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नागरिकता के मुद्दे, रिमा-हिमा ने असम को 2018 में खबरों में बनाए रखा

बीतने जा रहे वर्ष 2018 में नागरिकता से जुड़े दो मुद्दों- मूल भारतीयों का पंजी (रजिस्टर) और एक विवादास्पद विधेयक असम में गर्म मुद्दे रहे लेकिन राज्य के लिए खुशी के भी कारण रहे जब एक फिल्म निर्माता और एक एथलीट ने अपने-अपने क्षेत्रों में राज्य का नाम रौशन किया।

नागरिकता के मुद्दे, रिमा-हिमा ने असम को 2018 में खबरों में बनाए रखा
बीतने जा रहे वर्ष 2018 में नागरिकता से जुड़े दो मुद्दों- मूल भारतीयों का पंजी (रजिस्टर) और एक विवादास्पद विधेयक असम में गर्म मुद्दे रहे लेकिन राज्य के लिए खुशी के भी कारण रहे जब एक फिल्म निर्माता और एक एथलीट ने अपने-अपने क्षेत्रों में राज्य का नाम रौशन किया।
अफवाहों के बाद कार्बी आंगलांग में बच्चा चोर होने के संदेह में दो युवकों की पीट-पीटकर हत्या से तनाव रहा और देश में इस बात पर बहस छिड़ी कि सोशल मीडिया का दुरूपयोग किस तरह रोका जाए। असम में मूल निवासियों से अवैध प्रवासियों की अलग पहचान के लिए राष्ट्रीय नागरिक पंजी को तैयार किया जाना राज्य में 2018 में सर्वाधिक चर्चित विषय रहा।
एनआरसी के पहले मसौदे का प्रकाशन हुआ जिसमें राज्य में भारतीय नागरिक के तौर पर कुल तीन करोड़ 29 लाख आवेदकों में से एक करोड़ 90 लाख आवेदकों को शामिल किया गया। दूसरा मसौदा 30 जुलाई को प्रकाशित हुआ जिसमें कल आवेदकों में से दो करोड़ 90 लाख को शामिल किया गया और दस्तावेज में 40 लाख सात हजार लोगों के नाम शामिल नहीं किए गए।
दोनों मसौदा के प्रकाशन पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली जिसका अधिकतर राजनीतिक एवं अन्य संगठनों ने स्वागत किया और जो लोग शामिल नहीं किए जा सके उन्हें अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि उन्हें अपनी पहचान साबित करने के लिए पर्याप्त अवसर दिए जाएंगे।
ऐसे समय में जब एनआरसी राज्य की राजनीति में प्रमुख मुद्दा बना हुआ था उसी समय एक संयुक्त संसदीय समिति के सात मई से 11 मई तक असम और मेघालय दौरे को लेकर व्यापक चिंता जताई गई। यह दौरा नागरिकता संशोधन विधेयक 2016 को लेकर हुआ था।
नरेन्द्र मोदी सरकार ने 2016 में संसद में विधेयक पेश किया था जिसमें नागरिकता अधिनियम 1955 में संशोधन की बात थी ताकि वैसे हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, जैनियों, पारसियों और ईसाईयों को भारतीय नागरिकता दी जाए जो बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से धार्मिक मुद्दों के कारण भागकर 31 दिसम्बर 2014 से पहले भारत आ गए थे।
इस विधेयक से राज्य के राजनीतिक दलों के बीच विभेद पैदा हो गया। राज्य में सबसे दुखद घटना दो युवकों निलोत्पल दास और अभिजीत नाथ की बच्चा चोरी के संदेह में पीट-पीटकर की गई हत्या थी।
बहरहाल, यह वर्ष राज्य के लिए खुशियों के क्षण भी लेकर आया जब फिल्म निर्माता रिमा दास की फिल्म ‘‘विलेज रॉकस्टार' को देश की तरफ से ऑस्कर पुरस्कारों के लिए आधिकारिक प्रविष्टि के तौर पर चयनित किया गया। साथ ही 18 वर्षीय हिमा दास पहली भारतीय महिला बनीं जिन्होंने आईएएएफ में स्वर्ण पदक जीता। वह वर्ल्ड अंडर -20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में फिनलैंड में 400 मीटर दौड़ में प्रथम आईं।
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