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व्हॉट्सएप पर वायरल हुई वीडियो, महिला ने खाया जहर

40 वर्षीय एक महिला ने अपने दुष्कर्म के वीडियो के वायरल हो जाने के बाद आत्महत्या कर ली।

व्हॉट्सएप पर वायरल हुई वीडियो, महिला ने खाया जहर
उत्तर प्रदेश. एक गांव में रहनेवाली 40 साल की औरत तब आत्महत्या करने पर मजबूर हो गई जब उसके बलात्कार का वीडियो सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट व्हाट्सएप पर वायरल हो गया।
घटना उत्तर प्रदेश की है जहां 40 वर्षीय एक महिला ने अपने दुष्कर्म के वीडियो के वायरल हो जाने के बाद आत्महत्या कर ली। महिला एक आशा कार्यकत्री के रूप में एक स्वास्थ्य कर्मी थी। जानकारी के मुताबिक महिला का पति शराबी बताया गया है जिससे घर चलने की जिम्मेदारी महिला के कन्धों पर ही थी।
गौरतलब है कि दिसंबर 2015 में पास के गांव का एक लड़का महिला का पीछा करने लगा। महिला के साफ़ इनकार करने के बावजूद युवक उसे धमकी देने लगा। महिला के साथ काम करनेवाली उसकी दोस्त के मुताबिक युवक को महिला को धमकी भी दी थी।
महिला की सहेली के मुताबिक एक दिन युवक ने अपने चार दोस्तों के साथ मिलकर उसका रेप किया और वीडियो भी बना लिया था। महिला ने इसकी शिकायत गांव की पंचायत में की तो गांव वालों ने उसमें ही कमियां निकालनी शुरू कर दी। कुछ समय बाद आरोपी ने दुष्कर्म का वीडियों व्हाट्सएप पर वायरल कर दिया। इससे आहत महिला ने जहर खाकर अपनी जान दे दी।
बता दें कि सामूहिक बलात्कार का फ़ोन पर वीडियो बनाना और 'मेसेजिंग' सेवाओं के ज़रिए उसे फैलाने के कई मामले सामने आए हैं। हैदराबाद में तस्करी के ख़िलाफ़ मुहिम चला रही महिला सुनीता कृष्णनन ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से इस मुद्दे से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने के आदेश दिए जाने की अपील की थी।
सुप्रीम कोर्ट में वकील पवन दुग्गल ने बताया कि अदालत इस जानकारी से हैरान थी और उसने दूरसंचार मंत्रालय को फ़ेसबुक और वॉट्सऐप के ज़रिए ऐसे वीडियो बांटे जाने के चलन के रोकथाम के लिए कदम उठाने को कहा। दुग्गल ने कहा, "ऐसे मामलों की बात नहीं होती पर इसका मतलब ये नहीं कि सब सामान्य है, औरतों को हर व़क्त निशाना बनाया जा रहा है, और इससे अंदर ही अंदर एक बेचैनी फैल रही है।" ये बेचैनी पूरे देश में है पर गांव के स्तर पर असली परेशानी अपराध कर रहे उन मर्दों से नहीं बल्कि उन औरतों से है जो नई तकनीक का इस्तेमाल घर के पुराने सीमित दायरे से बाहर निकलने के लिए कर रही हैं।
नई तकनीक का पारंपरिक मूल्यों पर ग़लत असर पड़ने का ऐसा डर है कि पंचायतों ने कई बार लड़कियों के मोबाइल फ़ोन इस्तेमाल करने पर पाबंदी तक लगाई है।
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