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अलविदा 2018 / इस वर्ष इन 5 बड़े नेताओं ने दुनिया को कहा अलविदा

साल 2018 के विदा होने में कुछ ही दिन बचे हैं, और जल्द ही हम नये साल 2019 में प्रवेश करने वाले हैं। साल 2018 किसी के लिए ढेरों खुशियां लेकर आया तो किसी को कभी ना भूलने वाला दर्द दे गया।

अलविदा 2018 / इस वर्ष इन 5 बड़े नेताओं ने दुनिया को कहा अलविदा

साल 2018 के विदा होने में कुछ ही दिन बचे हैं, और जल्द ही हम नये साल 2019 में प्रवेश करने वाले हैं। साल 2018 किसी के लिए ढेरों खुशियां लेकर आया तो किसी को कभी ना भूलने वाला दर्द दे गया।

इस वर्ष देश के कई बड़े दिग्गज नेताओं ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। कुछ नेताओं के निधन से देश के लोगों को और पार्टियों को झटका लगा है। आइए बताते हैं उन बड़े नेताओं के बारे में जिन्होंने इस वर्ष दुनिया को अलविदा कहा, और राजनीति में अपने दम पर अपनी अलग ही पहचान बनाई।

इन पांच बड़े नेताओं ने दुनिया को कहा अलविदा..

1- एम करुणानिधि

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष एम करुणानिधि का इसी वर्ष सात अगस्त को चेन्नई के कावेरी अस्पताल में निधान हो गया था। करुणानिधि 94 वर्ष के थे।

करुणानिधि के समर्थक काफी तादात में अस्पताल के बाहर जुटे हुए थे, और उनकी सलामती के लिए दुआएं कर रहे थे। लेकिन उनकी मौत की खबर सुनते ही सर्मथक शोक में डूब गए थे। करुणानिधि हमेशा ही हिंदूवादी संगठनों के खिलाफ विचार धारा रखे थे।

2- अटल बिहारी वाजपेयी

भारतीय राजनीति के करिश्माई नेता और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी लंबी बिमारी के बाद दिल्ली के एम्स में 16 अगस्त 2018 को निधन हो गया था।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी 93 वर्ष के थे। अटल बिहारी वाजपेयी ने संकट के कई अवसरों पर देश (भारत) को नेतृत्व प्रदान किया था। उन्होंने समावेशी राजनीति को आगे बढ़ाते हुए बखूबी गठबंधन सरकार चलाई थी।

अटल हिंदी के कवि, पत्रकार और प्रखर वक्ता भी थे। भारतीय जनसंघ की स्थापना में भी अटल बिहारी वाजपेयी अहम भूमिका थी। वे 1968 से 1973 तक जनसंघ के अध्यक्ष भी रहे। अटल जी लंबे समय तक राष्ट्रधर्म, पाञ्चजन्य और वीर अर्जुन आदि पत्र-पत्रिकाओं के सम्पादन भी करते रहे।

3- एनडी तिवारी

इसी वर्ष 18 अक्टूबर को नारायण दत्त (एन.डी) तिवारी का दिल्ली के मैक्स अस्पताल में निधन हो गया था। एनडी तिवारी 92 साल के थे।

एनडी तिवारी इकलौते ऐसे शख्स थे जो दो राज्यों के मुख्यमंत्री बने थे। एनडी तिवारी 3 बार उत्तर प्रदेश और 1 बार उत्तराखंड के सीएम पद पर रहे थे। इसके अलावा तिवारी आंध्र प्रदेश के गवर्नर भी रहे चुके हैं, और वे केंद्र में वित्त और विदेश मंत्री भी रह चुके हैं।

4- अनंत कुमार

इसी वर्ष बेंगलुरु में 12 नवंबर को केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार का निधन हो गया था। अनंत कुमार 59 वर्ष के थे। अनंत कुमार के निधन से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को बड़ा झटका लगा।

अनंत कुमार के निधन के बाद कर्नाटक में तीन दिनों का शोक घोषित किया गया था। भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेताओं में शुमार थे। अनंत कुमार पहले ऐसे शख्स थे, जिन्होंने युनाइटेड नेशन्स (यूएन) में कन्नड़ में भाषण दिया था।

5- सी.के.जाफर शरीफ

इसी वर्ष 25 नवंबर को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सी के जाफर शरीफ का एक अस्पताल में निधन हो गया था। सी के जाफर शरीफ 85 साल के थे।

बताया जाता है कि सी के जाफर शरीफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में एक थे, और वह भारत के सबसे सफल रेल मंत्री भी रहे। सी के जाफर शरीफ का समुदायों के साथ एक व्यापक संपर्क था और वह एक सच्चे धर्म निरपेक्ष नेता थे।

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