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उत्तर प्रदेश, बिहार में बाढ़ से जद्दोजहद

उत्तर प्रदेश, बिहार के कई जगहों पर विभिन्न नदियों में आई बाढ़ से उपजे हालात और दुश्वार हो गए हैं।

उत्तर प्रदेश, बिहार में बाढ़ से जद्दोजहद
नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश में गंगा और यमुना समेत कई नदियों की बाढ़ से उपजे हालात और दुश्वार हो गए हैं। सूबे के सिंचाई मंत्री शिवपाल यादव ने अधिकारियों को बचाव एवं राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये हैं। राहत आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, गंगा नदी की बाढ़ से इलाहाबाद, मिर्जापुर, वाराणसी, गाजीपुर और बलिया के कुल 950 से ज्यादा गांवों की साढ़े आठ लाख से ज्यादा की आबादी प्रभावित हुई है।

अब तक 28 जिले बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं। बाढ़ में बचाव एवं राहत कार्य के लिये राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) की मदद ली जा रही है। इस बीच, बलिया से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश के सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने गुरुवार को जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और अधिकारियों के साथ बैठक करके राहत एवं बचाव कायरें की समीक्षा की। यादव ने कहा कि बाढ़ राहत कार्य में धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी और इस काम में लापरवाही बरतने वाले अफसर बख्शे नहीं जाएंगे। उन्होंने स्वीकार किया कि वाराणसी, गाजीपुर और बलिया में बाढ़ की वजह से हालात बहुत खराब हो गये हैं।
बलिया में ही दो लाख से ज्यादा की आबादी बाढ़ से प्रभावित है। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित हर परिवार को एक साथ 15 दिन का राशन दिया जाएगा। ग्राम प्रधानों की जिम्मेदारी होगी कि उनके इलाके में कोई भी भूखा ना रहे। इलाहाबाद, मिर्जापुर, वाराणसी, गाजीपुर एवं बलिया में बाढ़ से निपटने के लिये अब तक 323 बाढ़ चौकियां, 142 राहत शिविर तथा 101 राहत वितरण केंद्रों की स्थापना की गयी है। बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री बांटी गयी है।

नीतीश के दौरे से बाढ़ राहत शिविरों की तस्वीर बदल गई
सीएम नीतीश कुमार की बाढ़ राहत शिविरों के दौरे की सूचना के साथ ही मनेर से मोकमा तक के राहत शिविरों की तस्वीर अचानक बदल गयी। सीएम की आने की सूचना के साथ ही मुख्यमंत्री रिलीफ फंड से पीड़ितों के लिए धोती, साड़ी, सेनेटरी नैपकीन, बच्चों के कपड़े आदि की खरीद कर वितरण किया गया। बाढ़ पीड़ितों के बीच त्वरित साबुन, आईना, कंघी, सुगंधित तेल बांटा गया।
सीएम ने मनेर के राहत शिविर में चापाकल के समीप जल जमाव पर अधिकारियों को अविलंब जल निकासी का निर्देश दिया। साथ ही राहत शिविरों में गंदगी हर हाल में दूर करने का निर्देश देते हुए कहा कि जगह-जगह ब्लिीचिंग पाउडर, फिनाइल की गोली से सफाई का इंतजाम करें। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि शिविर में बेटी की जन्म पर 15 हजार रुपये और बेटा के जन्म पर दस हजार रुपये देने का सभी जिलों को निर्देश दिया जाये। यह सभी खर्च मुख्यमंत्री राहत कोष से किया जायेगा। सीएम ने शिविरों के दौरा के क्रम में रोशनी, शुद्ध पेय जल, खाना बनाने के जगह की सफाई की हिदायत दी।
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