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विजय माल्या देश का पहला आर्थिक अपराधी घोषित, सरकार जब्त कर सकेगी संपत्ति

मुंबई की विशेष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय की याचिका पर फरार शराब कारोबारी विजय माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी (एफईओ) घोषित कर दिया है।

विजय माल्या देश का पहला आर्थिक अपराधी घोषित, सरकार जब्त कर सकेगी संपत्ति

मुंबई की विशेष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय की याचिका पर फरार शराब कारोबारी विजय माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी (FEO) घोषित कर दिया है। माल्या नए भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम के प्रावधानों के तहत एफईओ घोषित होने वाला पहला कारोबारी बन गया है। सरकार अब माल्या की पूरी संपत्ति जब्त कर सकेगी।

पीएमएलए कोर्ट के आदेश के बाद सरकार माल्या की संपत्ति को जब्त कर सकती है। अदालत ने माल्या के वकील की उस याचिका को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया कि आदेश के बाद अपील के लिए कुछ समय दिया जाए। माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कराने के लिए प्रवर्तन निदेशालय ने अपील दायर की थी।

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इससे पहले लंदन की वेस्टमिंस्टर अदालत ने माल्या के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी। किंगफिशर एयरलाइंस के प्रमुख रहे 62 वर्षीय माल्या पर करीब 9,000 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी और धन शोधन का आरोप है।

एसबीआई के नेतृत्व वाले 17 बैंकों के कंसोर्शियम ने माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस को लोन दिया था। माल्या लोन नहीं चुका पाया और मार्च 2016 में लंदन भाग गया। पिछले साल अप्रैल में प्रत्यर्पण वारंट पर गिरफ्तारी के बाद से माल्या जमानत पर है। मुख्य मजिस्ट्रेट जज एम्मा आबुथनॉट माल्या ने मामले में फैसला सुनाया था।

आरोप और जांच एजेंसियां

1. मनी लॉन्ड्रिंग- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी)

2. लोन की रकम डायवर्ट-सीबीआई

3. किंगफिशर एयरलाइंस में वित्तीय अनियमितताएं -एसएफआईओ

4. शेयरों की राउंड ट्रिपिंग-सेबी

5. सर्विस टैक्स नहीं चुकाया-आयकर विभाग

6. विल्फुल डिफॉल्टर-डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल, बेंगलुरु

26 दिन में दूसरा झटका

लंदन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत 10 दिसंबर को यह फैसला दे चुकी है कि माल्या को भारत प्रत्यर्पित किया जाए। अदालत ने मामला ब्रिटिश सरकार को भेज दिया था। वहां की सरकार अदालत के फैसले से संतुष्ट होती है तो वह माल्या के प्रत्यर्पण का आदेश जारी करेगी।

माल्या ने बताया-राजनीति से प्रेरित

गौरतलब है कि माल्या अपने खिलाफ मामले को राजनीति से प्रेरित बताता रहा है। माल्या ने ट्वीट कर यह भी कहा था, मैंने एक भी पैसे का कर्ज नहीं लिया। कर्ज किंगफिशर एयरलाइंस ने लिया था। दुखद कारोबारी विफलता की वजह से यह पैसा डूबा है। गारंटी देने का मतलब यह नहीं है कि मुझे धोखेबाज बताया जाए।

क्या है कानून?

वित्तीय घोटाला कर रकम चुकाने से इनकार करने वालों पर इस कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है। आर्थिक अपराध में जिनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया हो उन पर कार्रवाई का प्रावधान है। 100 करोड़ रुपए से ज्यादा के लोन डिफॉल्टर्स पर कार्रवाई की जा सकती है। भगोड़े आर्थिक अपराधियों की संपत्तियां बेचकर भी कर्ज देने वालों की भरपाई का प्रावधान है।

इधर, नीरव बोला- नहीं आ सकता भारत

13,700 करोड़ रुपए के पीएनबी घोटाले के आरोपी नीरव मोदी ने विशेष अदालत को जवाब भेजा है। नीरव ने कहा है कि उसने कुछ गलत नहीं किया। पीएनबी घोटाला दो पक्षों के बीच लेन-देन का मामला है जिसे आपस में सुलझाया जा सकता है। इसे बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया। नीरव का कहना है कि वह सुरक्षा कारणों से भारत नहीं आ सकता। नीरव फिलहाल यूके में रह रहा है।

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