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अमेरिका ने बढाई भारत की शान, पैसिफिक कमांड का नाम बदलकर यूएस-इंडो पैसिफिक कमांड किया

अमेरिकी ने कहा कि यह कदम पेंटागन के लिए भारत की बढ़ती अहमियत की तरफ इशारा करता है। दूसरी तरफ अमेरिकी सेना ने अपने नाम के साथ जोड़ा भारत।

अमेरिका ने बढाई भारत की शान, पैसिफिक कमांड का नाम बदलकर यूएस-इंडो पैसिफिक कमांड किया

अमेरिकी सरकार की ओर से उठाए गए ताजा कदम से भारत की शान में जबरदस्त इजाफा हुआ है। अमेरिकी सेना ने अपनी प्रशांत कमान (पेसेफिक कमांड) का नाम बदलकर उसके साथ भारत का नाम भी जोड़ दिया है।

अमेरिकी सेना की इस महत्वपूर्ण कमान का अब नया नाम यूएस-इंडो पैसिफिक कमांड यानी हिंद-अमेरिकी प्रशांत कमान हो गया है। इस फैसले से चीन पर परोक्ष रूप से दबाव बढ़ गया है।

अमेरिकी अधिकारियों की मानें तो यह कदम पेंटागन के लिए भारत की बढ़ती अहमियत की तरफ इशारा करता है। दूसरी तरफ अमेरिकी सेना ने अपने नाम के साथ जोड़ा भारत।

बृहस्पतिवार को ट्रंप प्रशासन ने यह फैसला हिंद और प्रशांत महासागरों के बीच बढ़ते संपर्क और भारत के बढ़ते वर्चस्व को देखते हुए लिया है। अमेरिका के रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने संयुक्त अमेरिकी सैन्य बेस पर्ल हार्बर में चेंज ऑफ गार्ड सेरेमनी के दौरान इस आशय की घोषणा की।

कार्यक्रम के दौरान एडमिरल फिल डेविडसन ने हिंद-अमेरिकी प्रशांत कमान या हिंद पीएसीओएम के कमांडर के रूप में हैरी हैरिस का स्थान लिया है। हैरी हैरिस को राष्ट्रपति ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के लिए राजदूत चुना है।

यूएस पेसिफिक कमांड को अमेरिकी सेना की सबसे अहम कमान माना जाता है जिसमें प्रशांत क्षेत्र की सभी गतिविधियों की जिम्मेदारी के लिए यूएस आर्मी के करीब 3,75,000 सैन्य व असैन्य लोग तैनात हैं।

अब इसी कमान में भारत की भी हिस्सेदारी होगी। इससे पहले 2016 में अमेरिका ने सैन्य सहयोग में सुधार और सूचनाओं को साझा करने के मकसद से भारत को प्रमुख रक्षा सहयोगी भी नामित किया था। अमेरिकी कमांड का नाम बदलने की कार्रवाई प्रशांत क्षेत्र में भारत को विशिष्ट दर्जा देने के संकेत के रूप में देखी जा रही है।

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