logo
Breaking

Women''s Day 2019 Essay : महिला दिवस पर निबंध

Women''s Day 2019 Essay : महिला दिवस पर निबंध : 8 मार्च का इतिहास अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (International Women''s Day) के नाम है। विश्व महिला दिवस 2019 (International Women''s Day 2019) की थीम का नाम बैलेंस फॉर बेटर (Balance For Better) है। यह अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की थीम 2019 (International Women''s Day 2019 Theme) महिला सशक्तिकरण के आधार पर रखी है। ऐसे में महिला दिवस पर निबंध लिखना है तो हम आपके लिए लाये हैं सबसे बेस्ट इंटरनेशनल वुमन्स डे एस्से (International Women''s Day Essay)। यह अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर निबंध हिंदी (International Women''s Day Essay In Hindi) में आपके लिए सबसे बेस्ट साबित हो सकता है अगर आप महिला दिवस का यह निबंध किसी स्कूल या मंच पर पढ़ेंगे तो। श्रम की दृष्टि से देखा जाए, तो महिलाएं खासकर गृहिणियां पुरुषों की तुलना में अधिक काम करती हैं। इसके बावजूद उनके काम को महत्व नहीं दिया जाता है। यह उदासीनता न सिर्फ महिलाओं के लिए नुकसानदेह है, समाज के विकास में भी बाधक है। ऐसे में जरूरी है कि गृहिणियों के श्रम को मान-सम्मान और उचित मेहनताना दिया जाए।

Women

Women's Day 2019 Essay : महिला दिवस पर निबंध : 8 मार्च का इतिहास अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (International Women's Day) के नाम है। विश्व महिला दिवस 2019 (International Women's Day 2019) की थीम का नाम बैलेंस फॉर बेटर (Balance For Better) है। यह अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की थीम 2019 (International Women's Day 2019 Theme) महिला सशक्तिकरण के आधार पर रखी है। ऐसे में महिला दिवस पर निबंध लिखना है तो हम आपके लिए लाये हैं लिखिका 'वीना सुखीजा' द्वारा लिखित सबसे बेस्ट इंटरनेशनल वुमन्स डे एस्से (International Women's Day Essay)। यह अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर निबंध हिंदी (International Women's Day Essay In Hindi) में आपके लिए सबसे बेस्ट साबित हो सकता है अगर आप महिला दिवस का यह निबंध (Mahila Diwas Par Nibandh) किसी स्कूल या मंच पर पढ़ेंगे तो। श्रम की दृष्टि से देखा जाए, तो महिलाएं खासकर गृहिणियां पुरुषों की तुलना में अधिक काम करती हैं। इसके बावजूद उनके काम को महत्व नहीं दिया जाता है। यह उदासीनता न सिर्फ महिलाओं के लिए नुकसानदेह है, समाज के विकास में भी बाधक है। ऐसे में जरूरी है कि गृहिणियों के श्रम को मान-सम्मान और उचित मेहनताना दिया जाए।

Women's Day 2019 Speech / Mahila Diwas Par Bhashan
वीमेन डे 2019 स्पीच / महिला दिवस पर भाषण / महिला दिवस की शुभकामनाएं

अब से कुछ समय पहले मदुरै (तमिलनाडु) में एक महिला की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। उसके पति ने ट्रिब्यूनल में क्षतिपूर्ति की अपील दायर की। ट्रिब्यूनल ने 1 लाख 62 हजार रुपए मुआवजा देने को कहा। पति को यह मुआवजा मंजूर नहीं हुआ। मामला हाई कोर्ट गया, हाई कोर्ट ने मुआवजा बढ़ाकर 6 लाख 86 हजार रुपए कर दिया। साथ ही कोर्ट ने टिप्पणी भी की कि ट्रिब्यूनल ने महिला के श्रम के महत्व को कम करके आंका, जो सही नहीं है। भारत सरकार के संगठन, नेशनल सैंपल सर्वे ने भी अपने सालाना राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण (एनएसएसओ) के 68वें चक्र में इस संबंध में व्यापक आंकड़े जुटाए थे, जो बताते हैं कि महिलाएं चाहे शहरों में रहती हों या गांवों में, वो पुरुषों से ज्यादा ही काम करती हैं। लेकिन इसका दाम तो छोड़िए, उनको इसका मान भी नहीं मिलता है।

Women's Day 2019 Speech / Mahila Diwas Par Bhashan
वीमेन डे 2019 स्पीच / महिला दिवस पर भाषण / महिला दिवस की शुभकामनाएं

होता रहा है आकलन

राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण के अनुसार 64 प्रतिशत शहरी महिलाएं, जो 15 वर्ष और उससे अधिक की हैं, घरेलू काम-काज में व्यस्त रहती हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए तब यह प्रतिशत महज 60 था। इन आंकड़ों से मालूम होता है कि ज्यादातर महिलाएं घरेलू काम-काज में ही व्यस्त रहती हैं, जिसका उन्हें कोई आर्थिक लाभ नहीं मिलता है। यही कारण है कि लंबे समय से गृहिणियों के काम को मेहनताना दिए जाने की मांग हो रही है। लेकिन यह विचार व्यावहारिक रूप नहीं ले पा रहा है।

Women's Day 2019 Speech / Mahila Diwas Par Bhashan
वीमेन डे 2019 स्पीच / महिला दिवस पर भाषण / महिला दिवस की शुभकामनाएं

गौरतलब है कि गृहिणियों के पारिश्रमिक को लेकर सुप्रीम कोर्ट अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में कह चुका है, ‘एक हाउस वाइफ का भी देश की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान है, उसके काम को अनुत्पादक मानना गृहिणी के साथ भेदभाव है।’ करीब दस साल पहले भी गृहिणी की आय को अदालत ने प्रति माह छह हजार रुपए के हिसाब से आंका था। 1989 के ‘लता बधवा बनाम स्टेट ऑफ बिहार’ केस में सुप्रीम कोर्ट ने महिला की आय 3,000 रुपए प्रति माह आंकी थी, जिसे बढ़ती महंगाई को ध्यान में रखकर तीस हजारी कोर्ट, दिल्ली ने 6,000 रुपए कर दी थी। साल 2017 में यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम ने कहा था कि अगर महिलाओं को रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में पुरुषों के बराबर महत्व दिया जाए, तो भारत के सकल घरेलू उत्पाद में 2.5 से 5 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है।

Women's Day 2019 Speech / Mahila Diwas Par Bhashan
वीमेन डे 2019 स्पीच / महिला दिवस पर भाषण / महिला दिवस की शुभकामनाएं

नहीं मिली कामगार की श्रेणी

2011 की जनगणना के हिसाब से देखें, तो भारत में कुल 48.18 करोड़ कार्यशील लोगों में से 31 प्रतिशत महिलाएं थीं, जो करीब 15 करोड़ थीं। लेकिन जनगणना के उन्हीं आंकड़ों से यह भी पता चला कि 15 से 59 वर्ष के आयु वर्ग में जो कुल 30.31 करोड़ लोग थे, वे उस समय किसी काम में भाग नहीं ले रहे थे। दूसरे शब्दों में ये जो गैर-कामगार थे, इनमें 22.20 करोड़ यानी 73 प्रतिशत महिलाएं थीं। जबकि इन गैर कामगार महिलाओं में 97.6 प्रतिशत महिलाएं गृहिणी थीं, जो हर दिन 14 से 16 घंटों तक खाना बनाने, बर्तन और कपड़े धोने, बच्चों की देखभाल करने, पीने के लिए पानी भरने, घर की सफाई करने जैसे काम करती थीं। लेकिन उन्हें कामगार नहीं माना गया था। इसी जनगणना के आंकड़ों के अनुसार 76 प्रतिशत महिलाएं नौकरी करने के बाद भी घर के सभी काम करती हैं, लेकिन उनके भी घर के काम को महत्व नहीं दिया जाता है, उसे भी श्रम की श्रेणी में नहीं रखा जाता है।

Women's Day 2019 Speech / Mahila Diwas Par Bhashan
वीमेन डे 2019 स्पीच / महिला दिवस पर भाषण / महिला दिवस की शुभकामनाएं

समझें श्रम की अहमियत

यह बात लंबे समय से कही जा रही है कि अगर साल 2020 तक भारत को एक बड़ी आर्थिक ताकत बनना है, तो हमें अपने देश की महिलाओं के श्रम की महत्ता को समझना होगा। महिलाओं के श्रम को आर्थिक-दृष्टि से बराबर का सम्मान देना होगा। साथ ही उन्हें तमाम आर्थिक गतिविधियों में बराबर का महत्व देना होगा। महिलाएं अगर बड़े पैमाने पर उत्पादक यानी नकदी श्रम का हिस्सा बन जाती हैं, तो इससे न सिर्फ अर्थव्यवस्था को जबरदस्त सामाजिक और नैतिक बल मिलता है बल्कि अर्थव्यवस्था के बहुआयामी विकास का रास्ता भी साफ होता है। अब वक्त आ गया है कि महिलाओं के श्रम को न सिर्फ भावनात्मक रूप से समझा जाए और मान दिया जाए, बल्कि उनके श्रम को आर्थिक और सामाजिक रूप से भी पुरुषों के बराबर रखा जाए। तभी गृहिणियों को अपेक्षित सम्मान मिलेगा और उनके सशक्तिकरण की राह भी खुलेगी।

Women's Day 2019 Speech / Mahila Diwas Par Bhashan
वीमेन डे 2019 स्पीच / महिला दिवस पर भाषण / महिला दिवस की शुभकामनाएं
Loading...
Share it
Top