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उरी अटैक: एनआइए की जांच में हुए ये 5 बड़े खुलासे

मारे गए आतंकियों के पास से दो जीपीएस सेट बरामद हुए।

उरी अटैक: एनआइए की जांच में हुए ये 5 बड़े खुलासे
नई दिल्ली. उरी आतंकी हमले की जांच में कई नई बातें सामने आई हैं। आर्मी ने पहले यह बताया था कि चारों आतंकी जैश-ए-मोहम्मद के थे। लेकिन अब यह खुलासा हुआ है कि 18 भारतीय जवानों की जान लेने वाली आतंकी लश्करे-तैयबा के थे। इन्होंने 2 जगहों पर फेंसिंग (कंटीले तार) काटी और घुसपैठ की। जानिए एनआइए की जांच में क्या क्या खुलासे हुए हैं...
1. लश्कर और जैश-ए-मोहम्मद के थे आतंकी
जम्मू-कश्मीर के उड़ी सेक्टर में बीते रविवार को आर्मी बेस पर हमला करने वाले चारों आतंकी लश्करे-तैयबा के थे। इन्होंने एक दिन पहले PoK (पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर) से घुसपैठ की थी। इससे पहले, डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशन (DGMO) लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने कहा था कि आतंकी जैश-ए-मोहम्मद के थे। बता दें कि लश्कर और जैश दोनों ही पाकिस्तान सपोर्टेड टेरर ग्रुप हैं।
2. आतंकियों ने दो जगहों से घुसपैठ की
NIA की जांच में यह भी सामने आया है कि आतंकियों ने दो जगहों से घुसपैठ की। पहले उन्होंने उड़ी में 12th ब्रिगेड हेडक्वार्टर के चारों ओर लगे कंटीले तारों को दो जगहों पर काटा, फिर घुसे। इन दोनों ही जगहों पर आर्मी का कड़ा पहरा रहता था। कंटीले तारों को काटने के बाद आतंकी उड़ी आर्मी बेस में 150 मीटर तक बेरोकटोक अंदर चले आए। कैम्प तक पहुंचने के दौरान उन्हें किसी ने चुनौती नहीं दी। बता दें कि यह पहले सामने आ चुका है कि आतंकी आर्मी जवानों की ड्रेस में थे।
3. 'इनसाइड हेल्प' से इनकार नहीं
जांच में यह सामने आया है कि आतंकी LoC (लाइन ऑफ कंट्रोल) के पास स्थित आर्मी के बेस से अच्छी तरह वाकिफ थे। जांचकर्ताओं ने आतंकियों के सटीक हमले को देखते हुए उन्हें 'इनसाइड हेल्प' से इनकार नहीं किया है। इस बात के भी संकेत मिले हैं कि उन्हें घुसपैठ में मदद की गई।
4. आतंकियों ने कैम्प के कुकिंग रूम और स्टोर रूम को बाहर से बंद कर दिया
जांच में यह पाया गया है कि आतंकियों ने कैम्प के कुकिंग रूम और स्टोर रूम को बाहर से बंद कर दिया था। इसके बाद उनमें आग लगा दी। जांचकर्ताओं के मुताबिक, कुकिंग रूम और स्टोर रूम को लॉक करने के बाद 2 आतंकी ऑफिसर्स क्वार्टर्स की तरफ बढ़े थे। लेकिन इससे पहले कि वे कुछ और नुकसान करते, उन्हें मार गिराया गया।
5. आतंकियों के पास थे पाकिस्तान की मुहर वाले कई सामान
मारे गए आतंकियों के पास से दो जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) सेट बरामद हुए हैं। हमले में ये डैमेज हो गए। एनआईए ने दोनों सेट को आगे जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया है। आतंकियों के पास प्लास्टिक की छोटी बोतलें भी थीं, इनमें petroleum jelly और gelatin थी। इसका इस्तेमाल उन्होंने सोल्जर्स के टेन्ट में आग लगाने में किया। जवाबी कार्रवाई में मारे गए चारों आतंकियों के पास से पाकिस्तान की मुहर वाले कई सामान बरामद हुए हैं। हमले में पाकिस्तान का हाथ साबित करने के लिए ये अहम सबूत हैं।
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