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पंजाबः 2 हजार के नए नोट की फोटोकॉपी बना रहा था, गिरफ्तार

अमृतसर शहर में एक छोटा सा कंप्यूटर ऑपरेटर जो स्कैनर और प्रिंटर का उपयोग कर नकली नोटों का उत्पादन कर रहा था।

पंजाबः 2 हजार के नए नोट की फोटोकॉपी बना रहा था, गिरफ्तार
अमृतसर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा 500 और 1000 रुपए के नोटों को कागज के टुकड़े में बदलने के ऐलान के बाद से लोग परेशान हैं। बैंकों में 500, 1000 के नोट बदलने और ATM से 2000 रुपए निकालने के लिए शुक्रवार को भी लंबी लाइन लगी हुई है। हालांकि अब एटीएम से 2000 के भी नोट निकलने शुरू हो गए हैं। लेकिन फिर भी लोग 2000 के नए नोट को नहीं ले रहे हैं। लोगों को अभी असली और नकली 2000 नोट के बारे में कुछ भी पता नहीं है। इस बीच अमृतसर शहर में एक छोटे सा कंप्यूटर ऑपरेटर जो स्कैनर और प्रिंटर का उपयोग कर नकली नोटों का उत्पादन कर रहा था।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, तरन तारन पुलिस ने संदीप कुमार और हरजिंदर सिंह को 2,000 रुपए के नकली नोटों का मुद्रण करने के जुर्म में बुधवार को भीखीविंड शहर से गिरफ्तार किया था, जबकि उनका एक साथी गुरमिलाप सिंह भागने में सफल रहा।
पुलिस ने बताया कि आरोपी को लग रहा था कि 2000 के नए नोटों पर किसी भी प्रकार का सुरक्षा सुविधा जैसे रंग बदलने वाला सुरक्षा धागा और उभरा हुआ मुद्रण नहीं है। तीनों आरोपियों को पता था कि वहां भीखीविंड जैसे छोटे से शहर में 2000 रुपए के नोट ज्यादा प्रचलन मे नहीं है। उन्हें लगा कि आसानी से लोगों को बेवकूफ बनाया जा सकता है।
इस मामले में जांच अधिकारी सहायक उप निरीक्षक गुरदीप सिंह ने कहा कि संदीप, जो एक फोटोकॉपी की दुकान चलाता है, एक कंप्यूटर ऑपरेटर है। संदीप उसकी दुकान में एक कंप्यूटर, स्कैनर और प्रिंटर रखा हुआ था जिसका वो लोग महज 2000 रुपए के जाली नोटों के मुद्रण के लिए प्रयोग करते थे। एएसआइ ने कहा है कि दोनों संदीप और हरजिंदर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है जबकि गुरमिलाप सिंह पहुंच से अभी भी बाहर है। नकली 2,000 रुपए के नोटों के प्रचलन ने आम आदमी को चिंतित कर दिया है।
सोनू, एक दुकानदार जो नकली नोटों के चक्कर में पड़ गया उसने कहा कि बैंकर्स आसानी से नकली और असली नोटों के बीच फर्क कर लेते हैं लेकिन एख आम आदमी, खासकर नई मुद्रा जो देखी ही नहीं है उसमें फर्क करना मुश्किल है।
पंजाब नेशनल बैंक के निदेशक राजिंदर सिंह चिन्ना ने कहा है कि वह कुछ लोगों द्वारा इस तरह के प्रयास से ज्यादा चिंतित नहीं हैं। उन्होंने कहा, 'ये छिटपुट घटनाओं और कुछ असामाजिक तत्वों के दिमाग की उपज हैं। ये पेशेवर नकली भारतीय नोट मुद्रित नहीं कर रहे हैं जैसा कि पहले पाकिस्तान द्वारा मुद्रित कर परिचालित किया गया है।' उनका कहना है कि आम आदमी को कुछ सुविधाओं की जांच करनी चाहिए जैसे टच-डिटेक्टेबल प्रिंटिंग आदि।
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