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अलविदा 2018 / ISRO के लिए शानदार रहा ये साल, 31 सैटेलाइट लॉन्च कर रचा था इतिहास

साल 2018 खत्म होने जा रहा है और अपने साथ कई इतिहास भी रच गया। वहीं नया साल 2019 आने वाला है। इस एक साल में भारत ने राजनीति, विज्ञान, कला, मनोरंजन, खेल और तकनीक के क्षेत्र में कई कीर्तिमान रचे हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने इस साल कई सैटेलाइट को लॉन्च भी किया है।

अलविदा 2018 / ISRO के लिए शानदार रहा ये साल, 31 सैटेलाइट लॉन्च कर रचा था इतिहास
साल 2018 खत्म होने जा रहा है और अपने साथ कई इतिहास भी रच गया। वहीं नया साल 2019 आने वाला है। इस एक साल में भारत ने राजनीति, विज्ञान, कला, मनोरंजन, खेल और तकनीक के क्षेत्र में कई कीर्तिमान रचे हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने इस साल कई सैटेलाइट को लॉन्च भी किया है।
अंतरिक्ष विज्ञान में लगातार नए आयाम गढ़ता भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) इस एक साल में अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक से बढ़ कर एक ऊंची छंलाग लगाने वाला सेंटर बन गया है। लेकिन इस बार सबसे ज्यादा चर्चा में रहे रहा इसरो का 100वां सैटेलाइट सबसे ज्यादा चर्चा में रहा।

सलामन की फिल्म टाइगर जिंदा है नाम दिया गया

इस दौरान इसरो ने 31 सैटेलाइट को एक साथ लॉन्च किया था। जिसने अंतरिक्ष के इतिहास में एक रिकोर्ड दर्ज कर दिया है। वहीं इस सैटेलाइट का नाम 'टाइगर जिंदा है' के गाने ने पर रखा गया जो 1323 किग्रा वजनी 31 उपग्रहों का पीएसएलवी सी-40 से प्रक्षेपण करने में सफल रहा।
इसरो ने अपने पोलर सैटेलाइट लांच व्हिकल यानी पीएसएलवी सी43 से धरती का अध्ययन करने वाले भारतीय हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटेलाइट (एचवाईएसआईएस) के अलावा 8 देशों के 30 अन्य सैटेलाइटों को प्रक्षेपित किया था। जिस पर हर भारतीय को गर्व होगा। प्रक्षेपण के लगभग 17 मिनट और 18 सेकंड के बाद 320 टन वजनी रॉकेट से एक-एक करके उपग्रह अलग होते गए और पृथ्वी की निचली कक्षा में जाकर स्थापित होने लगे। बता दें कि 31 सैटलाइट्स में 28 विदेशी और 3 स्वदेशी उपग्रह शामिल थे।

कई विदेशों की सैटेलाइन भी थी मौजूद

बता दें कि यह पीएसएलवी की 45वीं उड़ान थी। 31 सैटलाइट का कुल भार 261.5 किलो था और 112 मिनट में यह मिशन हुआ। इन उपग्रहों में ग्लासगो की 2 नैनो सैटलाइट भी थी। जिनका उद्देश्य मौसम और ग्लोबल क्लाइमेट चेंज से लड़ना था। ये पीएसएलवी-सी43 अभियान का प्राथमिक उपग्रह था। इस दौरान इसरो ने जो सैटेलाइट को लॉन्च किया उनसे 23 सेटेलाइट अमेरिका के थे तो वहीं इसके अलावा कोलंबिया, फिनलैंड, मलेशिया, नीदरलैंड, आस्ट्रेलिया, कनाडा और स्पेन के थे।

इन सैटेलाइन का उद्देश्य

इसरो का इन सैटेलाइट को लॉन्च करने का उद्देश्य पृथ्वी की सतह के साथ इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पैक्ट्रम में इंफ्रारेड और शॉर्ट वेव इंफ्रारेड फील्ड का अध्ययन करना था। इसकी मदद से धरती के चप्पे चप्पे पर आप दुश्मन की नजर रख सकते हैं। इसकी तकनीकी भाषा में ऑप्टिकल इमेजिंग डिटेक्टर ऐरे का नाम दिया गया था।
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