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पुलवामा आतंकी हमला: नितिन गडकरी का ऐलान, बूंद-बूंद को तरसेगा पाकिस्तान

सरकार ने पाकिस्तान की ओर जाने वाले ‘हमारे हिस्से के पानी'' को रोकने और पूर्वी नदियों की धारा जम्मू कश्मीर और पंजाब की ओर मोड़ने का फैसला किया।

पुलवामा आतंकी हमला: नितिन गडकरी का ऐलान, बूंद-बूंद को तरसेगा पाकिस्तान

मोदी सरकार ने पाकिस्तान की ओर जाने वाले ‘हमारे हिस्से के पानी' को रोकने और पूर्वी नदियों की धारा जम्मू कश्मीर और पंजाब की ओर मोड़ने का फैसला किया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने यह जानकारी दी। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब कुछ ही दिन पहले पुलवामा में आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उत्तर प्रदेश के बागपत में कहा कि हमारी 3 नदियों का पानी पाकिस्तान जा रहा था, अब हम एक परियोजना बनाने की योजना बना रहे हैं और इन तीन नदियों के पानी को यमुना नदी में डायवर्ट कर सकते हैं। एक बार ऐसा होने पर यमुना नदी में अधिक पानी होगा।

गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने पाकिस्तान की ओर जाने वाले ‘हमारे हिस्से के पानी' को रोकने का निर्णय किया है। हम पूर्वी नदियों की धारा का मार्ग परिवर्तित करेंगे और जम्मू कश्मीर और पंजाब में अपने लोगों को पहुंचायेंगे।

सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि रावी, व्यास और सतलुज नदियों से पाकिस्तान जाने वाले जल को जम्मू-कश्मीर और पंजाब की ओर मोड़ा जाएगा । गडकरी ने कहा कि रावी नदी पर शाहपुर..कांडी बांध का निर्माण शुरू हो गया है। इसके अलावा यूजेएच परियोजना के जरिये जम्मू कश्मीर में उपयोग के लिये हमारे हिस्से के पानी का भंडारण होगा और शेष पानी दूसरी रावी व्यास लिंक के जरिये अन्य राज्यों के बेसिन में प्रवाहित होगा।

गडकरी ने बुधवार को बागपत में मेरठ-बागपत-हरियाणा बॉर्डर तक के दो लेन सड़क निर्माण का शिलान्यास किया तथा नमामि गंगे के तहत बागपत में 14 एमएलडी एसटीपी निर्माण कार्य आधारशिला रखी।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के बागपत में मेरठ-बागपत-हरियाणा बॉर्डर तक के दो लेन सड़क निर्माण का शिलान्यास किया तथा नमामि गंगे के तहत बागपत में 14 एमएलडी एसटीपी निर्माण कार्य आधारशिला रखी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब पाकिस्तान का पानी रोककर यमुना में लाया जाएगा। इसके लिए भारत के अधिकार वाली तीन नदियों के लिए प्रोजेक्ट तैयार कर लिया गया है। दिल्ली -आगरा से इटावा तक जलमार्ग की डीपीआर भी तैयार हो चुकी है।

बागपत में रिवर पोर्ट बनाया जाएगा। पानी की कमी दूर होने से किसान अपनी फसल चक्र बदलें और चीनी मिलें गन्ने के रस से एथनॉल बनाएं, तो रोजगार और आमदनी भी बढ़ेगी।

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