Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

10वीं में पढ़ते हैं उरी हमले में आतंकियों की मदद करने वाले छात्र

छात्रों ने आतंकियों की मदद करने की बात कुबूल ली है।

10वीं में पढ़ते हैं उरी हमले में आतंकियों की मदद करने वाले छात्र
श्रीनगर. जम्मू कश्मीर के उरी में आर्मी कैंप पर हुए हमले में मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए दो पाकिस्तानी 10वीं में पढ़ने वाले छात्र हैं। छात्रों का कहना था कि, वह एलओसी के पार भटककर आ गए थे। भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार दोनों पाकिस्तानियों ने “उरी हमला करने में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों को भारत में घुसने में मदद की थी। छात्रों ने आतंकियों की मदद करने की बात कुबूल कर ली है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक फैसल हुसैन अवान पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के कूमी कोटे गांव का रहने वाला है। फैसल और मुजफ्फराबाद के बाला तहसील के रहने वाले उसके स्कूली दोस्त अहसान खुर्शीद को 21 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। वहीं उरी आर्मी कैंप पर 18 सितंबर को हमला हुआ था। फैसले और अहसान के गांव उरी के नजदीक एलओसी से एक घंटे की दूरी पर हैं।
फैसल के भाई और लाहौर स्थित डॉक्टर गुलाम मुस्तफा तबस्सुम ने दावा किया कि दोनों लड़के 17 सितंबर को घर पर ही थे। भारतीय नेशनल इन्वेस्टिगेश टीम (एनआईए) को मिले जीपीएस उपकरणों के अनुसार उरी हमला करने वाले आतंकवादियों ने 17 सितंबर को एलओसी पार किया था। दोनों लड़कों के परिजनों ने उनके हमलें में शामिल होने से इनकार किया है।
भारतीय सेना ने 24 सिंतबर को कहा था कि पकड़े गए दोनों शख्स “पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के रहने वाले हैं और आंतकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के लिए काम करते हैं।” हालांकि दोनों लड़कों के उरी हमले से संबंध होने के अब तक कोई सबूत नहीं मिले हैं। वहीं हमले के लिए लश्कर-ए-तैयबा को जिम्मेदार बताया जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर के पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 20 सितंबर को दोनों लड़कों को पकड़ने वाले उरी के स्थानीय निवासियों ने बताया कि लड़कों ने पहले किसी भी तरह की कोई गलत हरकत करने से इनकार किया और उन्होंने दावा किया कि वो एलओसी पार से भटककर आ गए हैं। वहीं दोनों छात्रों को आतंकियों की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों पाकिस्तानी छात्रों ने “उरी स्थित आर्मी कैंप पर हमला करने वाले जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों को भारत में घुसने में मदद करने की बाद स्वीकार कर ली है।”
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-
Next Story
Top