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बैंक डिफॉल्ट मामले में विक्रम कोठारी को मिली आठ हफ्ते की जमानत

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने हजारों करोड़ रुपए के बैंक डिफॉल्ट मामले में रोटोमैक ग्लोबल के निदेशक विक्रम कोठारी को शुक्रवार को आठ हफ्ते के लिए जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए।

बैंक डिफॉल्ट मामले में विक्रम कोठारी को मिली आठ हफ्ते की जमानत

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने हजारों करोड़ रुपए के बैंक डिफॉल्ट मामले में रोटोमैक ग्लोबल के निदेशक विक्रम कोठारी को शुक्रवार को आठ हफ्ते के लिए जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए। न्यायमूर्ति ए. आर. मसूदी ने कोठारी द्वारा अपनी अल्पकालिक जमानत याचिका पर यह आदेश दिया।

बीआई ने कोठारी को 28 फरवरी 2018 को दिल्ली में गिरफ्तार किया था। उसके बाद से वह न्यायिक हिरासत में हैं। खराब स्वास्थ्य की वजह से कोठारी इस वक्त संजय गांधी पीजीआई अस्पताल में भर्ती है। अदालत ने इससे पहले 30 नवंबर 2018 को कोठारी की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी।
अदालत ने कोठारी से रिहा होने से पहले निचली अदालत में अपना पासपोर्ट जमा करने को कहा है। साथ ही उनसे देश में अपने भ्रमण के बारे में भी इस अदालत को जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उनसे यह भी कहा गया है कि आठ हफ्ते गुजरने के फौरन बाद वह आत्मसमर्पण करें।
अभियोजन पक्ष के अनुसार कोठारी की कंपनियों ने वर्ष 2008-09 में बैंक ऑफ इंडिया की अगुवाई वाले कंसोर्टियम से 2919 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। इस कंसोर्टियम में बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूनियन बैंक, इलाहाबाद बैंक तथा ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स भी शामिल थे। आरोप है कि कंपनी के निदेशकों ने कुछ बैंक अफसरों से साठगांठ करके धन का दुरुपयोग किया।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पता है कि यह शनि कौन है..जब मेरी पार्टी सत्ता में है तब मुझे दरकिनार करने के लिए अब मैं राजनीति से नफरत करने लगा हूं। यदि यह सब करके किसी को खुशी मिलती है तो चुनाव बिल्कुल भी नहीं लड़ूंगा।'
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