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एक्स-रे की मदद से लड़कियों को रोका जा रहा वेश्यावृत्ति में जाने से

कम उम्र की लड़कियों को इस व्यापार में जाने से रोकने के लिए इस परीक्षण को उपयोग में लाया जा रहा है।

एक्स-रे की मदद से लड़कियों को रोका जा रहा वेश्यावृत्ति में जाने से
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नई दिल्ली. देह व्यापार में प्रवेश को लेकर किशोर और किशोरी लड़कियों की बढ़ती संख्या पर अंकुश लगाने के लिए एक खास तरह के एक्स-रे परीक्षण का इस्तेमाल किया जा रहा है। कम उम्र की लड़कियों को इस व्यापार में जाने से रोकने के लिए इस परीक्षण को उपयोग में लाया जा रहा है। यह एक्स-रे परीक्षण को एक सेक्स वर्कर संगठन 'दरबार महिला समन्वय समिति' के द्वारा लगभग 1.30 लाख सदस्यों के साथ पश्चिम बंगाल में आयोजित किया जा रहा है।
बिजनेस स्टैंडर्ड द्वारा दी गई सूचना में महाश्वेता ने पीटीआइ को बताया, 'अधिकांश समय जब लड़कियों से पूछा जाता है कि उनकी उम्र 18 से ज्यादा है तो उनका जवाब हमेशा झूठ ही होता है। कभी-खभी यह निर्णय करना बड़ा कठिन हो जाता है कि उनकी उम्र 16 या 18 है। उनकी असली उम्र का पता लगाने के लिए अब एक एक्स-रे परीक्षण आयोजित किया जाता है।'
सोनागाछी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (एसआरटीआइ), एक गैर सरकारी संगठन है जो दरबार के साथ काम करता है। इस संगठन के प्रमुख समरजीत जना कहते हैं कि अब किसी भी लड़की की उम्र आसानी से कलाई और कमर की एक एक्स-रे के द्वारा निर्धारित किया जा सकता है। यह सबसे आसान तरीका है और देह व्यापार में प्रवेश करने से उम्र के अंतर्गत लड़कियों को रोकने के लिए पश्चिमी देशों में प्रचलित है। सोनागाछी एशिया की सबसे बड़ी रेड लाइट क्षेत्र है। यहां भी पहली बार ऐसी पहल करने की योजना है। राज्य सरकार की मदद से, दरबार अधिकारियों ने किशोरियों को देह व्यापार के लिए मजबूर करने वालों के खिलाफ एक अभियान शुरू कर दिया है। इस अभियान ने कूचबिहार, जलपाईगुड़ी, मालदा, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना और मुर्शिदाबाद, जहां देह व्यापार व्यापक है जैसे जिलों में रफ्तार पकड़ ली है।
एक अधिकारी ने कहा, 'हर लड़की को एक्स-रे परीक्षण करवाना होगा और अगर यह साबित हो जाता है कि महिला को इसके लिए मजबूर कर दिया गया है तो हम उसे उसके माता-पिता को या सरकारी घरों के लिए भेज देंगे। अब तक सैकड़ों किशोरियों को बचा लिया गया है।'
इस प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक आत्म नियामक बोर्ड कूचबिहार, जलपाईगुड़ी में और कुछ अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थापित किया गया है। बोर्ड में दो यौनकर्मियों, मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी, एक डॉक्टर, एक वकील और एक सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल है।
देह व्यापार में युवा लड़कियों के प्रवेश को रोकने के लिए विरोध के इस अभिनव तरीके की सराहना करने योग्य है। अन्य राज्य सरकारों से उम्मीद है कि अपने राज्यों में इस पहल को लाए और इस खतरे को रोकें।
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