Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

डेटा लीक मामला: जुकरबर्ग ने मांगी माफी कहा- भारत में 2019 के चुनाव से पहले डाटा सुरक्षा के कड़े इंतजाम करेंगे

जुकरबर्ग ने ब्रिटिश फर्म कैंब्रिज एनालिटिका द्वारा पांच करोड़ उपयोगकर्ताओं के डेटा हासिल करके उसका इस्तेमाल अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव अभियान में डोनाल्ड ट्रंप के पक्ष में करने के आरोप लगने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से टिप्पणी की है

डेटा लीक मामला: जुकरबर्ग ने मांगी माफी कहा- भारत में 2019 के चुनाव से पहले डाटा सुरक्षा के कड़े इंतजाम करेंगे

फेसबुक डेटा लीक मामले में आलोचनाओं का सामना कर रही फेसबुक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि हम भारत में 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले अपने भारतीय यूजर के डाटा को सुरिक्षित रखने के पुख्ता इंतजाम करेंगे।

जुकरबर्ग ने दो अरब फेसबुक उपयोगकर्ताओं से उनका 'विश्वास तोड़ने के लिए' माफी मांगी और डेटा को सुरक्षित रखने के लिए कई कदम उठाने का वादा भी किया है किया।

जुकरबर्ग ने ब्रिटिश फर्म कैंब्रिज एनालिटिका द्वारा पांच करोड़ उपयोगकर्ताओं के डेटा हासिल करके उसका इस्तेमाल अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव अभियान में डोनाल्ड ट्रंप के पक्ष में करने के आरोप लगने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से टिप्पणी की है।

इसे भी पढ़ें- अमेरिका का खुलासा, पाकिस्तान में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद की संपत्ति में हुई बढ़ोतरी

फेसबुक के सीईओ ने 'गलती' स्वीकार करते हुए कहा कि वह अमेरिकी कांग्रेस के सामने मामले से जुड़े सवालों का जवाब देने के लिए 'तैयार' हैं।

दोबारा एेसा न होने का आश्वासन

जुकरबर्ग ने समाचार चैनल सीएनएन से कहा, यह विश्वास तोड़ने का बड़ा वाकया है और जो कुछ हुआ मैं उसके लिए माफी मांगता हूं। अब हमारी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करने की है कि दोबारा ऐसा ना हो। मार्क ने कहा कि दोबारा इस तरह की गलती ना हो इसके लिए फेसबुक ने कई कदम उठाए हैं।

डेटा फर्म कैंब्रिज एनालिटिका पर लगा आरोप

सीईओ ने कहा कि इस प्रक्रिया में सोशल साइट हजारों ऐप की 'गहन समीक्षा' करेगी। यह मामला उस समय सामने आया जब ट्रंप के 2016 के चुनाव अभियान से जुड़ी डेटा फर्म कैंब्रिज एनालिटिका पर आरोप लगा कि उसने बिना अनुमति के पांच करोड़ फेसबुक उपयोगकर्ताओं का निजी डेटा एकत्र किया।

इसे भी पढ़ें- पाकिस्तान दिवस पर आसिया ने उगला जहर, कहा- कश्मीर का जल्द हो पाक में विलय

जुकरबर्ग ने स्वयं को जिम्मेदार बताया

कैंब्रिज एनालिटिका ने शायद फेसबुक के कहने के बावजूद वह डेटा मिटाया नहीं है और अपने पास सुरक्षित रखा है। इससे पहले जुकरबर्ग ने फेसबुक पर इस संबंध में एक पोस्ट किया था।

उन्होंने लिखा कि कंपनी ने 'गलतियां' की है और बताया कि उपयोगकर्ताओं का डेटा सुरक्षित रखने के लिए कैसे उसने नीतियों में बदलाव किया। उन्होंने कहा, मैंने फेसबुक शुरू किया था और अंतत: यहां जो कुछ भी हुआ मैं उसके लिए जिम्मेदार हूं।

डेटा सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी कंपनी की

जुकरबर्ग ने कहा कि उपयोगकर्ताओं का डेटा सुरक्षित रखने की 'जिम्मेदारी' फेसबुक की है और यदि इसमें वह नाकाम होता है जो इसका मतलब है कि हम आपकी सेवा के लायक नहीं है।

उन्होंने स्वीकार किया कि कंपनी को अभी बहुत कुछ करने की जरूरत है। जुकरबर्ग ने कहा कि जिन लोगों के आंकड़े एनालिटिका के पास थे, फेसबुक उन सभी को सूचित करने की योजना बना रही है।

बढ़ती जा रही फेसबुक की मुश्किलें

पिछले कुछ दिनों से फेसबुक की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। उसे फेडरल ट्रेड कमीशन की जांच का सामना करना पड़ रहा है और इसके अलावा यूरोपीय संघ तथा ब्रिटिश सांसदों ने मांग की है कि फेसबुक को डेटा ब्रीच पर सफाई देनी चाहिए।

वहीं, भारत के सूचना प्रौद्योगिकी एवं कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने फेसबुक को चेताया है। दुनिया भर में फेसबुक के खिलाफ लोगों के गुस्से के कारण इस कंपनी को करीब 50 अरब डॉलर का नुकसान हो चुका है।

डेटा लीक होने के पीछे 13 लाख करोड़ का बाजार

एक रि‍सर्च रि‍पोर्ट के मुताबि‍क, दुनि‍या भर में इस वक्‍त 4,000 से ज्‍यादा डाटा ब्रोकरिंग कंपनि‍यां है। इसमें एक्सीकॉम सबसे बड़ी कंपनी है जि‍सके पास 23,000 सर्वर्स हैं जो कंज्‍यूमर डाटा को कलेक्‍ट करने और एनालाइज करने का काम करते है।

यह कंपनी दुनि‍या भर के करीब 50 करोड़ कंज्‍यूमर्स के डाटा पर काम कर रही है। रि‍सर्च कंपनी एरेन्का के मुताबि‍क, ग्‍लोबली डाटा ब्रोकरिंग की इंडस्‍ट्री 200 अरब डॉलर (13 लाख करोड़) की है। इसमें से 50 फीसदी रेवेन्‍यू मार्केटिंग प्रोडक्‍ट्स से जेनरेट होता है, इसके बाद जोखि‍म कम करने और कंज्‍यूमर सर्च का नंबर आता है।

Next Story
Top