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जेनेवा संधि क्या है ? और कैसे भारत वापस लाया जाएगा विंग कमांडर ''अभिनंदन''

बुधवार को पुंछ और राजौरी में 3 पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों के घुसने पर बुधवार को भारत ने भी जवाबी कार्रवाई की थी। वायुसेना ने घुसपैठ का जवाब देने के लिए 2 मिग-21 और 3 सुखोई- 30 भेजे थे। मिग के पायलट्स ने एक पाकिस्तानी एफ-16 मार गिराया था। इस दौरान हमारा एक मिग क्रैश हो गया और पायलट विंग कमांडर अभिनंदन पाकिस्तान में बंदी बना लिए गए। उनके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, एक वीडियो में अभिनंदन को कुछ लोग पीटते हुए दिख रहे हैं। वहीं एक वीडियो में उनकी आंखों पर पट्टी बंधी हुई है।

जेनेवा संधि क्या है ? और कैसे भारत वापस लाया जाएगा विंग कमांडर
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बुधवार को पुंछ और राजौरी में 3 पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों के घुसने पर बुधवार को भारत ने भी जवाबी कार्रवाई की थी। वायुसेना ने घुसपैठ का जवाब देने के लिए 2 मिग-21 और 3 सुखोई- 30 भेजे थे। मिग के पायलट्स ने एक पाकिस्तानी एफ-16 मार गिराया था। इस दौरान हमारा एक मिग क्रैश हो गया और पायलट विंग कमांडर अभिनंदन पाकिस्तान में बंदी बना लिए गए। उनके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, एक वीडियो में अभिनंदन को कुछ लोग पीटते हुए दिख रहे हैं। वहीं एक वीडियो में उनकी आंखों पर पट्टी बंधी हुई है।

भारत सरकार ने पाकिस्तान के इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा की है। भारत सरकार का मानना है कि पाकिस्तान ने अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया है। आइए जानते हैं पाकिस्तान ने किस कानून का उल्लंघन किया है और कैसे विंग कमांडर अभिनंदन को वापस लाया जा सकता है।
युद्ध के दौरान बंदी बनाए गए सैनिकों के लिए एक अंतरराष्ट्रीय कानून है, जिससे साल 1864 में दुनिया के कई देशों ने युद्धबंदियों को लेकर एक संधि की थी। इस संधि के तहत इस मानवता के लिए जरुरी कदम बताया गया था। इसे जेनेवा संधि कहा गया।
साल 1906 और 1929 में क्रमश: दूसरी और तीसरी संधि हुई। दूसरे विश्‍व युद्ध के बाद 1949 में 194 देशों ने जेनेवा संधि पर हस्‍ताक्षर किए। यह चौ‍थी संधि थी। इस तरह से जेनेवा समझौते में अब तक चार स‍ंधियां और तीन मसौदे शामिल है।
जेनेवा संधि में युद्धबंधियों के अधिकारों को लेकर एक तरह से अंतर्राष्ट्रीय आचार संहित है। जिसके तहत इस बात का स्पष्ट जिक्र है कि दूसरे देशों के सैनिकों के साथ कैसा बर्ताव करना है। जेनेवा संधि के अनुच्छेद-3 के तहत युद्ध के दौरान घायल युद्धबंदियों का उपचार कराने का स्‍पष्‍ट निदेश है। युद्ध के बाद युद्धबंदियों को वापस लैटाना होता है। कोई भी देश युद्धबंदियों को लेकर जनता में उत्सुकता पैदा नहीं कर सकता।
इस संधि के तहत युद्धबंदियों से सिर्फ उनके नाम, सैन्य पद, नंबर और यूनिट के बारे में पूछा जा सकता है। इस संधि के तहत युद्धबंदियों के साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार पर रोक लगाई गई है। युद्धबंदियों के साथ किसी भी तरह का भेदभाव पर रोक लगाई गई।
इसके साथ ही युद्ध में बंदी सैनिकों के लिए कानूनी सुविधा भी मुहैया करानी होगी। इस संधि के तहत युद्धबंदियों को किसी तरह से धमकाए जाने पर रोक है। उन्हें अपमानित नहीं किया जा सकता। इस संधि के मुताबिक युद्धबंदियों पर मुकदमा चलाया जा सकता है।
भारत ने इसी कानून के तहत अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर गुहार लगाई है और अपनी शिकायत दर्ज कराई है। इस संधि के तहत अब पाकिस्तान को भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान वापस लाए जा सकते हैं।

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