुई प्रशंसा

साल 2018 जाने वाला है और नया साल 2019 आने वाला है। इस एक साल में भारत ने राजनीति, विज्ञान, कला, मनोरंजन, खेल और तकनीक के क्षेत्र में कई काम किए और इतिहास भी रच दिए। इस साल देश के प्रधानमंत्री एक विशेष समारोह में संयुक्त राष्ट्र के सर्वोच्च पर्यावरण पुरस्कार से सम्मानिक किया गया था।

अलविदा 2018 / पीएम मोदी को मिला इस साल का सबसे बड़ा अवॉर्ड, दुनिया में हुई प्रशंसा

साल 2018 जाने वाला है और नया साल 2019 आने वाला है। इस एक साल में भारत ने राजनीति, विज्ञान, कला, मनोरंजन, खेल और तकनीक के क्षेत्र में कई काम किए और इतिहास भी रच दिए। इस साल देश के प्रधानमंत्री एक विशेष समारोह में संयुक्त राष्ट्र के सर्वोच्च पर्यावरण पुरस्कार से सम्मानिक किया गया था।

इस साल प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त राष्ट्र के सर्वोच्च पर्यावरण पुरस्कार 'चैंपियंस ऑफ अर्थ अवॉर्ड' से नवाजा गया था। पीएम मोदी को इस साल संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों समेत सबसे बड़ा पर्यावरण सम्मान 'चैंपियंस ऑफ द अर्थ' नावाज था।
इस साल पीएम मोदी को यह सम्मान पॉलिसी लीडरशिप कैटेगरी के तहत दिया गया था। अंतर्राष्ट्री सोलर अलायंस और पर्यावरण के मोर्चे जैसे कई मुद्दों पर ये अवॉर्ड दिया। मोदी को 2022 तक प्लास्टिक का इस्तेमाल पूरी तरह खत्म करने की शपथ के लिए सम्मान मिला। वहीं दूसरी तरफ फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों को पर्यावरण के लिए वैश्विक समझौता करने को लेकर ये सम्मान दिया गया।

जानें क्यों मिला ये अवॉर्ड

पीएम मोदी को इंटरनेशनल सौर गठबंधन के नेतृत्व और 2022 तक भारत को एकल इस्तेमाल वाले प्लास्टिक से मुक्त कराने के संकल्प को लेकर ये अवॉर्ड दिया गया था। बता दें कि यह सम्मान पांच अन्य व्यक्तियों और संगठनों को भी दिया गया है। संयुक्त राष्ट्र ने बताया था कि इस साल के पुरस्कार विजेताओं को कुछ बेहद अत्यावश्यक पर्यावरणीय मुद्दों से निपटने के लिये साहसी, नवोन्मेष और अथक प्रयास के लिए इस अवॉर्ड से हर साल सम्मानिक किया जाता है।

चैंपियंस ऑफ द अर्थ है क्या?

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने 2005 में सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों और नागरिक समाज से उत्कृष्ट पर्यावरणीय नेताओं को पहचानने के लिए वार्षिक पुरस्कार कार्यक्रम के रूप में पृथ्वी के चैंपियंस की स्थापना की थी। सालाना पांच से सात विजेताओं का चयन किया जाता है। हर विजेता को एक ट्रॉफी दी जाती है। सभी नेताओं को पुरस्कार समारोह में आमंत्रित किया जाता है।
वहीं दूसरी तरफ ये अवॉर्ड कार्यक्रम यूएनईपी के ग्लोबल 500 रोल ऑफ ऑनर अवार्ड की तर्ज पर शुरु किया गया था। वहीं साल 2017 में युवा चैंपियंस ऑफ द अर्थ को शामिल करने के लिए इसे बढ़ाया गया था। यह 18-30 की आयु वाले उन प्रतिभाशाली इन्नोवेटर युवाओं के लिए है जो सकारात्मक पर्यावरणीय प्रभाव पैदा करने के लिए उत्कृष्ट क्षमता का प्रदर्शन करते हैं।
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