Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

इस साल भारत और अमेरिका जैसे जय और वीरू

पूरे सालभर राष्ट्रपति पद की दौड़ में डोनाल्ड ट्रंप की धमाकेदार जीत और उनका चुनावी अभियान खबरों में छाया रहा

इस साल भारत और अमेरिका जैसे जय और वीरू
X
नई दिल्ली. साल 2016 भारत-अमेरिकी संबंधों के लिए अच्छा रहा। क्योंकि दोनों देशों ने ‘इतिहास की झिझक’ को छोड़कर प्रतिरक्षा, आतंकनिरोध और असैन्य परमाणु ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में करीबी सहयोग की दिशा में कदम बढ़ाया। राजनीति में बाहरी माने जाने वाले ट्रंप की जीत और उनकी मजबूत प्रतिद्वंद्वी हिलेरी क्लिंटन की हार ने पूरी दुनिया को अचंभे में डाल दिया।
अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति चुने गए 70 वर्षीय अरबपति कारोबारी राजनीति में महज 18 महीने पहले आए थे। पूरे सालभर राष्ट्रपति पद की दौड़ में डोनाल्ड ट्रंप की धमाकेदार जीत और उनका चुनावी अभियान खबरों में छाया रहा। सबसे पहले उन्होंने राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनने के इच्छुक रिपब्लिकन पार्टी के 16 अन्य दावेदारों को पछाड़ कर नामांकन हासिल किया और फिर जीत के काफिले को बढ़ाते हुए हिलेरी को हराया।
अमेरिका के राजनीतिक इतिहास में ट्रंप का प्रचार अभियान सबसे ज्यादा खराब रहा और इससे उपजे विवाद ज्यादातर वक्त खबरों में छाए रहे। इस दौरान ट्रंप ने कथित तौर पर मुस्लिम विरोधी बातें कहीं और यौनवादी टिप्पणियां की। चुनावी मौसम में आरोप-प्रत्यारोपों का सिलसिला भी चला। कई महिलाओं ने ट्रंप पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया तो हिलेरी ईमेल विवादों में घिरी रहीं। ईमेल विवाद हिलेरी पर बहुत भारी पड़ा। ज्यादातर सर्वेक्षणों में जब हिलेरी को ट्रंप पर बढ़त मिलती दिख रही थी उसी दौरान एफबीआइ ने इस मामले में फिर से जांच शुरू करने की घोषणा की और पलड़ा ट्रंप के पक्ष में झुक गया। हालांकि एफबीआई ने चुनाव से ठीक पहले उन्हें क्लीन चिट दे दी थी लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
चुनाव के अलावा अकेले हमलावर, नरसंहार भी विमर्श में बने रहे। 9/11 के बाद अमेरिका में सबसे भयावह आतंकी हमला ऑरलैंडो गे नाइटक्लब में हुआ। यहां 29 वर्षीय सुरक्षाकर्मी उमर मतीन ने अंधाधुंध गोलीबारी कर 49 लोगों को मौत के घाट उतार दिया। अमेरिका में चुनाव के बाद घृणा अपराध बढ़े, हिजाब पहनने वाली महिलाओं पर हमले तेज हुए जिसका दोष कई लोगों ने ट्रंप के अभियान को दिया। द्विपक्षीय मोर्चे पर, प्रधानमंत्री मोदी उन चुनिंदा विश्व नेताओं में थे जिनसे ट्रंप ने जीत के बाद फोन पर बात की। पीएम मोदी ने अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र में ऐतिहासिक भाषण दिया। मोदी और राष्ट्रपति बराक ओबामा की तीन बार मुलाकात हुई। इस साल भारत-अमेरिका के बीच लंबे समय से लंबित सैन्य संसाधन समझौता भी हुआ।
ट्रप ने की पीएम मोदी की प्रशंसा
ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह मोदी के प्रशंसक हैं। भारत की अर्थव्यवस्था सुधारने और लालफीताशाही को खत्म करने की दिशा में कदम उठाने के लिए उन्होंने मोदी की प्रशंसा की। दोनों देशों के बीच संबंध क्लिंटन प्रशासन में मजबूत हुए, जिन्हें बुश प्रशासन ने असैन्य परमाणु समझौते के साथ आगे बढ़ाया और ओबामा प्रशासन में ये नई ऊंचाईयों पर पहुंचे।
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story